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डावोस में CEPA पर हस्ताक्षर: लुलु मॉल के यूसुफ अली बोले, भारतीय व्यापार को मिलेगा तगड़ा लाभ

विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 के 56वें वार्षिक सम्मेलन के दौरान भारत और UAE समेत अन्य देशों के बीच समग्र आर्थिक भागीदारी समझौते (Comprehensive Economic Partnership Agreement – CEPA) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर लुलु मॉल के संस्थापक यूसुफ अली ने बातचीत में कहा कि यह समझौता भारतीय व्यापार और उद्योगों के लिए वैश्विक स्तर पर नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।

यूसुफ अली ने कहा, “CEPA के माध्यम से अब सभी भारतीय उत्पाद अन्य देशों में कस्टम ड्यूटी-मुक्त प्रवेश कर सकेंगे और विदेशी उत्पाद भी भारत में कर्तव्य-मुक्त आयेंगे। यह समझौता विशेष रूप से भारतीय उद्योग, कृषि और विमानन क्षेत्र के लिए लाभकारी साबित होगा। भारत के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देगा।”

उन्होंने बताया कि लुलु मॉल की दृष्टि से यह समझौता सिर्फ व्यापारिक लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय उद्यमों के लिए वैश्विक मंच पर पहचान और अवसर भी सुनिश्चित करेगा। अली ने कहा, “मैंने इस सम्मेलन में विभिन्न भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्री और अधिकारियों से मुलाकात की। गुजरात के उपमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सहित कई नेता निवेश समर्थक नीतियों को बढ़ावा दे रहे हैं। हम भारत में निवेश करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। मैं MoU पर विश्वास नहीं करता; मैं केवल वास्तविक समझौतों में विश्वास करता हूं। हम भारत में ही औपचारिक समझौते करेंगे।”

यूसुफ अली ने घरेलू उद्योगों की सुरक्षा और संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “हमें अपने घरेलू उद्योगों को सुरक्षित रखना होगा। हमारे दूरदर्शी नेता और नीति निर्माता इसके अनुसार मार्गदर्शन करेंगे। यह न केवल उद्योगों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा।”

लुलु मॉल के संस्थापक ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि भारत में निवेश करना केवल अवसर नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि उन्हें भारत की आर्थिक स्थिरता, लोकतांत्रिक व्यवस्था और निरंतर विकास दर ने प्रभावित किया है। उन्होंने विशेष रूप से CEPA के माध्यम से भारतीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और भारतीय निर्यातकों को अधिक अवसर देने की संभावना पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी निवेशकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत को अब वैश्विक निवेशक समुदाय में “ब्राइट स्पॉट” के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा, “आज भारत विश्व स्तर पर भरोसेमंद वैल्यू चेन पार्टनर के रूप में उभर रहा है। वैश्विक स्तर पर अस्थिरता और कठिनाइयों के बीच भी भारत एक स्थिर, जीवंत लोकतंत्र और सतत विकास वाली अर्थव्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है।

वैष्णव ने कहा कि सम्मेलन में निवेशकों और विशेषज्ञ पैनलों से प्राप्त फीडबैक स्पष्ट रूप से यही दिखाता है कि भारत में निवेश के अवसर अत्यधिक हैं और अंतरराष्ट्रीय निवेशक इसे एक सुरक्षित और स्थिर विकल्प के रूप में मानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगले पांच वर्षों में भारत की वास्तविक विकास दर 6-8 प्रतिशत और नाममात्र विकास दर 10-13 प्रतिशत तक रहने की संभावना है, जो मध्यम मुद्रास्फीति और मजबूत आर्थिक वृद्धि के समर्थन से संभव होगी।

यूसुफ अली ने इस मौके पर यह भी बताया कि लुलु मॉल भारत में विस्तार की योजनाओं पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में बाजार की संभावनाएँ विशाल हैं और स्थानीय उद्योगों के साथ साझेदारी से यह और भी अधिक मजबूती प्राप्त करेगा। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि लुलु मॉल की अंतरराष्ट्रीय पहचान और भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था मिलकर भारतीय उपभोक्ताओं और वैश्विक निवेशकों दोनों के लिए नए अवसर पैदा करेंगे।

अली ने CEPA की वैश्विक महत्वता पर भी प्रकाश डाला और कहा कि यह समझौता न केवल भारत और UAE के बीच व्यापार को बढ़ाएगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में आर्थिक सहयोग और बहुपक्षीय निवेश को भी प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने कहा, “भारत के उत्पाद अब वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे, जिससे निर्यात में वृद्धि होगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यह समझौता उद्योग, कृषि, सेवा और विमानन क्षेत्र के लिए भी लाभकारी होगा।

संक्षेप में, यूसुफ अली और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के दृष्टिकोण से CEPA और निवेशकों का ध्यान भारत की ओर आकर्षित होना देश के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। यह समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर मजबूत करेगा, घरेलू उद्योगों को सुरक्षा प्रदान करेगा और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को भरोसेमंद विकल्प के रूप में भारत प्रस्तुत करेगा।

निष्कर्ष:
डावोस में हुए इस समझौते और लुलु मॉल के संस्थापक यूसुफ अली की प्रतिबद्धता ने यह स्पष्ट किया कि भारत अब वैश्विक निवेश और व्यापार का केंद्र बनता जा रहा है। CEPA के माध्यम से भारतीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी, निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और देश के उद्योग, कृषि, सेवा और विमानन क्षेत्रों में समृद्धि के नए आयाम खुलेंगे।