400 हिट, 50 ब्लॉकबस्टर, फिर भी भुला दिए गए सुपर स्टार Prem Nazir
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नौशाद अख्तर
भारतीय सिनेमा में जब सबसे बड़े सितारों की बात होती है तो अमिताभ बच्चन, राज कपूर, दिलीप कुमार, राजिनीकांत, कमल हासन, चिरंजीवी और शाहरुख खान जैसे नाम सबसे पहले याद आते हैं। हर अभिनेता की अपनी खासियत रही है।
किसी ने बॉक्स ऑफिस पर लंबे समय तक राज किया। किसी की फिल्मों ने सबसे ज्यादा दर्शक जुटाए। किसी का स्टारडम कई पीढ़ियों तक कायम रहा।
लेकिन अगर सवाल यह हो कि किस अभिनेता ने सबसे ज्यादा सफल फिल्में दीं, तो तस्वीर कुछ अलग दिखाई देती है।
इस मामले में मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता प्रेम नजीर का नाम सामने आता है। उद्योग से जुड़े अनुमानों के मुताबिक, प्रेम नजीर ने अपने करियर में 400 से ज्यादा हिट फिल्में दीं। इनमें करीब 50 फिल्मों को ब्लॉकबस्टर माना जाता है।
यह आंकड़ा उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे ज्यादा सफल फिल्मों वाले अभिनेताओं में खड़ा करता है।

शाहरुख, अमिताभ और रजनीकांत से भी आगे
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, अमिताभ बच्चन के नाम करीब 60 हिट फिल्में बताई जाती हैं। इनमें लगभग 11 ब्लॉकबस्टर शामिल हैं।
रजनीकांत की करीब 70 हिट फिल्मों का उल्लेख किया गया है। उनके नाम लगभग एक दर्जन ब्लॉकबस्टर बताई जाती हैं।
वहीं आधुनिक बॉलीवुड के बड़े सितारों में अक्षय कुमार, शाहरुख खान और सलमान खान के खाते में करीब 35 से 38 हिट फिल्में बताई गई हैं। सलमान खान की करीब 15 फिल्मों को ब्लॉकबस्टर बताया गया है।
अगर अमिताभ बच्चन, रजनीकांत और शाहरुख खान के कथित हिट आंकड़ों को जोड़ दिया जाए तो संख्या करीब 150 तक पहुंचती है।
प्रेम नजीर के लिए यही आंकड़ा 400 से अधिक बताया जाता है।
यही वजह है कि उनके करियर की लंबाई और फिल्मों की संख्या आज भी हैरान करती है।
हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है। अलग अलग दौर की फिल्मों की सफलता मापने के तरीके अलग रहे हैं। पुराने समय में बॉक्स ऑफिस के आंकड़े आज की तरह व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध नहीं थे। इसलिए प्रेम नजीर की 400 से ज्यादा हिट फिल्मों का आंकड़ा उद्योग अनुमानों पर आधारित बताया जाता है।
Prem Nazir Holds An Unmatched Record With 400 Hits And 50 Blockbustershttps://t.co/08ImvUAhUy#PremNazir #MalayalamCinema
— TrendKia (@trendkia) September 7, 2026
मलयालम सिनेमा के Evergreen Hero
प्रेम नजीर का असली नाम अब्दुल खादर था। उनका जन्म 1929 में हुआ था।
उन्होंने अभिनय की शुरुआत फिल्मों से नहीं बल्कि रंगमंच से की। वर्ष 1951 में उन्होंने शेक्सपियर के प्रसिद्ध नाटक द मर्चेंट ऑफ वेनिस में शाइलॉक का किरदार निभाया।
इसके बाद उनका फिल्मों की तरफ रुख हुआ।
1952 में आई Visappinte Vili उनके करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव बनी। इसी दौर में उन्हें प्रेम नजीर नाम मिला और बतौर हीरो उनकी पहचान मजबूत होने लगी।
मलयालम सिनेमा के दर्शकों ने उन्हें एक खास नाम दिया। यह नाम था Nithyaharitha Nayakan। इसका अर्थ है सदाबहार नायक।
यह नाम उनके लंबे फिल्मी सफर के साथ पूरी तरह जुड़ गया।
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करीब 1,000 फिल्मों का रिकॉर्ड
प्रेम नजीर का फिल्मी करियर तीन दशक से भी ज्यादा समय तक चला। उनका सफर 1950 के दशक की शुरुआत से 1980 के दशक के आखिर तक रहा।
इस दौरान उन्होंने करीब 1,000 फिल्मों में काम किया। इनमें 700 से ज्यादा फिल्मों में उन्होंने मुख्य अभिनेता की भूमिका निभाई।
आज के दौर में एक अभिनेता का साल में दो या तीन फिल्मों में नजर आना भी बड़ी बात माना जाता है। ऐसे समय में प्रेम नजीर की काम करने की रफ्तार की कल्पना करना मुश्किल है।
