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पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ मुसलमानों का देशभर में विरोध प्रदर्शन, जुमा की नमाज़ के बाद तिरंगा लहराकर दी श्रद्धांजलि

स्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर देश के मुसलमानों में जबरदस्त आक्रोश देखा गया। देशभर की मस्जिदों में जुमा की नमाज़ के बाद मुसलमानों ने सड़कों पर उतरकर न केवल आतंकवाद की मुखालफत की, बल्कि पाकिस्तान के खिलाफ भी गुस्सा जाहिर किया। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता और भारतीय मुसलमान आतंकवाद के खिलाफ खड़े हैं — भारतीय होने के नाते, न कि किसी मजहबी पहचान के आधार पर।

मजहब के नाम पर हत्या की राजनीति को मिला करारा जवाब

पहलगाम आतंकी हमले के बाद कुछ तत्वों ने जिस तरह से ‘मजहब पूछकर पर्यटकों की हत्या’ की बात फैलाकर देश के मुसलमानों की देशभक्ति पर सवाल उठाने की कोशिश की, उन्हें देश के मुसलमानों ने जुमा की नमाज के दौरान एकजुटता के साथ करारा जवाब दिया। दिल्ली से लेकर लुधियाना, हैदराबाद से लेकर मुंबई और कश्मीर से कन्याकुमारी तक मुसलमानों ने एक सुर में आतंकवाद के खिलाफ आवाज बुलंद की।

ओवैसी ने हैदराबाद में खुद बांधी काली पट्टी, लोगों से भी की अपील

हैदराबाद की मस्जिदों में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने नमाजियों के बीच खुद आतंकवाद के विरोध में काली पट्टी बांटी और लोगों से अपील की कि वे जुमा की नमाज़ काली पट्टी बांधकर अदा करें। ओवैसी खुद काली पट्टी बांधकर नमाज़ के लिए पहुंचे और बताया कि इस प्रतीकात्मक विरोध से यह संदेश देना है कि भारतीय मुसलमान आतंक के किसी भी रूप को नकारते हैं।

दिल्ली की जामा मस्जिद में तिरंगा फहराकर दिया राष्ट्रीय एकता का संदेश

दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद, फतेहपुरी मस्जिद और संसद मार्ग स्थित मस्जिद में नमाज के दौरान आतंकवाद के खिलाफ दुआएं की गईं। इमाम मोहिबुल्लाह नदवी ने नमाज से पहले कहा, “जो कोई किसी निर्दोष की हत्या करता है, वह पूरी मानवता की हत्या करता है।” फतेहपुरी के इमाम मुफ्ती मुकर्रम ने पीड़ितों के लिए दुआ करते हुए कहा कि इस्लाम कभी बेकसूर की जान लेने की इजाजत नहीं देता।

नमाज के बाद लोग तिरंगे झंडे और “आतंकवाद मुर्दाबाद, इंसानियत जिंदाबाद” जैसे संदेश वाली तख्तियों के साथ सड़कों पर उतरे। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम हिंदू या मुसलमान के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय नागरिक के रूप में आतंकवाद के खिलाफ खड़े हैं।”

फरीदाबाद, पंजाब और देवबंद में भी विरोध प्रदर्शन, पाकिस्तान का पुतला दहन

हरियाणा के फरीदाबाद में मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी के युवाओं ने पाकिस्तान का पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया और आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान यासिर यूनुस अहमद, मौलाना शहाबुद्दीन, हाजी हनीफ अहमद सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

पंजाब में शाही इमाम मौलाना उस्मान रहमानी के नेतृत्व में लुधियाना की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में काली पट्टी बांधकर नमाज़ अदा की गई। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि देश दुश्मनों को करारा जवाब दे। उन्होंने पंजाब पुलिस का आभार जताया जिन्होंने कश्मीरी छात्रों को सुरक्षा दी।

दारुल उलूम देवबंद में भी जुमा की नमाज़ के बाद आतंकवाद के खिलाफ प्रदर्शन हुआ और पाकिस्तान के विरुद्ध नारे लगाए गए। मुस्लिम समाज के साथ-साथ इस्लामी रहनुमाओं ने भी घटना की तीव्र निंदा की।

नूंह (हरियाणा) में कांग्रेस द्वारा कैंडल मार्च, हिना खान और रजा अकैडमी का समर्थन

हरियाणा के नूंह जिले में कांग्रेस नेताओं ने शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए कैंडल मार्च निकाला। इस आयोजन में नूंह विधायक आफताब अहमद, फिरोजपुर झिरका के विधायक ममन खान और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

बॉलीवुड अभिनेत्री हिना खान ने भी इस हमले की निंदा की। मुंबई की रज़ा अकैडमी ने जुमा की नमाज़ के बाद बैनर-पोस्टरों के साथ विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें बड़ी संख्या में हिंदू और मुसलमानों ने एक साथ भाग लिया।


आतंकवाद के खिलाफ मुसलमानों की स्पष्ट और राष्ट्रीय भावना से भरी आवाज

पहलगाम आतंकी हमले के बाद जिस तरह देश के मुसलमानों ने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया, वह इस बात का सबूत है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वे सबसे आगे खड़े हैं। देश की मस्जिदों में काली पट्टियां बांधना, तिरंगा लहराना और आतंक के खिलाफ नारे लगाना इस बात का प्रमाण है कि भारत का मुसलमान न सिर्फ इस देश से मोहब्बत करता है, बल्कि उसकी एकता और अखंडता की रक्षा में भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।