भारत की बेटियों ने रचा इतिहास, पहली बार महिला वनडे विश्व कप अपने नाम
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नवी मुंबई
भारत की महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को नवी मुंबई के डी. वाई. पाटिल स्टेडियम में इतिहास रच दिया। शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा के हरफनमौला प्रदर्शन की बदौलत भारत ने दक्षिण अफ्रीका को फाइनल में 52 रन से हराकर पहली बार आईसीसी महिला वनडे विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने 52 साल का खिताबी सूखा खत्म करते हुए नारी शक्ति की नई मिसाल पेश की।
बारिश के कारण मैच दो घंटे देर से शुरू हुआ, लेकिन रोमांच अपने चरम पर था। पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर भारत ने सात विकेट पर 298 रन बनाए। जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम 45.3 ओवर में 246 रन पर ढेर हो गई।
5️⃣0️⃣ in the first match ✅
— BCCI Women (@BCCIWomen) November 2, 2025
5️⃣0️⃣ in the #Final ✅
𝘿𝙚𝙥𝙚𝙣𝙙𝙖𝙗𝙡𝙚 𝘿𝙚𝙚𝙥𝙩𝙞 at it again for #TeamIndia 💪
Her 18th fifty in Women's ODIs 🙌
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भारत की सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने शानदार 78 गेंदों में 87 रन की आतिशी पारी खेली। उन्होंने सात चौके और दो छक्के जड़े और बाद में गेंद से भी कमाल दिखाते हुए सुने लुस और मारिजान काप जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को पवेलियन की राह दिखाई। वहीं दीप्ति शर्मा ने 58 गेंदों में 58 रन की जिम्मेदार पारी खेलने के बाद गेंदबाजी में कहर बरपाते हुए कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट (101) सहित पांच विकेट झटककर भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई।
वोल्वार्ड्ट ने लगातार दूसरे मैच में शतक जड़ा और 41वें ओवर तक एक छोर संभाले रखा, लेकिन दूसरे छोर से गिरते विकेटों और बढ़ती रनगति ने दक्षिण अफ्रीका की उम्मीदें तोड़ दीं। जैसे ही दीप्ति की गेंद पर हरमनप्रीत कौर ने नाडिन डि क्लार्क (18) का कैच पकड़ा, पूरा स्टेडियम खुशी की लहर से गूंज उठा। हजारों दर्शक नीली जर्सी में “वंदे मातरम” और “मां तुझे सलाम” के नारों से मैदान को देशभक्ति के रंग में रंग रहे थे। पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और वीवीएस लक्ष्मण भी इस पल में तिरंगा लहराते नजर आए।
World Champions!
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) November 2, 2025
The Indian Women’s Team lifts the ICC #WomensWorldCup2025
This victory celebrates the unstoppable #NariShakti of Bharat fearless, graceful & extraordinary.
Congratulations, Champions!
