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6 साल बाद हीथ्रो पहुंची PIA, प्रतिबंधों के बाद नई शुरुआत

इस्लामाबाद/लंदन।

रविवार, 29 मार्च 2026 का दिन पाकिस्तान के नागरिक उड्डयन इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। छह साल के लंबे इंतजार और कड़े प्रतिबंधों के बाद पाकिस्तान की राष्ट्रीय एयरलाइन, पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) ने एक बार फिर लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे के लिए अपनी सीधी उड़ानें शुरू कर दी हैं। यह न केवल एक एयरलाइन की वापसी है, बल्कि वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान के बिगड़े हवाई संबंधों के सुधरने और उसके निजीकरण के सफल दौर की एक बड़ी गूंज भी है।

इस्लामाबाद से हीथ्रो: पहली उड़ान का भव्य आगाह

रविवार दोपहर 1:19 बजे (PST) जैसे ही पीआईए की फ्लाइट PK-785 ने इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे से उड़ान भरी, वहां मौजूद अधिकारियों और यात्रियों की तालियों की गड़गड़ाहट ने आसमान छू लिया। छह साल पहले सुरक्षा कारणों और पायलटों के लाइसेंस विवाद के बाद यूरोपीय और ब्रिटिश आसमान पीआईए के लिए बंद हो गए थे। लेकिन आज, तमाम बाधाओं को पार कर पीआईए का विमान फिर से लंदन के लिए रवाना हुआ।

इस ऐतिहासिक मौके को यादगार बनाने के लिए इस्लामाबाद हवाई अड्डे पर एक भव्य रिबन-काटने का समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में पाकिस्तान के रक्षा सचिव लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) मुहम्मद अली, ब्रिटिश उच्चायुक्त जेन मैरियट और पीआईए कंसोर्टियम के अध्यक्ष आरिफ हबीब विशेष रूप से उपस्थित रहे।

उड़ानों का शेड्यूल और कनेक्टिविटी

पीआईए ने अपनी इस सेवा को बेहद रणनीतिक तरीके से शुरू किया है। वर्तमान योजना के अनुसार:

  • इस्लामाबाद से लंदन: सप्ताह में तीन सीधी उड़ानें संचालित की जाएंगी।
  • लाहौर से लंदन: सप्ताह में एक सीधी उड़ान संचालित होगी।

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पहले ही पुष्टि कर दी थी कि इस्लामाबाद और लाहौर से लंदन हीथ्रो के लिए सीधी सेवाएं 29 और 30 मार्च से प्रभावी हो जाएंगी। यह कनेक्टिविटी न केवल यात्रियों का समय बचाएगी, बल्कि पाकिस्तान और यूनाइटेड किंगडम के बीच व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगी।

प्रतिबंधों से बहाली तक का कठिन सफर

पीआईए के लिए यह वापसी आसान नहीं थी। साल 2020 में एक फर्जी पायलट लाइसेंस घोटाले के बाद ईएएसए (EASA) और ब्रिटेन के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने पीआईए की उड़ानों पर रोक लगा दी थी। पिछले साल सितंबर में कड़े सुरक्षा ऑडिट और अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने के बाद पीआईए को ब्रिटेन में परिचालन फिर से शुरू करने की आधिकारिक मंजूरी मिली थी। शुरुआत में मैनचेस्टर और बर्मिंघम के लिए उड़ानें बहाल की गईं और अब लंदन (हीथ्रो) की बहाली ने इस प्रक्रिया को पूर्ण कर दिया है।

हाउसफुल रही पहली उड़ान: यात्रियों में भारी उत्साह

पीआईए की इस वापसी का बाजार ने जबरदस्त स्वागत किया है। उद्घाटन उड़ान (इस्लामाबाद-लंदन) की सभी टिकटें पहले ही बिक चुकी थीं, और वापसी की उड़ानें भी पूरी तरह से ‘सोल्ड-आउट’ हैं। लाहौर से लंदन की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह सफर लगभग आठ घंटे का होगा। पीआईए ने अपनी विशिष्ट ऑन-बोर्ड मेहमाननवाजी, उदार बैगेज अलाउंस (सामान ले जाने की छूट) और आधुनिक सुविधाओं के साथ यात्रियों को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

विशेष रूप से ब्रिटेन में रहने वाले पाकिस्तानी प्रवासियों (Diaspora) के लिए यह एक बड़ी राहत है। अब उन्हें कनेक्टिंग उड़ानों के झंझट और लंबे इंतजार से छुटकारा मिलेगा।

निजीकरण और भविष्य का रोडमैप

पीआईए की यह उड़ान केवल एक सेवा की बहाली नहीं है, बल्कि एयरलाइन के कायाकल्प का प्रतीक है। हाल ही में पीआईए का निजीकरण किया गया है, जिसमें आरिफ हबीब कॉर्पोरेशन के नेतृत्व वाले एक कंसोर्टियम ने 135 अरब रुपये में एयरलाइन की 75% हिस्सेदारी हासिल की है।

इस नए प्रबंधन ने पीआईए के भविष्य के लिए एक बड़ा ‘विजन’ तैयार किया है:

  • बेड़े का विस्तार: कंसोर्टियम की योजना पीआईए के विमानों की संख्या बढ़ाकर 64 करने की है।
  • आधुनिकीकरण: विमानों के अंदरूनी हिस्सों, केबिन सेवाओं और तकनीक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपग्रेड किया जा रहा है।
  • अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क: लंदन के बाद, पीआईए अन्य यूरोपीय शहरों और अमेरिकी गंतव्यों के लिए भी सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने की तैयारी में है।

पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

सीधी उड़ानों की बहाली का असर केवल यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा। ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक समुदाय ने इस कदम का स्वागत किया है। माल ढुलाई (Cargo) की सुविधा से दोनों देशों के बीच निर्यात-आयात की रफ़्तार बढ़ेगी। साथ ही, ब्रिटेन से आने वाले पर्यटकों के लिए अब गिलगित-बल्तिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा की खूबसूरत वादियों तक पहुँचना आसान हो जाएगा।

निष्कर्ष

छह साल बाद पीआईए का लंदन की जमीन पर उतरना पाकिस्तान के नागरिक उड्डयन क्षेत्र के पुनर्जन्म जैसा है। यह सफलता दर्शाती है कि यदि प्रबंधन सही हो और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए, तो संकटों से उबरना संभव है। आरिफ हबीब कंसोर्टियम के तहत पीआईए अब एक नई उड़ान के लिए तैयार है, जिसका लक्ष्य उसे फिर से दुनिया की बेहतरीन एयरलाइनों की कतार में खड़ा करना है।

ब्रिटिश उच्चायुक्त जेन मैरियट के शब्दों में, “यह दोनों देशों के लोगों को जोड़ने और व्यापारिक सेतु बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।” आज लंदन के आसमान में पीआईए के विमान की घरघराहट पाकिस्तान की बदलती आर्थिक और कूटनीतिक तस्वीर की गवाह बन रही है।


रिपोर्टर: ए. अहमद