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दिल्ली विस्फोट पर मुस्लिम संगठनों की प्रतिक्रिया: सुरक्षा चूक पर उठे गंभीर सवाल

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, दिल्ली

सोमवार शाम को दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण विस्फोट के बाद, देश के प्रमुख मुस्लिम संगठनों ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) और जमाअत-ए-इस्लामी हिंद (JIH) ने गहरा शोक व्यक्त किया है और घटना की पूर्ण एवं पारदर्शी जाँच की मांग करते हुए सुरक्षा चूक के लिए तत्काल जवाबदेही तय करने पर ज़ोर दिया है।

💔 AIMPLB की गहरी चिंता और सवाल

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने एक प्रेस बयान जारी कर देश की राजधानी के संवेदनशील इलाके में हुई इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने सरकार से इस घटना की पूर्ण और सर्वांगीण जाँच कराने की मांग की।

बोर्ड अध्यक्ष ने दो महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान आकर्षित किया:

  1. यदि यह दुर्घटना है: तो यह अत्यंत दुखद है कि इतने सारे निर्दोष और बेकसूर लोगों की जान चली गई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए।
  2. यदि यह आतंकवादी कृत्य है: तो यह बेहद चिंता का विषय है और हमारी सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा करता है कि देश की राजधानी के संवेदनशील इलाके भी सुरक्षित नहीं हैं।

मौलाना रहमानी ने कहा कि इस कठिन समय में, अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है।

📢 JIH अध्यक्ष ने की जवाबदेही और मुआवज़े की अपील

जमाअत-ए-इस्लामी हिंद (JIH) के अध्यक्ष सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने भी विस्फोट पर गहरा दुख व्यक्त किया और पारदर्शी, उच्च-स्तरीय जाँच के साथ-साथ सुरक्षा चूक के लिए तत्काल जवाबदेही तथा पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए पर्याप्त मुआवज़े की मांग की।

मीडिया को दिए बयान में सैयद हुसैनी ने कहा:

“यह अत्यंत दुखद और पीड़ादायक घटना है। हम अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के शीघ्र व पूर्ण स्वस्थ होने की दुआ करते हैं। इस शोक और पीड़ा की घड़ी में हम दिल्ली की जनता के साथ खड़े हैं।”

उन्होंने आशंका व्यक्त की, “प्रारंभिक मीडिया रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि यह एक आतंकी घटना हो सकती है। यदि इसकी पुष्टि होती है, तो हम इस घृणित कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाए।”

सुरक्षा चूक पर सख्त सवाल

JIH अध्यक्ष ने सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक को लेकर सरकार को घेरा:

“देश की राजधानी के केंद्र में ऐसी घटना होना गंभीर सुरक्षा चूक को दर्शाता है। सार्वजनिक सुरक्षा के लिए जिम्मेदार लोगों से तत्काल जवाबदेही तय की जानी चाहिए। नागरिकों का जीवन और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और सरकार को अपने संवैधानिक कर्तव्य का पालन करते हुए उनकी रक्षा करनी चाहिए।”

अफवाहों के खिलाफ सख्त चेतावनी

सैयद हुसैनी ने मीडिया और सोशल मीडिया के कुछ वर्गों द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों और सांप्रदायिक भ्रामक प्रचार की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने जोर दिया:

“संकट की घड़ी में नागरिकों के बीच एकता और भाईचारा पहले से कहीं अधिक आवश्यक है। जो लोग ऐसे घृणित हादसों को अपने वैचारिक या राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करते हैं, उन्हें चिन्हित कर कानून के तहत दंडित किया जाना चाहिए।”

अपने बयान के अंत में सैयद हुसैनी ने स्पष्ट संदेश दिया:

“आतंकवाद किसी भी धर्म की अभिव्यक्ति नहीं हो सकता; यह धर्म का विश्वासघात है। अब समय है कि सभी धर्मों के लोग एकजुट होकर उग्रवाद और नफरत को ठुकराएं तथा आतंकवाद की जड़ों और नेटवर्क को समाप्त करने के लिए मिलकर काम करें। केवल एक एकजुट समाज ही देश के बहुलतावाद, शांति और भविष्य की रक्षा कर सकता है।”