You’ve made the nation proud beyond words. #CWC25 #INDvSA pic.twitter.com/xLziovjHU6
शेफाली के लिए यह टूर्नामेंट किसी सपने से कम नहीं रहा। चोटिल सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल की जगह टीम में शामिल हुईं शेफाली ने कहा था कि शायद भगवान ने उनके लिए कुछ खास योजना बनाई है, और उन्होंने फाइनल में इसे सच साबित कर दिखाया। वहीं दीप्ति शर्मा ने टूर्नामेंट में 22 विकेट और 200 से अधिक रन बनाकर नया रिकॉर्ड कायम किया और “प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट” का खिताब अपने नाम किया।
भारत की पारी में स्मृति मंधाना ने 45 रन, जेमिमा रोड्रिग्स ने 24 रन और रिचा घोष ने तेज 34 रन बनाकर अहम योगदान दिया। शुरुआती 10 ओवरों में भारत ने बिना विकेट गंवाए 64 रन बनाकर इस विश्व कप का सर्वश्रेष्ठ पावरप्ले स्कोर खड़ा किया। मंधाना और शेफाली ने पहले विकेट के लिए 104 गेंदों में 106 रन जोड़ते हुए शानदार शुरुआत दी। मंधाना ने 18वें ओवर में चौके के साथ यह साझेदारी पूरी की लेकिन कुछ ही देर बाद वह विकेटकीपर सिनालो जाफ्ता को कैच दे बैठीं।
तीन साल बाद वनडे में अर्धशतक जमाने वाली शेफाली ने आत्मविश्वास से खेलते हुए 25वें ओवर में दूसरा छक्का जड़ा और टीम को 150 रन के पार पहुंचाया। खाका ने हालांकि शानदार वापसी करते हुए शेफाली और जेमिमा दोनों को आउट कर दक्षिण अफ्रीका को राहत दिलाई। कप्तान हरमनप्रीत कौर (20 रन) और दीप्ति शर्मा ने बीच के ओवरों में पारी को संभाला, लेकिन रनगति थोड़ी धीमी हो गई। दीप्ति ने काप के खिलाफ छक्का जड़कर दबाव कम किया, जबकि रिचा घोष ने आते ही आक्रामक तेवर दिखाए और तीन चौके व दो छक्के लगाकर रनगति को तेज कर दिया।

दक्षिण अफ्रीका की ओर से आयोबोंगा खाका सबसे सफल गेंदबाज रहीं, जिन्होंने 58 रन देकर तीन विकेट लिए। नाडिन डि क्लार्क ने भी 52 रन देकर एक विकेट झटका।
दक्षिण अफ्रीका की पारी की शुरुआत सधी हुई रही। ताजमिन ब्रिट्स (23 रन) और लौरा वोल्वार्ड्ट ने पहली विकेट साझेदारी में 50 रन जोड़े, लेकिन ब्रिट्स रन आउट होकर पवेलियन लौटीं। वोल्वार्ड्ट ने दीप्ति पर छक्का जड़ते हुए अपने तेवर दिखाए, लेकिन दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे। श्री चरणी ने ऐनेक बॉश को पगबाधा कर बड़ा झटका दिया। इसके बाद शेफाली ने अपने स्पिन जादू से दो महत्वपूर्ण विकेट झटककर भारत को बढ़त दिलाई।
मध्य ओवरों में दीप्ति शर्मा ने अपनी सटीक गेंदबाजी से दक्षिण अफ्रीका की रनगति रोक दी। उन्होंने सिनालो जाफ्ता (16) और डर्कसन को आउट किया, जबकि बाद में लौरा वोल्वार्ड्ट को अमनजोत कौर के हाथों कैच कराकर मैच भारत की झोली में डाल दिया। डि क्लार्क ने कुछ देर संघर्ष किया, लेकिन उन्हें कोई साथ नहीं मिला और उनका आउट होना दक्षिण अफ्रीका की आखिरी उम्मीद को भी खत्म कर गया।
जैसे ही अंतिम विकेट गिरा, भारतीय खिलाड़ी मैदान में एक-दूसरे से गले मिलते हुए झूम उठीं। पूरा स्टेडियम नीले रंग में डूब गया और “जय हिंद” के नारों से गूंज उठा। यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट की ताकत, जज़्बे और आत्मविश्वास की कहानी है।
FRAME IT! 🖼️
— BCCI Women (@BCCIWomen) November 2, 2025
The moment #TeamIndia won the ICC Women's Cricket World Cup 2025 🥹
Scorecard ▶ https://t.co/TIbbeE4ViO#WomenInBlue | #CWC25 | #Final | #INDvSA | @ImHarmanpreet pic.twitter.com/bCXjKIcI9R
यह वह पल था जब पूरे देश ने महसूस किया कि बेटियाँ अब हर मैदान पर इतिहास लिख सकती हैं। शेफाली, दीप्ति, हरमनप्रीत, मंधाना और उनकी पूरी टीम ने यह साबित कर दिया कि “नारी शक्ति” सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि भारत की नई पहचान है।
भारत विश्व चैंपियन बना — और पूरी दुनिया ने देखा, बेटियाँ अब क्रिकेट के आसमान की नई सम्राट हैं।