वह एक साथ कई फिल्मों की शूटिंग करते थे। कई परियोजनाएं कुछ ही हफ्तों में पूरी कर ली जाती थीं।
उनके करियर का सबसे हैरान करने वाला आंकड़ा वर्ष 1979 से जुड़ा है। उस साल प्रेम नजीर ने 39 फिल्मों में काम किया।
एक साल में 39 फिल्मों का हिस्सा बनना भारतीय सिनेमा के सबसे असाधारण रिकॉर्डों में गिना जाता है।
सिर्फ संख्या नहीं, भूमिकाओं में भी विविधता
प्रेम नजीर की लोकप्रियता सिर्फ उनकी फिल्मों की संख्या के कारण नहीं थी।
1950 के दशक के आखिर तक वह बड़े स्टार बन चुके थे। इसके बाद उन्होंने ऐसे किरदार भी निभाए जो सामाजिक अन्याय के खिलाफ खड़े होते थे।
1960 के दशक में उन्होंने गंभीर और चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं भी स्वीकार कीं।
1967 में आई Iruttinte Athmavu इसका एक उदाहरण है। इसमें उन्होंने मानसिक परेशानी से जूझ रहे एक युवा की भूमिका निभाई।
यह भूमिका उनके सामान्य रोमांटिक हीरो वाले अंदाज से काफी अलग थी।
प्रेम नजीर ने धार्मिक किरदार भी निभाए। अलग अलग फिल्मों में उन्होंने भगवान राम, भगवान कृष्ण और अयप्पा जैसे पात्रों की भूमिका निभाई।
यानी उनके करियर में रोमांस, सामाजिक ड्रामा, गंभीर अभिनय और धार्मिक कथाओं तक का विस्तार दिखाई देता है।
शीला के साथ बनी यादगार जोड़ी
भारतीय सिनेमा की सबसे सफल ऑनस्क्रीन जोड़ियों में प्रेम नजीर और अभिनेत्री शीला का नाम भी लिया जाता है।
दोनों ने करीब 130 फिल्मों में साथ काम किया।
यह संख्या अपने आप में असाधारण है। दोनों की जोड़ी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय रही।
उपलब्ध स्रोत के मुताबिक, उनकी साथ की करीब 50 फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर सफलता मिली।
प्रेम नजीर और शीला की जोड़ी को Guinness World Record से भी जोड़ा जाता है। इतने बड़े पैमाने पर साथ काम करने वाली फिल्मी जोड़ियों की सूची में उनका नाम आज भी खास माना जाता है।
1970 का दशक रहा सबसे व्यस्त
प्रेम नजीर के करियर में 1970 का दशक सबसे ज्यादा सक्रिय दौरों में शामिल था।
उस समय वह लगातार फिल्में कर रहे थे। एक के बाद एक नई फिल्म रिलीज होती थी।
कई बार वह एक ही समय में कई फिल्मों की शूटिंग करते थे।
उनकी लोकप्रियता ऐसी थी कि निर्माता लगातार उन्हें अपनी फिल्मों में लेना चाहते थे।
यही वजह थी कि उनकी फिल्मोग्राफी तेजी से बढ़ती गई।
आज जब फिल्म की शूटिंग में महीनों लग जाते हैं, उस दौर में प्रेम नजीर का इतनी तेजी से काम करना किसी मिसाल से कम नहीं था।
नए सितारों के आने से बदला दौर
1980 के दशक में मलयालम सिनेमा में बदलाव शुरू हुआ।
जयन, सुकुमारन, शंकर और सोमन जैसे नए कलाकार तेजी से लोकप्रिय होने लगे।
प्रेम नजीर अब उम्र के उस पड़ाव पर थे जहां मुख्य हीरो की भूमिकाएं कम होने लगीं। उन्होंने सहायक भूमिकाओं और दो हीरो वाली फिल्मों में काम करना शुरू किया।
इसके बावजूद उनकी लोकप्रियता पूरी तरह खत्म नहीं हुई।
Padayottam और Vellarikka Pattanam जैसी फिल्मों में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।
इस दौर में एक और बदलाव देखने को मिला। मोहनलाल और ममूटी जैसे कलाकार मलयालम सिनेमा के नए बड़े सितारे बनकर उभर रहे थे।
मोहनलाल और ममूटी के साथ काम करने का सपना
1988 में प्रेम नजीर ने एक फिल्म निर्देशित करने की इच्छा जताई थी।
उनकी योजना थी कि इस फिल्म में मलयालम सिनेमा के दो उभरते सितारे मोहनलाल और ममूटी साथ काम करें।
लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका।
16 जनवरी 1989 को प्रेम नजीर का निधन हो गया। वह उस समय 59 वर्ष के थे।
लंबी बीमारी के बाद उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा।
उनकी अंतिम फिल्म Kadathanadan Ambadi उनके निधन के बाद 1990 में रिलीज हुई। फिल्म में उनके साथ मोहनलाल भी नजर आए।
प्रेम नजीर को महान क्यों माना जाता है?
