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पाकिस्तान: कराची के गुल प्लाज़ा मॉल में भीषण आग, तीन लोगों की मौत

कराची के एम.ए. जिन्ना रोड स्थित गुल प्लाज़ा शॉपिंग मॉल में शनिवार देर रात भीषण आग लगने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। डॉन अख़बार ने अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी।

सिविल हॉस्पिटल कराची के ट्रॉमा सेंटर के कार्यकारी निदेशक डॉ. साबिर मेमन ने बताया कि तीन शव अस्पताल लाए गए थे और तीनों पीड़ितों की अस्पताल पहुँचने से पहले ही मौत हो चुकी थी।

साउथ ज़ोन के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) पुलिस सैयद असद रज़ा ने बताया कि इस हादसे में कम से कम सात अन्य लोग घायल हुए हैं।

रेस्क्यू 1122 के अधिकारियों के अनुसार, आग ऊँची व्यावसायिक इमारत के भूतल पर स्थित दुकानों में लगी, जो बाद में तेजी से फैल गई। ऊपरी मंज़िलों पर कई लोगों के फँसे होने की भी सूचना मिली।

रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता हस्सानुल हसीब खान ने बताया, “छह घायलों को अस्पताल पहुँचाया गया है,” और कहा कि आग बुझाने के लिए कई दमकल गाड़ियाँ तैनात की गई हैं। उन्होंने बताया कि आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं और स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है।

गार्डन सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी मोहसिन रज़ा ने कहा कि प्रारंभिक जाँच में आग लगने का कारण एक दुकान में हुआ शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, जो बाद में पूरे शॉपिंग मॉल में फैल गया। उन्होंने बताया कि मौके पर दमकल विभाग की सात गाड़ियाँ तैनात की गईं और सिविल हॉस्पिटल प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया था।

सिंध के गवर्नर कामरान तेसोरी ने घटना पर चिंता जताई और संबंधित अधिकारियों को तत्काल बचाव और राहत कार्य तेज़ करने के निर्देश दिए। उनके कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि गवर्नर ने घटना और आग बुझाने के प्रयासों पर विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की है और प्रभावित व्यापारियों व लोगों को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है।

सिंध के गृह मंत्री ज़ियाउल हसन लंजर ने नागरिकों की सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं को सुचारु बनाने के लिए यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने आग के कारणों की गहन जाँच कराने पर ज़ोर दिया और कहा कि आग को और फैलने से रोकने के लिए इमारत को सुरक्षित किया जाना चाहिए।

बाद में सिंध रेंजर्स के एक प्रवक्ता ने बताया कि बचाव और राहत कार्यों में मदद के लिए रेंजर्स के जवानों को मौके पर तैनात किया गया है। बयान में कहा गया, “रेंजर्स के जवान दमकल विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलकर सक्रिय रूप से राहत और बचाव कार्यों में हिस्सा ले रहे हैं और अभियान पूरा होने तक मौके पर मौजूद रहेंगे।”

रेंजर्स ने लोगों की सुरक्षा और यातायात की सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए इलाके की घेराबंदी भी की, साथ ही फँसे लोगों को बाहर निकालने और कीमती सामान की सुरक्षा में भी मदद की।

गौरतलब है कि यह घटना कराची पोर्ट ट्रस्ट में शुक्रवार दोपहर लगी एक बड़ी आग के एक दिन बाद सामने आई है, जिसमें कम से कम 20 कंटेनर जलकर खाक हो गए थे। इनमें से अधिकांश में इलेक्ट्रिकल बैटरियाँ भरी हुई थीं।