होरमुज़ जलडमरूमध्य में तनाव: ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को नकारा, युद्ध की आहट से वैश्विक तेल बाज़ार में उबाल
वॉशिंगटन/तेहरान
मध्य पूर्व में पिछले दस हफ्तों से जारी संघर्ष अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान द्वारा दिए गए शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रंप ने इस प्रस्ताव को ‘पूरी तरह से अस्वीकार्य’ और ‘कचरा’ करार दिया है। इस कड़े रुख के बाद दुनिया भर के ऊर्जा बाजारों में हड़कंप मच गया है। तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है।
सीजफायर अब ‘लाइफ सपोर्ट’ पर
सोमवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम अब ‘मैसिव लाइफ सपोर्ट’ पर है। ट्रंप ने एक कड़ा उदाहरण देते हुए कहा कि यह वैसी ही स्थिति है जैसे डॉक्टर कहे कि आपके प्रियजन के बचने की संभावना सिर्फ एक प्रतिशत है। ट्रंप का यह बयान तब आया जब ईरान ने अमेरिका की शांति योजना के जवाब में अपना 14 सूत्रीय प्रस्ताव रखा था।
ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए ईरानी प्रस्ताव को बेकार बताया। उन्होंने साफ किया कि जब तक उनकी शर्तें नहीं मानी जातीं, तब तक कूटनीति के लिए कोई जगह नहीं है। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि ईरान का शासन अंततः ‘सरेंडर’ कर देगा या पूरी तरह ढह जाएगा।
There is no alternative but to accept the rights of the Iranian people as laid out in the 14-point proposal.
— محمدباقر قالیباف | MB Ghalibaf (@mb_ghalibaf) May 11, 2026
Any other approach will be completely inconclusive; nothing but one failure after another.
The longer they drag their feet, the more American taxpayers will pay for it.
प्रोजेक्ट फ्रीडम की फिर से शुरुआत?
राष्ट्रपति ट्रंप ने होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अपने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को फिर से लॉन्च करने के संकेत दिए हैं। यह एक सैन्य ऑपरेशन है जिसे पिछले हफ्ते शुरू किया गया था। शुरुआत में इसका मकसद केवल फंसे हुए वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षा देना था। लेकिन अब ट्रंप इसे बड़े पैमाने पर विस्तारित करने पर विचार कर रहे हैं।
ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास अपने परमाणु भंडार को स्वतंत्र रूप से निकालने की क्षमता नहीं है। उन्होंने दावा किया कि ईरानी वार्ताकारों ने खुद स्वीकार किया है कि उन्हें अमेरिकी मदद की जरूरत है। ट्रंप का इरादा होरमुज़ के महत्वपूर्ण जलमार्ग पर अमेरिकी नौसेना का घेरा और मजबूत करना है।
🚨 DONALD TRUMP REVEALS AN EMBARRASSING DEFEAT FOR IRAN
— Eric Daugherty (@EricLDaugh) May 11, 2026
Iran LAUNCHED *111 missiles* going at 3,000 miles per hour
ZERO HIT the American ships 🇺🇸
"Out of 111 missiles going at 3,000 miles per hour, all 111 missiles were KNOCKED DOWN into the ocean."
"Long prior to arriving at… pic.twitter.com/7V8iXKtjyr
ईरान का पलटवार: ‘अमेरिकी टैक्सपेयर्स को भुगतना होगा’
दूसरी तरफ तेहरान से भी युद्ध जैसी धमकियां मिल रही हैं। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कलीबाफ ने मंगलवार सुबह एक कड़ा बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास ईरान के 14 सूत्रीय प्रस्ताव को स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। कलीबाफ ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका अपनी बात पर अड़ा रहता है तो उसे असफलता ही मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस जिद की कीमत अमेरिकी टैक्सपेयर्स को चुकानी होगी।
ईरानी मीडिया के अनुसार तेहरान ने मांग की है कि अमेरिका उसकी जमी हुई संपत्ति को तुरंत रिलीज करे। साथ ही नौसैनिक घेराबंदी और प्रतिबंधों को खत्म किया जाए। ईरान ने युद्ध से हुए नुकसान के लिए मुआवजे की भी मांग की है। ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि वे केवल अपने ‘वैध अधिकारों’ की रक्षा कर रहे हैं।
तेल की कीमतों में आग और ‘गैस टैक्स’ में राहत
ट्रंप और ईरान के बीच बढ़ते इस तनाव का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतें 2.89 प्रतिशत बढ़कर 104.21 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गईं। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होरमुज़ जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहा, तो तेल की कीमतें इतिहास के सारे रिकॉर्ड तोड़ सकती हैं।
