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जामिया हमदर्द न्यूज़ : ब्रॉडवे से नई दिल्ली तक: जामिया हमदर्द में वैश्विक अकादमिक संवाद की गूंज

देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी इन दिनों शिक्षा, शोध और नवाचार के नए प्रतिमान गढ़ती नजर आ रही है। यह विश्वविद्यालय अब केवल फार्मेसी और हेल्थ साइंसेज़ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मीडिया, संस्कृति, तकनीक और बहुविषयक शोध के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत वैश्विक पहचान बना रहा है। जामिया हमदर्द का यह शैक्षणिक विस्तार इस बात का प्रमाण है कि विश्वविद्यालय परंपरा और आधुनिकता के बीच एक सेतु के रूप में उभर रहा है।

इसी कड़ी में जामिया हमदर्द के सेंटर फॉर मीडिया एंड मास कम्युनिकेशन स्टडीज़ (CMMS) ने अमेरिकी दूतावास, नई दिल्ली के सहयोग से 15 जनवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण अकादमिक सत्र का आयोजन किया। “द इन्फ्लुएंस ऑफ अमेरिकन म्यूज़िकल्स: फ्रॉम ब्रॉडवे टू ग्लोबल स्टेजेज़” शीर्षक से आयोजित इस सत्र में अमेरिकी सांस्कृतिक परंपरा और वैश्विक मंचों पर उसके प्रभाव पर गहन चर्चा हुई। यह सत्र प्रोफेसर (डॉ.) रेशमा नसरीन के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिन्होंने विश्वविद्यालय में वैश्विक अकादमिक संवाद को नई दिशा देने का काम किया है।

इस सत्र में विशिष्ट वक्ता के रूप में डॉ. अरशिया सेठी और सुश्री मिरियम एंडरसन शामिल हुईं। दोनों विशेषज्ञों ने ब्रॉडवे म्यूज़िकल्स के इतिहास, उनकी कलात्मक विशेषताओं और वैश्विक सांस्कृतिक प्रभाव पर विद्वतापूर्ण विचार साझा किए। सत्र का कुशल संचालन सीएमएमएस के सहायक प्रोफेसर डॉ. साद उल्लाह खान ने किया, जबकि इसका संयोजन डॉ. ए. क्यू. सिद्दीकी और डॉ. साद उल्लाह खान द्वारा किया गया। छात्रों और शोधार्थियों ने इस सत्र को अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक समझ बढ़ाने वाला अनुभव बताया।

वहीं दूसरी ओर, जामिया हमदर्द का स्कूल ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज़ एंड रिसर्च (SAHSR) भी शोध और अकादमिक गुणवत्ता को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में पैरामेडिकल साइंसेज़ विभाग ने 23 जनवरी 2026 को “आधुनिक टूल्स के माध्यम से बिब्लियोग्राफी निर्माण” विषय पर एक इन-हाउस हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग और कार्यशाला का सफल आयोजन किया।

इस कार्यशाला का उद्देश्य अकादमिक लेखन, संदर्भ प्रबंधन और शोध में नैतिकता को मजबूत करना था। आधुनिक रेफरेंस मैनेजमेंट टूल्स के माध्यम से बिब्लियोग्राफी तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। ऑफलाइन सत्र में छात्रों और फैकल्टी सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी की और व्यावहारिक प्रशिक्षण के जरिए शोध लेखन की बारीकियों को समझा।

खास बात यह रही कि इस कार्यशाला में उत्तर भारत के विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से ऑनलाइन प्रतिभागियों ने भी हिस्सा लिया, जिससे इसकी अकादमिक पहुंच और प्रभाव और व्यापक हो गया। कार्यशाला का संचालन पैरामेडिकल साइंसेज़ विभाग के फैकल्टी सदस्य श्री दानिश बशीर ने किया, जबकि ऑनलाइन सत्र का समन्वय श्री शेख इरफान द्वारा ECHO इंडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया गया। यह आयोजन डीन प्रोफेसर (डॉ.) सोहराब ए. खान और विभागाध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) खुर्शीद ए. अंसारी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। यह पहल विश्वविद्यालय की शोध क्षमता, अकादमिक उत्कृष्टता और विद्वतापूर्ण संवाद के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इसी के साथ जामिया हमदर्द का तकनीकी और सांस्कृतिक वातावरण भी युवा ऊर्जा से सराबोर होने जा रहा है। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित होने वाला टेक्नो-कल्चरल फेस्ट NERDZ ’26 विश्वविद्यालय परिसर को नवाचार, रचनात्मकता और उत्सव का केंद्र बनाने के लिए तैयार है। यह फेस्ट 5 और 6 फरवरी 2026 को जामिया हमदर्द, नई दिल्ली में आयोजित होगा।

NERDZ ’26 में कोडिंग, गेमिंग, तकनीकी प्रतियोगिताओं के साथ-साथ सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। यह मंच न केवल छात्रों को अपनी तकनीकी प्रतिभा दिखाने का अवसर देगा, बल्कि विचारों के आदान-प्रदान, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता को भी प्रोत्साहित करेगा। “गीयर अप, गीक आउट, गेम ऑन” जैसे जोशीले संदेश के साथ यह आयोजन युवाओं के लिए यादगार अनुभव बनने जा रहा है।

कुल मिलाकर, जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी आज एक ऐसे शैक्षणिक केंद्र के रूप में उभर रही है, जहां स्वास्थ्य विज्ञान, मीडिया, संस्कृति और तकनीक एक-दूसरे से जुड़कर नए आयाम रच रहे हैं। यह विश्वविद्यालय न केवल ज्ञान का प्रसार कर रहा है, बल्कि भविष्य के वैश्विक नागरिकों को गढ़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।