प्रेम नजीर का महत्व सिर्फ इस बात में नहीं है कि उन्होंने कितनी फिल्मों में काम किया।
उनकी असली विरासत तीन चीजों में दिखाई देती है। लंबा करियर, लगातार सफलता और काम करने की असाधारण क्षमता।
भारतीय सिनेमा में कई अभिनेता ऐसे रहे हैं जिन्होंने दशकों तक लोकप्रियता बनाए रखी। लेकिन एक हजार के करीब फिल्मों में काम करना और उनमें 700 से ज्यादा बार मुख्य अभिनेता होना बेहद दुर्लभ उपलब्धि है।
उनकी 400 से ज्यादा हिट फिल्मों और 50 ब्लॉकबस्टर फिल्मों का आंकड़ा भी इसी असाधारण सफर की ओर इशारा करता है।
यही कारण है कि जब भारतीय सिनेमा के सबसे सफल सितारों की चर्चा होती है तो प्रेम नजीर का नाम दोबारा सामने आना जरूरी है।
शाहरुख खान का बॉक्स ऑफिस स्टारडम अपनी जगह है। अमिताभ बच्चन का जनाधार अपनी जगह है। रजनीकांत की लोकप्रियता का अपना इतिहास है।
लेकिन फिल्मों की संख्या और कथित हिट फिल्मों के मामले में प्रेम नजीर का रिकॉर्ड एक अलग ही कहानी कहता है।
मलयालम सिनेमा के इस सदाबहार नायक ने जिस पैमाने पर काम किया, वह आज के दौर में लगभग अकल्पनीय लगता है।
AEO सवाल जवाब
प्रेम नजीर कौन थे?
प्रेम नजीर मलयालम सिनेमा के महान अभिनेताओं में शामिल थे। उनका असली नाम अब्दुल खादर था।
प्रेम नजीर ने कितनी फिल्मों में काम किया?
उपलब्ध उद्योग अनुमानों के अनुसार उन्होंने करीब 1,000 फिल्मों में काम किया था।
प्रेम नजीर की कितनी फिल्में हिट थीं?
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में उद्योग अनुमानों के आधार पर 400 से ज्यादा हिट फिल्मों का उल्लेख है।
प्रेम नजीर की कितनी फिल्में ब्लॉकबस्टर थीं?
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार करीब 50 फिल्मों को ब्लॉकबस्टर माना जाता है।
प्रेम नजीर का सबसे मशहूर नाम क्या था?
उन्हें Nithyaharitha Nayakan यानी Evergreen Hero कहा जाता था।
प्रेम नजीर और शीला ने कितनी फिल्मों में साथ काम किया?
दोनों ने करीब 130 फिल्मों में साथ काम किया था।
प्रेम नजीर ने 1979 में कितनी फिल्मों में काम किया?
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उन्होंने 1979 में 39 फिल्मों में काम किया था।
प्रेम नजीर का निधन कब हुआ?
प्रेम नजीर का निधन 16 जनवरी 1989 को 59 वर्ष की उम्र में हुआ।
प्रेम नजीर की आखिरी रिलीज फिल्म कौन सी थी?
उनकी अंतिम रिलीज Kadathanadan Ambadi थी, जो 1990 में उनके निधन के बाद रिलीज हुई।
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