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इस्लामपुर: निशात लाइब्रेरी में पुस्तक वितरण, 250 ग्रंथ व कुरान प्रतियां भेंट

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, इस्लामपुर

मानव जीवन को समृद्ध, परिपक्व और तेजस्वी बनाने तथा उसे सही दिशा प्रदान करने के लिए महापुरुषों एवं महान व्यक्तियों के विचारों को आत्मसात करना अत्यंत आवश्यक है। ये विचार केवल पुस्तकें पढ़ने से ही प्राप्त होते हैं। यह विचार व्यक्त करते हुए वरिष्ठ पत्रकार एवं साप्ताहिक ‘शोधन’ के कार्यकारी संपादक तथा कामेरी के सुपुत्र शाहजहान मगदूम ने कहा। इस्लामपुर स्थित निशात उर्दू लाइब्रेरी में आयोजित पुस्तक वितरण समारोह तथा निःशुल्क बेसिक कंप्यूटर कोर्स के प्रमाणपत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्य मार्गदर्शक के रूप में वे बोल रहे थे।

11 दिसंबर की शाम को संपन्न हुए इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सामाजिक कार्यकर्ता जमीर नदाफ ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. नाजीम शेख उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत अत्यंत मंगलमय वातावरण में मदरसे के छात्रों द्वारा पवित्र कुरान के मधुर पाठ से हुई।इसके बाद सूत्रसंचालक अल्ताफ मोमीन ने अपनी प्रवाहपूर्ण शैली में कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए उपस्थित जनों का अतिथियों से परिचय कराया। साथ ही, निशात पुस्तकालय की अब तक की शैक्षणिक एवं सामाजिक यात्रा का संक्षिप्त अवलोकन भी प्रस्तुत किया।अपने मुख्य उद्बोधन में शाहजहान मगदूम ने पढ़ने की संस्कृति के महत्व पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म एवं पैगंबर मुहम्मद (स.) की उदात्त शिक्षाओं की प्रेरणा से ही हम सभी यहां एकत्रित हुए हैं। पैगंबर के मानवता के संदेश एवं उनकी शिक्षाओं को मराठी भाषा के माध्यम से सभी समाजों तक पहुंचाने के पवित्र उद्देश्य से उन्होंने पुस्तकालय को इस्लामिक किताबें तथा मराठी अनुवादित दिव्य कुरान की प्रतियां भेंट कीं। इस अवसर पर उन्होंने महापुरुषों के जीवन पर आधारित कई प्रेरणादायक लेखों एवं विचारों का उल्लेख कर उपस्थितों का मार्गदर्शन किया।

निशात लाइब्रेरी से अपना संबंध केवल औपचारिक नहीं बल्कि पुराना एवं भावनात्मक बताया तथा भविष्य में पुस्तकालय की प्रगति एवं आवश्यकताओं के लिए हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने पुस्तकालय को शहर एवं आसपास के क्षेत्र में पढ़ने की संस्कृति को संरक्षित एवं बढ़ावा देने का पवित्र कार्य करने वाली संस्था बताते हुए पदाधिकारियों की विशेष प्रशंसा की। कार्यक्रम के लिए आमंत्रित करने पर पुस्तकालय के ट्रस्टी आबिद मोमीन, अनीस मोमीन एवं अन्य पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का प्रास्ताविक देते हुए निशात लाइब्रेरी के कार्यवाह अनीस मोमीन ने संस्था की चालीस वर्षों की तपस्या का हिसाब प्रस्तुत किया। संस्था की स्थापना से लेकर प्रेरणादायक इतिहास बताते हुए उन्होंने कहा कि इस्लामपुर जैसे शहर में पिछले चार दशकों से न केवल उर्दू बल्कि मराठी एवं अंग्रेजी भाषाओं में पढ़ने की संस्कृति को जीवित रखना एवं लाइब्रेरी चलाना एक बड़ी चुनौती रही है।

इस कार्य की कठिनाइयों एवं उनसे निकलकर संस्था के यहां तक पहुंचने की विस्तृत जानकारी दी। शहर के कई प्रतिष्ठित नागरिकों, दानदाताओं तथा विशेष रूप से उर्दू माध्यम के छात्रों ने इस यात्रा में निरंतर महत्वपूर्ण योगदान दिया, इसका कृतज्ञतापूर्वक उल्लेख किया। लाइब्रेरी के माध्यम से केवल किताबें पढ़ने के लिए उपलब्ध कराना ही नहीं बल्कि निःशुल्क कंप्यूटर कक्षाएं एवं विभिन्न समाजोपयोगी कार्यक्रम चलाकर सामाजिक जिम्मेदारी निभाई जा रही है, यह स्पष्ट किया।अध्यक्ष जमीर नदाफ ने अपने अध्यक्षीय भाषण में पढ़ने के महत्व को विस्तार से बताया।

