NewsTOP STORIES

ट्रंप का ईरान को 10 दिन का अल्टीमेटम: ऊर्जा ठिकानों पर हमले टले, हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर समझौता

वॉशिंगटन डीसी/तेहरान:

पश्चिम एशिया में युद्ध के बादलों के बीच एक बड़ी कूटनीतिक हलचल देखने को मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे (Energy Infrastructure) पर होने वाले संभावित हमलों को अगले 10 दिनों के लिए टालने का निर्णय लिया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि हालांकि तेहरान ने केवल 7 दिनों की मोहलत मांगी थी, लेकिन उन्होंने अपनी ओर से इसे बढ़ाकर 10 दिन कर दिया है। अब यह नई समयसीमा 6 अप्रैल, 2026 को समाप्त होगी।

ईरान ने मांगी थी मोहलत, ट्रंप ने दिया ‘बोनस’

फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में राष्ट्रपति ट्रंप ने इस फैसले के पीछे की कूटनीति का खुलासा किया। ट्रंप के अनुसार, ईरान ने अपने राजनयिक माध्यमों से “बहुत विनम्रता” के साथ बातचीत के लिए अतिरिक्त समय की मांग की थी।

ट्रंप ने कहा, “उन्होंने मुझसे मेरे लोगों के जरिए बहुत शालीनता से पूछा कि क्या हमें थोड़ा और समय मिल सकता है? क्योंकि हम कल रात (हमलों की तैयारी) की बात कर रहे थे। अगर वे वह नहीं करते जो उन्हें करना चाहिए, तो मैं उनके पावर प्लांट्स को पूरी तरह तबाह कर दूंगा।”

राष्ट्रपति ने आगे विस्तार से बताते हुए कहा, “उन्होंने सात दिन मांगे थे, लेकिन मैंने उन्हें दस दिन दिए। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने मुझे ‘जहाज’ दिए हैं।”

‘उपहार’ में मिले 8 तेल टैंकर: तनाव कम होने के संकेत?

ट्रंप ने खुलासा किया कि उनके इस नरम रुख का मुख्य कारण ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से आठ तेल टैंकरों को सुरक्षित रास्ता देना है। ट्रंप ने इसे ईरान की ओर से अमेरिका के लिए एक ‘उपहार’ (Present) करार दिया। गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग है, जिसे ईरान ने पिछले दिनों बंद करने की धमकी दी थी।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर भी इसकी पुष्टि की। उन्होंने लिखा:

“ईरानी सरकार के अनुरोध पर, मैं ऊर्जा संयंत्रों को नष्ट करने की कार्रवाई को 10 दिनों के लिए स्थगित कर रहा हूं। अब यह समयसीमा सोमवार, 6 अप्रैल, 2026 को रात 8 बजे (पूर्वी समय) समाप्त होगी। बातचीत जारी है और ‘फेक न्यूज मीडिया’ के दावों के विपरीत, यह बहुत अच्छी दिशा में बढ़ रही है।”

धमकी से बातचीत तक: घटनाक्रम का पूरा ब्यौरा

पिछले एक हफ्ते में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का ग्राफ तेजी से ऊपर-नीचे हुआ है:

  1. शनिवार का अल्टीमेटम: ट्रंप ने शनिवार को ईरान को 48 घंटे की कड़ी चेतावनी दी थी कि यदि उसने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को पूरी तरह से नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को “नष्ट” कर देगा।
  2. सोमवार की राहत: सोमवार को ट्रंप ने अचानक अपने रुख में बदलाव करते हुए 5 दिनों के लिए सैन्य कार्रवाई रोकने का आदेश दिया। उन्होंने इसे “सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत” का परिणाम बताया।
  3. अब 10 दिन का विस्तार: गुरुवार को ट्रंप ने इस राहत अवधि को बढ़ाकर 6 अप्रैल तक कर दिया, जिससे अब दोनों देशों के पास व्यापक समझौते के लिए पर्याप्त समय है।

‘डिपार्टमेंट ऑफ वॉर’ और ट्रंप की रणनीति

दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप ने अपने संदेशों में ‘डिपार्टमेंट ऑफ वॉर’ (युद्ध विभाग) शब्द का इस्तेमाल किया है, जो उनके आक्रामक और सीधे रवैये को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सैन्य विकल्प अभी भी मेज पर हैं, लेकिन वे कूटनीति को एक मौका देना चाहते हैं।

ट्रंप ने कहा कि वर्तमान बातचीत का “टोन और टेनर” (लहजा और मिजाज) काफी गहरा और विस्तृत है। अमेरिका का लक्ष्य केवल होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना नहीं, बल्कि पूरे मध्य पूर्व में शत्रुता को पूरी तरह समाप्त करना है।

विशेषज्ञों की राय: क्या यह स्थायी शांति की ओर कदम है?

वरिष्ठ रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप की ‘मैक्सिमम प्रेशर’ (अधिकतम दबाव) की नीति यहाँ काम करती दिख रही है। एक तरफ सैन्य हमले का डर दिखाकर और दूसरी तरफ ’10 दिन की मोहलत’ जैसे कूटनीतिक लचीलेपन का उपयोग कर, ट्रंप ईरान को समझौते की मेज पर लाने में सफल रहे हैं।

ईरान के लिए यह 10 दिन बेहद महत्वपूर्ण हैं। आर्थिक प्रतिबंधों और संभावित सैन्य तबाही के बीच, 8 तेल टैंकरों को छोड़ना तेहरान की ओर से एक बड़ा ‘कॉम्प्रोमाइज’ माना जा रहा है। हालांकि, सवाल यह है कि क्या 6 अप्रैल तक कोई स्थायी समझौता हो पाएगा या यह केवल तूफान से पहले की शांति है?


मुख्य बिंदु: एक नज़र में

  • नई समयसीमा: 6 अप्रैल, 2026, रात 8 बजे।
  • ईरान की मांग: 7 दिन की मोहलत।
  • ट्रंप का फैसला: 10 दिन की राहत।
  • समझौते की शर्त: 8 तेल टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित निकाला गया।
  • अगला कदम: यदि वार्ता विफल रही, तो ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे (पावर ग्रिड) पर हमले की चेतावनी।

निष्कर्ष: डोनाल्ड ट्रंप की यह घोषणा वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिए एक बड़ी राहत है। यदि ईरान इन 10 दिनों का उपयोग विश्वास बहाली के लिए करता है, तो मध्य पूर्व में एक बड़े युद्ध को टाला जा सकता है। फिलहाल, पूरी दुनिया की निगाहें 6 अप्रैल की समयसीमा पर टिकी हैं।