बढ़ती कीमतों को देखते हुए ट्रंप ने अमेरिका में संघीय गैस टैक्स (Federal Gasoline Tax) को कुछ समय के लिए निलंबित करने का इरादा जताया है। इस टैक्स को हटाने से उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि इसके लिए अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होगी। ट्रंप के सहयोगी सीनेटर जोश हॉली ने इसके लिए बिल पेश करने की बात कही है।
UAE Strongly Condemns Terrorist Attack on Korean Cargo Ship in the Strait of Hormuz pic.twitter.com/FWMxd7sGXJ
— MoFA وزارة الخارجية (@mofauae) May 11, 2026
होरमुज़ में मिसाइलों की बारिश और नौसैनिक झड़प
7 मई 2026 को होरमुज़ जलडमरूमध्य में एक बड़ी सैन्य झड़प की खबर सामने आई है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना ने ईरान की ओर से दागी गई सभी 111 मिसाइलों को बीच रास्ते में ही मार गिराया। ट्रंप के मुताबिक ये मिसाइलें 3,000 मील प्रति घंटे की रफ्तार से अमेरिकी जहाजों की ओर आ रही थीं।
हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CentCom) ने मिसाइलों की संख्या पर कोई सटीक आंकड़ा नहीं दिया है। लेकिन उन्होंने यह जरूर माना कि यूएसएस ट्रक्सटन और यूएसएस मेसन जैसे तीन विध्वंसक जहाजों पर ईरानी मिसाइलों और ड्रोन से हमला हुआ था। जवाबी कार्रवाई में अमेरिका ने भी रक्षात्मक प्रहार किए। इस घटना के बाद से क्षेत्र में युद्ध के बादल और गहरे हो गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय चिंताएं और मानवीय संकट
ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद अल बुसैदी ने होरमुज़ में फंसे सैकड़ों वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा पर चिंता जताई है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के साथ बैठक की। ओमान ने मांग की है कि इन जहाजों और हजारों नाविकों को सुरक्षित बाहर निकलने के लिए एक मानवीय पहल की जाए।
इस बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने होरमुज़ में दक्षिण कोरियाई मालवाहक जहाज पर हुए ड्रोन हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। यूएई ने इसे अंतरराष्ट्रीय नौवहन की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। अरब लीग के प्रमुख अहमद अबुल घीत ने भी ईरानी हमलों की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया है।
इजरायल और यूरोपीय संघ के बीच ठनी
इस युद्ध के बीच कूटनीतिक मोर्चे पर एक और विवाद पैदा हो गया है। यूरोपीय संघ (EU) ने फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा करने वाले कुछ इजरायली संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। इससे इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भड़क गए हैं। उन्होंने यूरोपीय संघ को ‘नैतिक रूप से दिवालिया’ बताया है। नेतन्याहू ने कहा कि जब इजरायल और अमेरिका पूरी सभ्यता की रक्षा के लिए ईरान जैसे कट्टरपंथियों से लड़ रहे हैं, तब यूरोपीय संघ ऐसे फैसले ले रहा है।
जनता की राय और भविष्य की अनिश्चितता
एक ताजा रॉयटर्स/इप्सोस पोल के मुताबिक तीन में से दो अमेरिकी नागरिकों का मानना है कि राष्ट्रपति ट्रंप यह समझाने में विफल रहे हैं कि अमेरिका ईरान के साथ युद्ध क्यों कर रहा है। हालांकि ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग में मामूली सुधार हुआ है, लेकिन युद्ध की लंबी अवधि से घरेलू मोर्चे पर भी दबाव बढ़ रहा है।
अमेरिकी ट्रेजरी ने चीन को तेल बेचने में मदद करने वाले ईरान से जुड़े 12 व्यक्तियों और संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। यह कदम ट्रंप की आगामी बीजिंग यात्रा से ठीक पहले उठाया गया है। इससे साफ है कि अमेरिका आर्थिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर ईरान को घेरने की कोशिश कर रहा है।
फिलहाल हालात ऐसे हैं कि कोई भी पक्ष झुकने को तैयार नहीं है। होरमुज़ का रास्ता दुनिया की तेल सप्लाई की जीवन रेखा है। अगर यह विवाद जल्द नहीं सुलझा तो पूरी दुनिया एक भीषण आर्थिक संकट और बड़े युद्ध की चपेट में आ सकती है। सीजफायर वाकई ‘लाइफ सपोर्ट’ पर है और आने वाले कुछ दिन वैश्विक शांति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे।

