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पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा लगाने वाली लड़की पर एनआईए की नजर, हाईकोर्ट में याचिका

ब्यूरो रिपोर्ट।
बैंगलुरू की वह 19 साल की ईसाई बच्ची अमूल्य लीओना याद तो होगी ही। हां, वही जिसने नागरिकता संशोधन एक्ट यानी सीएए के खिलाफ आयोजित एक रैली में ‘‘पाकिस्तान जिंदाबाद’’ के नारे लगाए थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को लगता है कि उसने यदि इस मामले को देखना शुरू किया तो कुछ बड़ा खुलासा संभव है, इसलिए मामले को अपने यहां स्थांतरित करने के लिए उसने कनार्टक हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है।
  उल्लेखनीय कि अमूल्य लीओना ने 20 फरवरी को बैंगलुरू के फ्रीडम पार्क में एंटी-सीएए रैली में पाकिस्तान समर्थक नारे लगाए थे। उस दौरान मंच पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी मौजूद थे। अमूल्य को नारे लगाते देख अवैसी भागकर मंच पर पहुंचे और उन्होंने से उसे नारे लगाने से रोक दिया। बावजूद इसके उसकी इस हरकत को देशद्रोही के श्रेणी में मानते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। बैंगलुरू की स्थानीय अदालत ने उसे 11 जून को शर्तों के साथ बेल दिया है। इस दौरान उसके वकील की दलील थी कि वह अभी 19 वर्ष की है। एक स्थानीय निजी कॉलेज में पढ़ती है। देशद्रोह के मामले में वकील की दलील थी कि इसने पाकिस्तान के नारे जरूर लगाए, पर यह नहीं कहा कि पाकिस्तान उसका देश है।

इस मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट में चार्जशीट फाइल कर एनआईए के वकील विशाल रघु ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्हांेने कहा कि अमूल्य के मामले में न तो समय पर चार्जशीट दाखिल की गई और न ही सरकार से मामले को हाईकोर्ट में ले जाने की सिफारिश की गई। जाहिर, अब इस मामले को एनआईए अपने स्तर से देखना चाहती है।