बलासोर के फकीर मोहन कॉलेज की 20 वर्षीय छात्रा की मृत्यु पर जमाअत-ए-इस्लामी हिन्द आक्रोशित
हमें महिलाओं के विरुद्ध यौन अपराधों के ख़िलाफ़ अपनी सोच और नीति पर पुनर्विचार करना होगा : रहमतुन्निसा ए
(राष्ट्रिय सचिव, जमाअत-ए-इस्लामी हिन्द)
मुस्लिम नाउ ब्यूरो,नई दिल्ली
फकीर मोहन कॉलेज, बलासोर (ओडिशा) की 20 वर्षीय छात्रा की दर्दनाक मृत्यु से हम गहरे आहत और स्तब्ध हैं। यह छात्रा यौन उत्पीड़न की शिकायत पर न्याय न मिलने के कारण अंततः आत्मदाह जैसा कदम उठाने को मजबूर हुई। यह घटना केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं है, बल्कि हमारे सामाजिक और नैतिक ढांचे के पतन का प्रतीक है।
जब कोई युवती बार-बार गुहार लगाने के बावजूद असहाय छोड़ दी जाती है और उसे ऐसी पीड़ा भरी मृत्यु को गले लगाना पड़ता है, तो दोष केवल किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम का है। यह हमारे संस्थानों की विफलता है, जिन्होंने पीड़िता को न्याय और संरक्षण देने में घोर लापरवाही बरती।
हम मानव गरिमा और न्याय की पवित्रता में दृढ़ विश्वास रखते हैं। पीड़िता को न्याय और दोषियों को उनके पद, प्रतिष्ठा या आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना सज़ा मिलनी चाहिए — यही एक समतावादी समाज की नींव है।
We must rethink about our approach towards the menace of sexual crimes against women : Rahamathunnisa A
— Jamaat-e-Islami Hind (@JIHMarkaz) July 15, 2025
We are deeply anguished and outraged by the tragic death of the 20-year-old student of Fakir Mohan College, Balasore, Odisha, who succumbed to severe burn injuries after… pic.twitter.com/Fx1fiesoOE
जमाअत-ए-इस्लामी हिन्द की मांगें:
- इस पूरे मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए।
- संस्थागत विफलता के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल इस्तीफा लिया जाए।
- शैक्षणिक संस्थानों में यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ सख्त और प्रभावी तंत्र विकसित किए जाएं।
हम देश के तमाम नागरिकों से अपील करते हैं कि वे लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करने में सक्रिय भागीदार बनें।
हमें महिलाओं के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न और यौन अपराधों के ख़िलाफ़ अपने दृष्टिकोण और कार्यनीति पर गंभीरता से पुनर्विचार करना होगा। सख्त क़ानूनों के साथ-साथ समाज में नैतिक सुधार भी अत्यंत आवश्यक है।
– रहमतुन्निसा ए
राष्ट्रीय सचिव, जमाअत-ए-इस्लामी हिन्द