पढ़ने से मनुष्य की दृष्टि बदलती है और वह पूर्णता प्राप्त करता है, ऐसा कहते हुए उन्होंने पुस्तकालय का सदुपयोग करने के लिए एक महत्वपूर्ण संकल्प प्रस्तुत किया। इस्लामपुर शहर में उर्दू एवं मराठी साहित्य का संगम कराने वाला एक भव्य कवि सम्मेलन आयोजित करने की सुझाव दिया। साथ ही, केवल पढ़ने तक सीमित न रहकर अन्य शैक्षणिक एवं सामाजिक कार्यक्रम सभी समाजों के सहयोग से आयोजित करने का आह्वान किया।

ऐसे आयोजनों के लिए स्वयं पहल कर उचित सहयोग करने का आश्वासन भी दिया।मुख्य अतिथि प्रो. नाजीम शेख ने छात्रों को मूल्यवान मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि हमें निशात लाइब्रेरी के रूप में ज्ञान का घर प्राप्त हुआ है, छात्रों को इसका उत्तम उपयोग करना चाहिए।

विशेष रूप से समाज के सभी वर्गों एवं जरूरतमंद छात्रों को यहां चल रहे निःशुल्क कंप्यूटर कक्षाओं तथा मराठी, अंग्रेजी एवं गणित की ट्यूशन कक्षाओं का लाभ लेकर अपना करियर संवारना चाहिए। प्रो. शेख हमेशा निशात लाइब्रेरी के विकास एवं उर्दू माध्यम के छात्रों की शैक्षणिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्रयासरत रहते हैं।

सामाजिक सद्भाव का संदेश देते हुए संभाजी ब्रिगेड के सांगली जिला अध्यक्ष उमेश शेवाले ने छत्रपति शिवराय, राजर्षि शाहू महाराज, महात्मा जोतिराव फुले एवं डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के प्रगतिशील विचारों पर प्रकाश डाला। इतिहास का उदाहरण देते हुए स्पष्ट किया कि शाहू महाराज ने केवल बहुजन समाज ही नहीं बल्कि सभी जाति-धर्म के लोगों का उद्धार किया।

विशेष रूप से, शाहू महाराज ने उस समय कुरान के मराठी अनुवाद के लिए निधि उपलब्ध कराकर धार्मिक सद्भाव का महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक कार्य किया था। संभाजी ब्रिगेड की ओर से संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के लोकशाहीर अण्णा भाऊ साठे के कार्य को स्मरण कराया।संभाजी ब्रिगेड के इस्लामपुर शहर अध्यक्ष अजित हवलदार ने स्वयं एवं अपने परिवार के मुस्लिम समाज से सद्भावपूर्ण एवं आत्मीय संबंधों को रेखांकित किया।

निशात लाइब्रेरी का कार्यक्रम होने से एक पुस्तक प्रेमी के रूप में वे विशेष रूप से उपस्थित हुए। आगे समाज के किसी भी रचनात्मक कार्य के लिए अपना एवं संगठन का सहयोग रहेगा, ऐसी गारंटी दी।इस अवसर पर उमेश सूर्यगंध ने भी उपस्थितों को प्रबोधनपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान करते हुए निशात लाइब्रेरी के सामाजिक कार्य की भरपूर प्रशंसा की।इस समारोह के अवसर पर शाहजहान मगदूम के प्रयासों से इस्लामिक मराठी पब्लिकेशन ट्रस्ट (मुंबई) की ओर से 10 मराठी अनुवादित दिव्य कुरान तथा विभिन्न विषयों पर 250 पुस्तकें सौंपी गईं।

साथ ही, संभाजी ब्रिगेड इस्लामपुर की ओर से लोकशाहीर अण्णाभाऊ साठे के चुनिंदा साहित्य के 8 खंड तथा शाकीरभाई तांबोली की ओर से उनकी स्वरचित “ओबीसी आरक्षण सब-कोटा इबादत भी, जिम्मेदारी भी” पुस्तक की 100 प्रतियां पुस्तकालय को भेंट की गईं।इस अवसर पर सदस्य छात्रों ने निःशुल्क बेसिक कंप्यूटर प्रशिक्षण कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने पर मान्यवरों के हाथों प्रमाणपत्र प्राप्त कर सम्मानित हुए।

मुख्य अतिथि शाहजहान मगदूम, जमीर नदाफ एवं प्रो. नाजीम शेख का बुके, स्मृति चिन्ह, शॉल एवं पुस्तक भेंट कर सम्मान किया गया।सभी उपस्थितों के प्रति आभार हाजी सैफ मुल्ला ने व्यक्त किए। कार्यक्रम में पाठक सदस्यों के अलावा संस्था के अध्यक्ष जावेद मोमीन, नदीम पटवेकर, बर्कतुल्ला मोमीन, जहूर पटवेकर, आकील मोमीन, शाहनवाज मुल्ला, नसीमुलगनी पटवेकर, जफर दिवाण, नजीर बिजापुरे, मौलाना अजमल रजा, यशवंत धुमाले, दीपक तोडकर आदि मान्यवर बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम को सफल बनाने में अनीस मोमीन, आबिद मोमीन, ग्रंथपाल आरमान पटेल, क्लर्क खुशी शानेदिवाण ने विशेष परिश्रम किया