सीएसआरई की 94वीं मासिक संगोष्ठी और सम्मान समारोह संपन्न
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नागपुर
सीएसआरई (काउंसिल फॉर सोशल रिसर्च एंड एजुकेशन) की 94वीं मासिक संगोष्ठी शनिवार को निर्धारित समय पर सम्पन्न हुई। इस बार की संगोष्ठी में जहां सामाजिक विषयों पर चर्चा हुई, वहीं एक प्रतिभाशाली छात्रा को सम्मानित कर कार्यक्रम को विशेष बना दिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत सीएसआरई के कार्यकारिणी सदस्य जनाब एस. ए. वहीद साहब के संक्षिप्त उद्घाटन भाषण से हुई। इसके बाद भाई अफताब आलम ने पवित्र कुरआन की तिलावत, उसका अनुवाद व व्याख्या प्रस्तुत की, जिससे सभागार में आध्यात्मिक वातावरण उत्पन्न हो गया।
संघर्षशील छात्रा को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम में विशेष आकर्षण रहा छात्रा आदिबा रहमान का सम्मान समारोह। आदिबा, जिन्होंने एसएससी में उत्कृष्ट अंक प्राप्त किए थे, मार्गदर्शन के लिए 2020 में सीएसआरई के आईजी काउंसलिंग सेंटर पहुँची थीं। उचित परामर्श के बाद उन्होंने सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंसी) को अपने करियर के रूप में चुना।
पिता के असमय निधन के कारण उनके समक्ष आर्थिक संकट आ खड़ा हुआ, लेकिन सीएसआरई की गोद लेकर मार्गदर्शन योजना (Adoption & Mentoring Scheme) ने उन्हें हर स्तर पर सहायता प्रदान की। अंततः उन्होंने CA की कठिन परीक्षा सफलता से उत्तीर्ण कर समाज के लिए एक मिसाल कायम की।
उन्हें सीएसआरई अध्यक्ष और मुफ़्ती साबिर साहब के हाथों सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनकी माता को भी मंच पर बुलाया गया, जिन्होंने अपने संघर्ष की दास्तान साझा करते हुए सीएसआरई का आभार व्यक्त किया।
बाल अधिकारों पर रही चर्चा
सम्मान समारोह के बाद संगोष्ठी का औपचारिक सत्र आयोजित किया गया, जिसका विषय था – “बाल अधिकार और हमारी जिम्मेदारियाँ: विशेष सन्दर्भ में मदरसा शिक्षा”।
मुख्य वक्ता जिला बाल संरक्षण अधिकारी जनाब मुश्ताक पठान साहब अंतिम क्षणों में अनुपस्थित रहे, परंतु उनकी जगह सेवानिवृत्त न्यायाधीश बशीर शेख साहब और जनाब ख्वाजा अज़हर साहब ने विषय को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

दोनों वक्ताओं ने JJ एक्ट, POCSO और RTE जैसे कानूनों की व्याख्या करते हुए बताया कि किस प्रकार मदरसे इन नियमों का पालन कर खुद को कानूनी रूप से सुरक्षित रख सकते हैं।
जनाब अब्दुल रऊफ साहब ने इन नियमों के अनुपालन के लिए आवश्यक दस्तावेजों और रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी।

सभागार श्रोताओं से भरा हुआ था और उपस्थित सभी लोगों ने कार्यक्रम की उपयोगिता पर संतोष व्यक्त किया।

समापन और धन्यवाद ज्ञापन
अंत में मुफ़्ती साबिर साहब ने समापन भाषण में सीएसआरई टीम की निष्ठा और प्रयासों की सराहना की। संचालन का दायित्व निभाते हुए जनाब एस. ए. वहीद साहब ने सभी सहभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर विशेष रूप से मुज़फ्फर खान साहब का उल्लेख करते हुए आभार प्रकट किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मदरसा पदाधिकारी और उलमा भी शामिल हुए। कार्यक्रम का समापन मुफ़्ती साबिर साहब की दुआ से हुआ।

