पीएफआई के 270 लोग फिर हिरासत में, कार्रवाइयों का ठोस नतीजा सामने नहीं आने से उठने लगे सवाल
Table of Contents
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली
पीएफआई के फिर 270 से अधिक लोग गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए. इससे पहले एक सौ से अधिक लोगों को आतंकवाद, दंगा फैलाने और विदेशी फंडिंग के आरोप में पकड़ा गया था. इन गिरफ्तारियों को लेकर टीवी डिबेट में जिस तरह की बातें कही जा रही हैं, उस हिसाब से सरकार की ओर से अब तक ऐसे कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे पता चले कि पीएफआई वास्तव में देशद्रोह के मामले में संगीन तौर पर संलिप्त है. सबूत और अधिकारिक बयान सामने नहीं आने के कारण जहां मुसलमानों के एक वर्ग में कार्रवाई के प्रति गरमाहट बढ़ने लगी है, वहीं सवाल भी उठने लगे हैं.
मंगलवार की रात एनडीटीवी इंडिया के एक कार्यक्रम में जिसे नगमा सेहर होस्ट कर रही थीं, राजनीतिक विशलेषक संजय राणा और कांग्रेस के तहसीन पूना वाला ने एनआईए की कार्रवाई को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए. राणा ने यहां तक कहा कि अभी तक ऐसे कोई सबूत सामने नहीं आए हैं, जिसको लेकर पीएफआई के बारे मंे कुछ ठोस कहा जा सकता है. जबकि पूना वाला ने कहा कि जहां-जहां विधानसभा और निकाय चुनाव होने वाले हैं, वहीं गिरफ्तारियां हो रही हैं. यह भी कहा जा रहा है कि अधिकतर बीजेपी शासित प्रदेशों से ही पीएफआई के लोग क्यों उठाए जा रहे हैं. जमात-ए-इस्लामी हिंद एनआईए की कार्रवाई को लेकर कुछ अधिक ही खफा है. इसपर सवाल उठाते हुए इसके तमिलनाडु के प्रभारी ने कहा कि मुसलमानों को डराने की कोशिश कामयाब नहीं होगी.
वैसे, इस मामले में अब तक सरकार और एनआईए की तरफ से कोई अधिकारिक बयान जारी नहीं किए गए हैं, जिससे पता चल सके कि पीएफआई का रवैया क्या रहा है ? अब तक सूत्र और दावों के हिसाब से ही बातें सामने आ रही हैं. चूंकि खुफिया विभाग की इससे संबंधित सारी रिपोर्ट गुप्त हैं, इसलिए सिवाए कयास लगाने के और कुछ नहीं. यदि गुप्त रिपोर्ट ही बाहर आ रही है तो फिर यह गुप्त रिपोर्ट कैसी ?
दंगे कराने का आरोप
अब 270 लोगों की गिरफ्तारी और हिरासत में लिए जाने के बाद खुफिया सूत्रों के हवाले से सीएनएन न्यूज 18 ने दावा किया कि मंगलवार को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर भारी कार्रवाई हुई, जिसने सात राज्यों में 270 लोगों को एहतियातन हिरासत में भेज दिया. इसका उद्देश्य मुख्य रूप से उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना है, जिनके लामबंद होने की संभावना है. दंगा करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर.
सूत्रों ने कहा कि बंदियों को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा और बांड भरने के लिए कहा जाएगा कि वे दंगों में शामिल नहीं होंगे. सूत्रों ने कहा कि उन्हें अगले दो से तीन दिनों में रिहा कर दिया जाएगा. सूत्रों ने बताया कि पहले दौर की छापेमारी के बाद पीएफआई दंगों और सांप्रदायिक तनाव की साजिश रच रहा था.
दूसरे दौर की छापेमारी में, राज्य पुलिस बलों ने उत्तर प्रदेश में 56, कर्नाटक में 74, असम में 23, दिल्ली में 34, महाराष्ट्र में 47, मध्य प्रदेश में 21 और गुजरात में 15 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान पहले दौर में हुई थी.22 सितंबर को, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के नेतृत्व में बहु-एजेंसी टीमों ने देश में आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करने के लिए 15 राज्यों में 106 पीएफआई नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया.
एनआईएपी एपीएफआई से जुड़े 19 मामलों की जांच कर रही है. इस बीच मंगलवार को पुलिस की टीमों ने अपने-अपने राज्यों में छापेमारी की. उनके खिलाफ आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 107 और 151 के तहत निवारक नजरबंदी के मामले दर्ज किए गए हैं.
विदेशों में तीन संगठन
खुफिया सूत्रों के मुताबिक, पीएफआई खाड़ी देशों में तीन प्रमुख संगठन चलाता है, जिनमें इंडिया फ्रेटरनिटी फोरम (आईएफएफ), इंडियन सोशल फोरम (आईएसएफ) और रेहान इंडियन फाउंडेशन (आरआईएफ) शामिल हैं. पीएफआई ने मुस्लिम विरोधी संगठनों और व्यक्तियों को हिंसक प्रतिक्रिया देने के लिए कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया.
आतंकी संगठन होने का दावा
एक समूह अंतरराष्ट्रीय सहानुभूति हासिल करने और कानूनी सहायता के आह्वान के लिए सामूहिक लामबंदी में शामिल है. सूत्रों ने कहा कि ये समूह राजनीतिक प्रतीत होते हैं, लेकिन इनके आतंकवादी संबंध हैं और पूर्वी दिल्ली जैसे दंगों को दोहराना चाहते हैं. सूत्रों ने कहा कि बंदियों को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा और बांड भरने के लिए कहा जाएगा कि वे दंगों में शामिल नहीं होंगे. सूत्रों ने कहा कि उन्हें अगले दो से तीन दिनों में रिहा कर दिया जाएगा.
छापेमारी में अखिल भारतीय इमाम परिषद के महाराष्ट्र प्रमुख गिरफ्तार
उधर,महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के खिलाफ छापेमारी चल रही है. इस क्रम में नासिक पुलिस अपराध शाखा ने मंगलवार को अखिल भारतीय इमाम परिषद के राज्य प्रमुख को गिरफ्तार कर लिया. मौलाना इरफान दौलत नदवी के साथ संस्था के एक अन्य सदस्य को गिरफ्तार किया गया है.
केंद्रीय एजेंसी और राज्य के आतंकवाद निरोधी दस्ते द्वारा ठाणे, नासिक और मालेगांव सहित राज्य के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की गई. पुलिस निरीक्षक हेमंत पाटिल ने कहा, अखिल भारतीय इमाम परिषद के राज्य प्रमुख मौलाना इरफान दौलत नदवी और पीएफआई सदस्य राशिद शाहदैन शहीद इकबाल को नासिक पुलिस अपराध शाखा ने कल देर रात धारा 151के तहत हिरासत में लिया.
पीएफआई से जुड़े लगभग 40 लोगों को अब तक औरंगाबाद, सोलापुर, अमरावती, पुणे, ठाणे और मुंबई से हिरासत में लिया गया है. यह पूरा ऑपरेशन राज्य की स्थानीय पुलिस द्वारा एक केंद्रीय एजेंसी के इनपुट के साथ किया गया है. सभी से पूछताछ जारी है.पुणे पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने मंगलवार सुबह कोंढवा इलाके से एसडीपीआई और पीएफआई से जुड़े छह लोगों को हिरासत में लिया. आगे के विवरण की प्रतीक्षा है.पांच अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी छापे मारे जा रहे हैं जिनमें असम, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश और कर्नाटक शामिल हैं.