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पाकिस्तान : बन्नू पुलिस चौकी पर आत्मघाती हमला, 15 जवानों की मौत

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, इस्लामाबाद

पाकिस्तान के अशांत प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवाद एक बार फिर भयावह रूप में सामने आया है। बन्नू जिले में शनिवार देर रात एक पुलिस चौकी पर हुए आत्मघाती कार हमले में कम से कम 15 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। धमाका इतना शक्तिशाली था कि पूरी चौकी मलबे में तब्दील हो गई और आसपास के घरों को भी भारी नुकसान पहुंचा। इस हमले ने पाकिस्तान में बढ़ती आतंकवादी घटनाओं और सुरक्षा हालात को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फतेह खेल चौकी को बनाया गया निशाना

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह हमला बन्नू जिले के फतेह खेल इलाके में स्थित पुलिस चेकपोस्ट पर हुआ। शनिवार देर रात विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी तेज रफ्तार से पुलिस चौकी में घुसा दी गई। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पूरी चौकी कुछ ही सेकंड में जमींदोज हो गई।

स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक उस समय चौकी पर लगभग 29 पुलिसकर्मी तैनात थे। विस्फोट के बाद कई जवान मलबे के नीचे दब गए। शुरुआती घंटों में राहत और बचाव दलों को मलबा हटाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

बन्नू के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) सज्जाद खान ने बताया कि धमाका बेहद शक्तिशाली था, जिससे चौकी पूरी तरह नष्ट हो गई और कई पुलिसकर्मी उसके नीचे दब गए। उन्होंने कहा कि राहत टीमों ने रातभर अभियान चलाकर कई शवों को बाहर निकाला, जबकि कुछ घायल जवानों को जीवित बचा लिया गया।

धमाके के बाद कई घंटों तक चली गोलीबारी

प्रत्यक्षदर्शियों और सुरक्षा सूत्रों के अनुसार धमाके के तुरंत बाद भारी गोलीबारी शुरू हो गई। बताया गया है कि आत्मघाती हमले के बाद कई हथियारबंद हमलावर चौकी के भीतर घुस आए और पुलिस बल पर अंधाधुंध फायरिंग की।

स्थानीय पुलिस अधिकारी मोहम्मद सज्जाद खान ने बताया कि हमलावरों ने न केवल भारी हथियारों का इस्तेमाल किया बल्कि ड्रोन और क्वाडकॉप्टर तकनीक का भी सहारा लिया। इससे सुरक्षा बलों के लिए जवाबी कार्रवाई और राहत अभियान दोनों कठिन हो गए।

एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि हमलावर चौकी में मौजूद कुछ हथियार अपने साथ ले गए और कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी को भी अगवा कर लिया।

मृत और घायल पुलिसकर्मियों की पहचान

हमले में जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान रहमत अयाज, सनाउल्लाह, नियाज अली, हबीब, सादुल्लाह जान, कमरान, नूरुल्लाह, आबिद जानी, इमरान, कलीमुल्लाह, सादिकुल्लाह, मुनीर आलम खान, राहतुल्लाह खान और फारूक के रूप में की गई है। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है क्योंकि कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

घायलों में मुजरिम फिरोज, हयातुल्लाह और कादरुल्लाह शामिल हैं, जिन्हें तुरंत जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया। DIG सज्जाद खान ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के इलाज की समीक्षा की और डॉक्टरों को हरसंभव चिकित्सा सुविधा देने के निर्देश दिए।

धमाके से आसपास के मकानों को भी भारी नुकसान

स्थानीय लोगों के अनुसार धमाका इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज जिले के दूर-दराज इलाकों तक सुनी गई। विस्फोट से आसपास के कई घरों की छतें गिर गईं और दीवारों में दरारें आ गईं।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि पहले जोरदार धमाका हुआ और उसके तुरंत बाद गोलियों की आवाजें सुनाई देने लगीं। लोगों में दहशत फैल गई और कई परिवार रात में ही सुरक्षित स्थानों की ओर भाग गए।

राहत अधिकारियों का कहना है कि अंधेरा होने और दूसरे संभावित हमलों की आशंका के कारण बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। सुरक्षा एजेंसियों को डर था कि आतंकवादी राहत दलों और अतिरिक्त पुलिस बल को निशाना बना सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने की कड़ी निंदा

खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने इस हमले की तीखी निंदा करते हुए कहा कि आतंकवादियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने मृत पुलिसकर्मियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और राज्य आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा।

बलूचिस्तान में भी बढ़ी हिंसा

बन्नू हमले के बीच पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत से भी हिंसक घटनाओं की खबरें सामने आई हैं। बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने दावा किया है कि उसने राज्य के विभिन्न इलाकों में 10 अलग-अलग अभियान चलाए हैं, जिनमें 10 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी और चार कथित सरकारी एजेंट मारे गए।

BLF के प्रवक्ता मेजर ग्वाहराम बलोच ने बयान जारी कर कहा कि संगठन ने फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) की चौकियों, सैन्य शिविरों, सुरक्षा काफिलों और सड़क निर्माण परियोजनाओं की सुरक्षा में लगे कर्मियों को निशाना बनाया।

समूह ने दावा किया कि उसने कई स्थानों से हथियार जब्त किए और निगरानी कैमरों को नष्ट कर दिया। हालांकि पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

पाकिस्तान-अफगानिस्तान संबंधों में तनाव

पाकिस्तान में बढ़ते आतंकी हमलों ने पड़ोसी देश अफगानिस्तान के साथ उसके संबंधों को भी तनावपूर्ण बना दिया है। पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लड़ाके कर रहे हैं, जो पाकिस्तान में घुसकर आतंकी घटनाओं को अंजाम देते हैं।

पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच सीमा पर कई बार झड़पें हो चुकी हैं। पाकिस्तान ने कुछ मौकों पर अफगान सीमा के भीतर हवाई हमले भी किए हैं। हालांकि अफगानिस्तान इन आरोपों को खारिज करता रहा है और कहता है कि उसकी जमीन किसी पड़ोसी देश के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होने दी जाएगी।

बढ़ती आतंकवादी घटनाएं बनी चुनौती

विशेषज्ञों का मानना है कि खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में बढ़ती आतंकवादी गतिविधियां पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं। विशेष रूप से सीमावर्ती इलाकों में पुलिस और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले लगातार बढ़ रहे हैं।

बन्नू जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में इस तरह के बड़े हमले यह संकेत देते हैं कि आतंकवादी संगठन अब पहले से अधिक संगठित रणनीति और आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

फिलहाल बन्नू हमले की जांच जारी है और सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। पाकिस्तान में एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर लगातार बढ़ते आतंकी हमलों को रोकने के लिए सरकार और सुरक्षा एजेंसियां क्या नई रणनीति अपनाएंगी।