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ईरान-इजरायल युद्ध का असर: खाड़ी देशों में हवाई क्षेत्र बंद, सैकड़ों उड़ानें रद्द; अमृतसर से बेंगलुरु तक यात्री फंसे

अंतरराष्ट्रीय डेस्क

पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य टकराव का सीधा असर अब नागरिक उड्डयन और अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर दिखाई देने लगा है। कई खाड़ी देशों ने एहतियातन अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है, जिसके चलते सैकड़ों उड़ानें रद्द या डायवर्ट की गई हैं। भारत के अमृतसर और बेंगलुरु समेत कई हवाई अड्डों पर यात्री फंसे हुए हैं, जबकि एयरलाइंस लगातार हालात की निगरानी कर रही हैं।

एयर अरेबिया ने अस्थायी रूप से उड़ानें रोकीं

शारजाह स्थित लो-कॉस्ट कैरियर Air Arabia ने घोषणा की है कि संयुक्त अरब अमीरात से आने-जाने वाली उसकी उड़ानें सोमवार 2 मार्च दोपहर 3 बजे (यूएई समय) तक अस्थायी रूप से निलंबित रहेंगी।

इसके अलावा लेबनान, जॉर्डन, सीरिया और इराक के लिए उड़ानें 3 मार्च तक स्थगित कर दी गई हैं। एयरलाइन ने कहा है कि उसकी टीमें हालात पर लगातार नजर रखे हुए हैं और यात्रियों व क्रू की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

एयर अरेबिया ने यात्रियों से अपील की है कि यदि उन्होंने टिकट ट्रैवल एजेंट के माध्यम से बुक की है तो वे सीधे एजेंट से संपर्क करें। साथ ही ‘मैनेज बुकिंग’ सेक्शन में अपनी संपर्क जानकारी अपडेट रखें और एयरपोर्ट जाने से पहले वेबसाइट पर फ्लाइट स्टेटस अवश्य जांच लें।

कतर एयरवेज की सेवाएं भी निलंबित

इसी बीच Qatar Airways ने भी पुष्टि की है कि कतर के हवाई क्षेत्र के बंद होने के कारण उसकी उड़ान सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित हैं। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि कतर सिविल एविएशन अथॉरिटी द्वारा हवाई क्षेत्र को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही परिचालन बहाल किया जाएगा।

कंपनी ने कहा है कि 2 मार्च को सुबह 9 बजे (दोहा समय) स्थिति पर अगला आधिकारिक अपडेट जारी किया जाएगा।

अबू धाबी में ड्रोन हमले की घटना

Abu Dhabi Airports ने जानकारी दी है कि ज़ायद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाकर भेजे गए एक ड्रोन को इंटरसेप्ट किया गया। हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान गिरा मलबा एक एशियाई नागरिक की मौत और सात अन्य लोगों के घायल होने का कारण बना।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों या अपुष्ट खबरों को साझा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। हवाई अड्डा प्रशासन ने कहा है कि जैसे ही कोई नई जानकारी मिलेगी, उसे सार्वजनिक किया जाएगा।

अमृतसर एयरपोर्ट पर पांच उड़ानें प्रभावित

भारत में भी हालात का असर साफ दिखाई दिया। अमृतसर एयरपोर्ट के निदेशक भूपिंदर सिंह ने बताया कि पांच उड़ानें प्रभावित हुईं।

  • स्पाइसजेट की दुबई जाने वाली उड़ान को ईंधन भरने के बाद हवा में ही वापस अमृतसर बुला लिया गया।
  • इंडिगो की 6E 147 उड़ान को अमृतसर से सूरत डायवर्ट किया गया।
  • एयर एक्सप्रेस की एक उड़ान को ग्राउंड पर ही रद्द कर यात्रियों को उतार दिया गया।
  • शारजाह से अमृतसर आने वाली इंडिगो की एक उड़ान रद्द हुई।
  • एयर इंडिया की बर्मिंघम जाने वाली फ्लाइट भी रद्द कर दी गई।

भूपिंदर सिंह ने बताया कि शनिवार को कुल पांच उड़ानें रद्द हुईं और हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

बेंगलुरु में यात्री परेशान

बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी कई यात्री फंस गए। दिल्ली से बेंगलुरु और वहां से अबू धाबी जाने वाले एक यात्री राशिद खान ने बताया कि एयरपोर्ट अधिकारियों ने उन्हें ईरान-इजरायल युद्ध का हवाला देते हुए उड़ान रद्द होने की जानकारी दी।

एक अन्य यात्री ने कहा कि “जब तक वहां युद्धविराम नहीं होता, उड़ानें शुरू नहीं होंगी।” कई यात्रियों ने अचानक रद्दीकरण पर नाराजगी जताई, हालांकि सुरक्षा कारणों से अधिकांश ने निर्णय को जरूरी भी बताया।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA की प्रतिक्रिया

भारत के नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि 28 फरवरी को घरेलू एयरलाइंस की 410 उड़ानें रद्द हुईं और 1 मार्च को 444 उड़ानों के रद्द होने की संभावना है।

Directorate General of Civil Aviation (DGCA) सभी संबंधित एयरलाइंस के साथ समन्वय में है ताकि सुरक्षा और परिचालन नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जा सके।

मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर कहा कि ईरान और मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण यह कदम उठाया गया है।

हाइफ़ा पोर्ट की स्थिति

इजरायल के हाइफ़ा पोर्ट की संचालन कंपनी ने पुष्टि की है कि उसके सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं और बंदरगाह का बुनियादी ढांचा पूरी तरह सुरक्षित एवं परिचालन स्थिति में है।

यह बंदरगाह 2022 में Adani Ports and Special Economic Zone Ltd और इजरायल की गडोट ग्रुप के कंसोर्टियम द्वारा निजीकरण के तहत अधिग्रहित किया गया था। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि वे परिवहन मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार संचालन कर रहे हैं और आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

संघर्ष का व्यापक असर

शनिवार को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त मिसाइल हमले किए, जिनमें तेहरान समेत कई प्रमुख शहरों में बड़े विस्फोट हुए। जवाब में ईरान ने भी इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया।

इसी हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामनेई की मौत की खबर ने हालात को और गंभीर बना दिया। क्षेत्र में हवाई क्षेत्र बंद होने से वैश्विक उड्डयन नेटवर्क पर दबाव बढ़ गया है।

संयुक्त राष्ट्र की अपील

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने तत्काल शत्रुता समाप्त करने और तनाव कम करने की अपील की है। उन्होंने विश्व नेताओं से “जिम्मेदारी से कार्य करने” और क्षेत्र को व्यापक युद्ध से बचाने की अपील की।


निष्कर्ष

पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते घटनाक्रमों ने अंतरराष्ट्रीय विमानन, व्यापार और आम यात्रियों की जिंदगी पर गहरा असर डाला है। हवाई क्षेत्र बंद होने से सैकड़ों उड़ानें रद्द हो चुकी हैं और हजारों यात्री अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।

एयरलाइंस और नागरिक उड्डयन प्राधिकरण सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए सतर्कता बरत रहे हैं। फिलहाल, हालात अत्यंत संवेदनशील हैं और आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाएगी, यह कूटनीतिक प्रयासों और सैन्य गतिविधियों पर निर्भर करेगा।