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ईरान के साथ युद्ध में बड़ा मोड़: दो अमेरिकी लड़ाकू विमान ढेर, एक पायलट लापता

वॉशिंगटन:

ईरान के साथ जारी भीषण युद्ध के पांचवें सप्ताह में शुक्रवार को एक बड़ी सैन्य घटना सामने आई है। ईरान ने मध्य ईरान और अरब की खाड़ी में दो अमेरिकी सैन्य विमानों को मार गिराया है। इस घटना में एक अमेरिकी चालक दल के सदस्य को सुरक्षित बचा लिया गया है। लेकिन कम से कम एक अन्य सदस्य अभी भी लापता है। अमेरिकी मीडिया आउटलेट्स एक्सियोस और सीबीएस की रिपोर्ट के अनुसार यह युद्ध का अब तक का सबसे गंभीर मोड़ माना जा रहा है।

ईरान की विशिष्ट सैन्य शाखा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने शुक्रवार 2 अप्रैल को मध्य ईरान के ऊपर एक अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल (F-15E Strike Eagle) को मार गिराने का दावा किया है। विमान में दो लोग सवार थे। इनमें से एक पायलट और दूसरा हथियार प्रणाली अधिकारी था। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार अमेरिकी विशेष बलों ने बहादुरी दिखाते हुए एक सदस्य को ईरान के भीतर से सुरक्षित निकाल लिया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि बचाई गई शख्सियत पायलट है या अधिकारी।

दूसरे विमान की भी खबर

ईरानी मीडिया ने दावा किया कि उन्होंने एक दूसरा विमान भी गिराया है। तेहरान ने इसकी पहचान ए-10 (A-10) ग्राउंड अटैक जेट के रूप में की है। यह विमान अरब की खाड़ी के ऊपर गिरना बताया गया है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने “एक विमान के गिरने” की रिपोर्ट्स मिलने की पुष्टि तो की है लेकिन अभी विस्तृत जानकारी देने से बच रहा है। सांसदों को दी गई जानकारी में पेंटागन ने स्वीकार किया कि एक सर्विस सदस्य की स्थिति फिलहाल अज्ञात है।

विमानों का गिरना राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के दावों पर सवाल खड़े करता है। हाल ही में ट्रम्प ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा था कि अमेरिकी सेना ने ईरान को “पूरी तरह तबाह” कर दिया है। उन्होंने दावा किया था कि आसमान पर अमेरिकी और इजरायली सेना का पूरा नियंत्रण है। लेकिन शुक्रवार की घटनाओं ने साबित कर दिया कि ईरानी हवाई रक्षा तंत्र अभी भी सक्रिय और खतरनाक है।

इनाम की घोषणा और तलाशी अभियान

ईरान के कोहगिलुये और बोयर-अहमद प्रांत में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। ईरानी अधिकारियों ने एक दुर्लभ कदम उठाते हुए टीवी पर जनता से मदद मांगी है। सरकारी टेलीविजन पर एक प्रेजेंटर ने कहा कि जो कोई भी दुश्मन के पायलट को जिंदा पकड़कर सौंपेगा उसे कीमती इनाम दिया जाएगा।

रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि एफ-15ई विमान इमरजेंसी लोकेटर बीकन से लैस होता है। यह तकनीक पायलट को खोजने में मदद करती है। लेकिन अगर अमेरिकी सैनिक ईरान की धरती पर पकड़ा जाता है तो यह वॉशिंगटन के लिए बहुत बड़ी कूटनीतिक हार होगी। अमेरिका में पहले से ही इस युद्ध को लेकर जनसमर्थन काफी कम है।

ट्रम्प की प्रतिक्रिया

जब इस घटना के बारे में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से पूछा गया तो उन्होंने एनबीसी को बताया कि विमान के नुकसान से तेहरान के साथ बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ट्रम्प ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह युद्ध है और युद्ध में ऐसी चीजें होती हैं। हालांकि सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प को इस घटना की तुरंत जानकारी दी गई थी लेकिन व्हाइट हाउस ने अभी तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है।

तेल और अर्थव्यवस्था पर संकट

युद्ध का असर सिर्फ रणभूमि तक सीमित नहीं है। ईरान ने मिडिल ईस्ट में इजरायल और खाड़ी देशों के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले जारी रखे हैं। ईरान का हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण बना हुआ है। यह रास्ता वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। इसके कारण वैश्विक बाजारों में हड़कंप मच गया है और ऊर्जा की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के नेतृत्व में चल रही संघर्ष विराम की कोशिशें भी विफल हो गई हैं। ईरान ने मध्यस्थों को स्पष्ट कर दिया है कि वह इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों से मिलने के लिए तैयार नहीं है।

अब तक का नुकसान

यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था जब अमेरिका और इजरायल ने हमलों की एक लहर शुरू की थी। इसी दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। तब से अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार इस संघर्ष में अब तक 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और 300 से अधिक घायल हुए हैं।

ईरान ने इजरायल पर लगातार ड्रोन और मिसाइलों की बारिश की है। इसके साथ ही लेबनान में भी स्थिति तनावपूर्ण है। बेरूत में अमेरिकी दूतावास ने सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। उन्होंने अमेरिकी नागरिकों को तत्काल लेबनान छोड़ने की सलाह दी है क्योंकि वहां के विश्वविद्यालयों को निशाना बनाया जा सकता है।

ईरान के भीतर एक अमेरिकी सैनिक के लापता होने ने वॉशिंगटन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। यदि वह पायलट पकड़ा जाता है तो यह युद्ध को एक नए और अनिश्चित रास्ते पर ले जा सकता है। फिलहाल अमेरिकी विशेष बल लापता सदस्य की तलाश में जुटे हुए हैं। सारा दारोमदार अब इस बात पर है कि लापता सैनिक ईरान की सेना के हाथ आता है या अमेरिकी रेस्क्यू टीम के।