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मालापुरम में शब-ए-कद्र पर देश का सबसे बड़ा रूहानी इज्तिमा, नशे के खिलाफ लाखों लोगों का संकल्प

मुस्लिम नाउ ब्यूरो,तिरुवनंतपुरम/मालापुरम

केरल के मालापुरम में इस बार रमज़ान की 27वीं शब यानी शब-ए-कद्र के मौके पर देश का सबसे बड़ा रूहानी और दुआईया इज्तिमा आयोजित किया जा रहा है। यह विशाल आयोजन जामिआ मदन अकैडमिक के तत्वावधान में होगा, जहां लाखों की तादाद में रोज़ेदार पूरी रात इबादत, ज़िक्र और दुआ में मशगूल रहेंगे।

इस इज्तिमा की सबसे अहम विशेषता यह है कि इसमें शामिल होने वाले लाखों लोग समाज में फैलती नशाखोरी के खिलाफ सामूहिक शपथ लेंगे। आयोजकों का कहना है कि यह केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक सुधार की दिशा में एक बड़ा अभियान भी है।

नशे के खिलाफ सामूहिक अभियान

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए सैयद इब्राहीम खलील अल-बुखारी, जो केरल मुस्लिम जमात के राज्य महासचिव और मदन अकैडमी के चेयरमैन हैं, ने कहा कि “आज युवा पीढ़ी को नशे से बचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। शब-ए-कद्र की मुबारक रात में लिया गया संकल्प समाज में सकारात्मक बदलाव लाएगा।”

उन्होंने बताया कि यह इज्तिमा देश का सबसे बड़ा सालाना दुआईया कार्यक्रम बन चुका है, जिसमें हर साल लाखों लोग शरीक होते हैं। इस बार नशामुक्ति का संदेश केंद्रीय विषय रहेगा।

इबादत और आध्यात्मिक कार्यक्रमों की पूरी रात

27वीं रमज़ान की रात को आयोजित इस कार्यक्रम में सामूहिक इफ्तार, नमाज़-ए-तरावीह, बद्र मौलूद, हल्का-ए-ज़िक्र, जलसा-ए-एतिकाफ, यौम-उल-कुरआन, अस्मा-उल-हुस्ना और सलात-उत-तस्बीह जैसे कार्यक्रम सहरी तक जारी रहेंगे।

यह आयोजन “माहाना सलात मजलिस” के सालाना ख़त्म दुआईया इज्तिमा की सालगिरह के रूप में भी मनाया जाता है, जिससे इसकी धार्मिक और आध्यात्मिक अहमियत और बढ़ जाती है।

बड़े उलमा और रहनुमा करेंगे शिरकत

कार्यक्रम का उद्घाटन भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद करेंगे। वहीं समस्त के अध्यक्ष ई. सुलेमान मुसलियार उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करेंगे।

इसके अलावा सैयद अली बाफ़की थंगल, डॉ. हुसैन साकाफी, पोनमाला अब्दुल कादिर मुसलियार सहित कई प्रमुख उलमा और सामाजिक नेता संबोधित करेंगे।

प्रेस वार्ता में आयोजन समिति के संयोजक सिद्दीक साकाफी, उमर मेलमुरी, ज़ैनुद्दीन निज़ामी और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

लाखों लोगों के लिए व्यापक इंतज़ाम

राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के सहयोग से आयोजन स्थल पर व्यापक इंतज़ाम किए जा रहे हैं। हज़ारों लोगों की क्षमता वाले विशाल पंडाल, ऑडिटोरियम और खुले मैदानों में साउंड और लाइटिंग की विशेष व्यवस्था की गई है।

आपात स्थितियों के लिए सुपर स्पेशलिटी आईसीयू यूनिट तैनात रहेगी। फायर फोर्स और 5,555 स्वयंसेवकों की टीम व्यवस्था संभालेगी। पुलिस, फायर और मेडिकल विंग्स के सौ से अधिक हेल्पलाइन काउंटर स्थापित किए जाएंगे।

दूर-दराज़ और विदेश (खाड़ी देशों) से आने वाले लोगों के लिए विशेष “ग़ल्फ काउंटर” भी बनाया जा रहा है। इफ्तार और सहरी की सामूहिक व्यवस्था हर निर्धारित स्थल पर उपलब्ध रहेगी।

केरल से पूरे देश तक संदेश

मालापुरम का यह रूहानी इज्तिमा अब केवल केरल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। शब-ए-कद्र की बरकतों के साथ नशामुक्त भारत का संदेश जोड़कर आयोजकों ने इसे सामाजिक चेतना का मंच बना दिया है।

धार्मिक आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी के इस संगम ने मालापुरम को एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा में ला दिया है। लाखों लोगों की मौजूदगी में लिया जाने वाला नशे के खिलाफ यह संकल्प आने वाले समय में एक व्यापक जनांदोलन का रूप ले सकता है।

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