टाइम्स 100: जोहरान, तारिक और जफर पनाही के बहाने मुस्लिम दुनिया की धमक
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मुस्लिम नाउ विशेष,नई दिल्ली/न्यूयॉर्क
प्रतिष्ठित पत्रिका ‘टाइम्स’ ने साल 2026 के 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची जारी कर दी है। इस बार की लिस्ट में तीन मुस्लिम चेहरों ने अपनी जगह बनाई है। यह खबर दुनिया भर के मुसलमानों के लिए गर्व और चर्चा का विषय बनी हुई है। इन तीन नामों में न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी, बांग्लादेश के नए नेता तारिक रहमान और ईरानी फिल्म निर्माता जफर पनाही शामिल हैं। हालांकि जफर पनाही का नाम शामिल होने से एक नई बहस छिड़ गई है।
जोहरान ममदानी: न्यूयॉर्क की राजनीति का नया सितारा

जोहरान ममदानी ने अमेरिकी राजनीति में वह कर दिखाया जो नामुमकिन लगता था। उन्होंने न्यूयॉर्क शहर के मेयर चुनाव में दिग्गज नेता एंड्रयू कुओमो को हराकर सबको चौंका दिया। जोहरान अब देश के सबसे बड़े शहर के दूसरे सबसे युवा मेयर हैं।
उनकी जीत का राज उनके सीधे और सरल वादे थे। उन्होंने मुफ्त बस सेवा, किराया फ्रीज करने और बच्चों की देखभाल (childcare) जैसे मुद्दों पर चुनाव लड़ा। उनके सोशल मीडिया वीडियो खूब वायरल हुए। युवाओं ने उन्हें हाथों-हाथ लिया। आज वे डेमोक्रेटिक पार्टी के सबसे बड़े प्रगतिशील चेहरे बन चुके हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी उनकी कार्यशैली के मुरीद नजर आते हैं। जोहरान ने साबित किया कि अगर राजनीति सीधे लोगों के जीवन से जुड़ी हो तो नतीजे ऐतिहासिक होते हैं। उनके आलोचक भले ही उनकी आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाएं लेकिन फिलहाल न्यूयॉर्क में उनके नाम का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है।
तारिक रहमान: निर्वासन से सत्ता के शिखर तक

बांग्लादेश की राजनीति में साल 2026 एक बड़े बदलाव का गवाह बना। 17 साल के लंबे निर्वासन के बाद तारिक रहमान की स्वदेश वापसी हुई। उन्होंने फरवरी में हुए चुनावों में भारी बहुमत से जीत हासिल की।
लंदन में एक साधारण जीवन जी रहे तारिक अचानक बांग्लादेश के भाग्य विधाता बन गए। उनकी वापसी के महज पांच दिन बाद उनकी मां और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का निधन हो गया। इस दुख की घड़ी में भी तारिक ने खुद को संभाला।
आज उनके सामने 17.5 करोड़ आबादी वाले देश को संभालने की बड़ी चुनौती है। बांग्लादेश इस वक्त महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहा है। भारत के साथ रिश्ते भी सबसे निचले स्तर पर हैं। तारिक रहमान ने टाइम्स से कहा कि उनका लक्ष्य सबको साथ लेकर चलना है। वे पुरानी कड़वाहट भूलकर देश को आर्थिक मजबूती देना चाहते हैं।
जफर पनाही: कला और प्रतिरोध का विवादित चेहरा

इस सूची में तीसरा और सबसे ज्यादा चर्चा वाला नाम जफर पनाही का है। पनाही ईरान के मशहूर फिल्म निर्माता हैं। वे लंबे समय से ईरानी सरकार की आंखों में चुभते रहे हैं। उन्हें अपनी फिल्मों के जरिए व्यवस्था पर सवाल उठाने के लिए जाना जाता है।
पनाही की हालिया फिल्म ‘इट वॉज़ जस्ट एन एक्सीडेंट’ ने कान फिल्म फेस्टिवल में पाल्मे डी’ओर जीता। इसके साथ ही उन्हें ऑस्कर के लिए भी नामांकित किया गया। लेकिन ईरान में उन पर पाबंदियां जारी हैं। उन्हें उनकी अनुपस्थिति में एक साल जेल की सजा सुनाई गई है।
पनाही का कहना है कि वे जेल जाएंगे और वहां से एक नई स्क्रिप्ट लेकर बाहर आएंगे। उनकी कला को ‘टाइम्स 100’ में जगह मिलना ईरान विरोधी कूटनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। समर्थकों के लिए वे आजादी के सिपाही हैं तो विरोधियों के लिए विवादित शख्सियत।

बदलाव की सुगबुगाहट
टाइम्स की यह सूची बताती है कि मुस्लिम जगत की प्रतिभाएं अब सिर्फ अपने देश तक सीमित नहीं हैं। चाहे वह अमेरिका की नगर पालिका हो या सिनेमा का अंतरराष्ट्रीय मंच, ये चेहरे अपनी पहचान बना रहे हैं।
जोहरान ममदानी जहां पश्चिम में नए समाजवाद की नींव रख रहे हैं, वहीं तारिक रहमान दक्षिण एशिया की भू-राजनीति बदल रहे हैं। जफर पनाही अपनी फिल्मों से सत्ता को आईना दिखा रहे हैं। इन तीन शख्सियतों के जरिए 2026 की दुनिया एक नया चेहरा देख रही है। विवाद अपनी जगह हैं लेकिन इनकी प्रभावशीलता से इनकार करना नामुमकिन है।

