सलमान खुर्शीद की अगुवाई में IICC ने शुरू की नई स्कॉलरशिप
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली
दिल्ली के लोधी रोड पर स्थित इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर यानी आईआईसीसी ने आर्थिक रूप से कमजोर मुस्लिम छात्रों के लिए उम्मीद की एक नई किरण जगाई है। सेंटर के नए प्रेसिडेंट सलमान खुर्शीद की अगुवाई में एक खास स्कॉलरशिप स्कीम का ऐलान किया गया है। इसका नाम ‘आईआईसीसी मेरिट-कम-मीन्स स्कॉलरशिप’ रखा गया है। यह योजना उन होनहार बच्चों के लिए है जो पैसों की तंगी की वजह से अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने का डर महसूस कर रहे थे। अब वे छात्र हाई स्कूल से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद पा सकेंगे।
आईआईसीसी का मुख्य उद्देश्य उन प्रतिभाशाली छात्रों को आगे बढ़ाना है जो समाज के पिछड़े और जरूरतमंद तबके से आते हैं। सेंटर का मानना है कि शिक्षा ही वह रास्ता है जिससे सामाजिक सशक्तिकरण मुमकिन है। इस स्कॉलरशिप का दायरा काफी बड़ा रखा गया है। इसमें सिर्फ स्कूल या कॉलेज की पढ़ाई ही शामिल नहीं है। अगर कोई छात्र किसी वोकेशनल कोर्स या स्किल बेस्ड ट्रेनिंग से जुड़ा है तो वह भी इसके लिए पात्र है। इसके अलावा जो छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं उन्हें भी इस योजना के तहत मदद दी जाएगी।
पात्रता की बात करें तो नौवीं कक्षा से लेकर बारहवीं तक के स्कूली बच्चे इसमें आवेदन कर सकते हैं। ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे छात्र भी इसके हकदार होंगे। सेंटर ने साफ किया है कि इसके लिए एक उच्च स्तरीय स्कॉलरशिप कमेटी बनाई गई है। यही कमेटी तय करेगी कि किन छात्रों को यह मदद दी जानी चाहिए। कमेटी का फैसला ही अंतिम माना जाएगा। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि छात्रों को हर महीने या साल में कुल कितनी रकम दी जाएगी। लेकिन माना जा रहा है कि यह राशि छात्रों की जरूरतों को पूरा करने में काफी मददगार साबित होगी।
आवेदन की प्रक्रिया को बहुत ही सरल और पारदर्शी रखा गया है। इच्छुक छात्र आईआईसीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं। फॉर्म भरने के बाद इसे दो तरीके से जमा किया जा सकता है। पहला तरीका ई-मेल का है। छात्र अपने दस्तावेज स्कैन करके ई-मेल पते पर भेज सकते हैं। दूसरा तरीका यह है कि छात्र खुद सेंटर जाकर इसकी हार्ड कॉपी जमा कर दें। हार्ड कॉपी जमा करने के लिए वर्किंग डेज में सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक का समय तय किया गया है। आवेदन करने के लिए नोटिफिकेशन जारी होने के बाद 30 दिनों का समय दिया गया है।
आईआईसीसी ने छात्रों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन का इंतजाम भी किया है। अगर किसी छात्र को फॉर्म भरने या किसी भी नियम को समझने में दिक्कत आती है तो वह सीधे संपर्क कर सकता है। इसके लिए प्रेसिडेंट के पीए और एचआर एडमिन मैनेजर मोहम्मद नौशेरावां का मोबाइल नंबर जारी किया गया है। छात्र उनसे वर्किंग ऑवर्स के दौरान फोन पर बात कर सकते हैं। सेंटर की लाइब्रेरी और एजुकेशन कन्वीनर ख्वाजा एम शाहिद इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।
यह पहल ऐसे समय में आई है जब उच्च शिक्षा का खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में किसी प्रतिष्ठित संस्था की ओर से इस तरह की मदद छात्रों का हौसला बढ़ाती है। इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर न केवल एक सांस्कृतिक केंद्र है बल्कि अब यह शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी भूमिका मजबूती से निभा रहा है। सलमान खुर्शीद की लीडरशिप में लिए गए इस फैसले की काफी सराहना हो रही है। इससे उन गरीब परिवारों के बच्चों को राहत मिलेगी जिनके पास टैलेंट तो है पर संसाधनों की कमी है।
अगर आप या आपके आसपास कोई ऐसा छात्र है जो इस मापदंड में फिट बैठता है तो उसे तुरंत आवेदन करना चाहिए। याद रहे कि समय कम है और मौका बड़ा है। शिक्षा का अधिकार हर बच्चे का है और आईआईसीसी इस अधिकार को हकीकत में बदलने की कोशिश कर रहा है। सभी जरूरी जानकारी सेंटर की वेबसाइट पर उपलब्ध है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने सभी शैक्षणिक दस्तावेज और आय प्रमाण पत्र तैयार रखें। सही समय पर सही जानकारी के साथ किया गया आवेदन आपकी किस्मत बदल सकता है।
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