NEET-UG 2026 रद्द: अब दोबारा परीक्षा की तैयारी, जानें नया अपडेट
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नई दिल्ली
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को लेकर मचे घमासान ने पूरे देश को झकझोर दिया है। पेपर लीक और धांधली के गंभीर आरोपों के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले ने 22 लाख से ज्यादा मेडिकल उम्मीदवारों और उनके परिवारों को गहरी चिंता में डाल दिया है। छात्र अब नई परीक्षा की तारीख और भविष्य को लेकर परेशान हैं।
सरकार का बड़ा एक्शन: अब CBI करेगी जांच
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पहले तो धांधली की खबरों को नकारा था। लेकिन सबूतों के बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने मामले की गंभीरता को स्वीकार किया। अब इस पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) भी इस मामले की परतों को उधेड़ने में जुटी है।
जवाबदेही तय करने के लिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि लाखों छात्रों के लिए यह ‘इंसाफ’ फिलहाल मानसिक तनाव की वजह बन गया है।
दोबारा परीक्षा: छात्रों के लिए जरूरी जानकारी
NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने साफ किया है कि दोबारा परीक्षा का शेड्यूल अगले 7 से 10 दिनों के भीतर जारी कर दिया जाएगा। छात्रों के मन में उठ रहे कुछ प्रमुख सवालों के जवाब यहां दिए गए हैं:
- क्या दोबारा रजिस्ट्रेशन करना होगा? नहीं। मई 2026 की परीक्षा के लिए जो रजिस्ट्रेशन हुआ था वही मान्य रहेगा।
- क्या फिर से फीस देनी होगी? नहीं। छात्रों को कोई अतिरिक्त फीस नहीं भरनी होगी।
- एडमिट कार्ड का क्या होगा? पुराने एडमिट कार्ड अब रद्दी हो गए हैं। NTA नई तारीखों के साथ नए एडमिट कार्ड जारी करेगा।
- परीक्षा केंद्र बदलेंगे? फिलहाल NTA ने पुराने केंद्रों को ही इस्तेमाल करने की बात कही है। लेकिन सुरक्षा कारणों से इनमें बदलाव की संभावना बनी हुई है।

जमाअत-ए-इस्लामी हिंद का कड़ा रुख: “जिम्मेदार लोग इस्तीफा दें”
नीट परीक्षा में हुई इस बड़ी विफलता पर अब सामाजिक और शैक्षणिक संगठनों ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के मरकज़ी तालीमी बोर्ड के अध्यक्ष प्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने इस घटना की कड़ी निंदा की है।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक तकनीकी खराबी नहीं बल्कि व्यवस्था की बहुत बड़ी सेंध है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ‘गेस पेपर’ बिक रहे थे तब NTA क्या कर रहा था? प्रोफेसर सलीम ने मांग की है कि NTA और शिक्षा मंत्रालय के उच्च अधिकारियों को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
तालीमी बोर्ड का कहना है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक छात्रों के बीच ‘समान अवसर’ और ‘योग्यता’ के भरोसे को खत्म कर रहे हैं। उन्होंने डॉ. के. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को तुरंत लागू करने की मांग की है ताकि परीक्षा प्रणाली को ‘टैम्पर-प्रूफ’ बनाया जा सके।
नीट का विवादों भरा इतिहास
NEET और विवादों का रिश्ता बहुत पुराना है। यह पहली बार नहीं है जब यह परीक्षा सवालों के घेरे में आई है:
- 2013: सुप्रीम कोर्ट ने शुरुआत में इसे असंवैधानिक बताकर रद्द कर दिया था।
- 2017: तमिलनाडु की छात्रा अनीता की आत्महत्या ने इस परीक्षा के खिलाफ राजनीतिक आंदोलन छेड़ दिया था।
- 2019: तमिलनाडु में ही बड़े पैमाने पर ‘इम्पर्सनेशन स्कैम’ यानी दूसरे के नाम पर परीक्षा देने का मामला खुला था।
- 2024: ग्रेस मार्क्स और एक साथ दर्जनों छात्रों के 720 में से 720 नंबर आने पर भारी बवाल हुआ था।
छात्रों के लिए अब क्या है रास्ता?
विशेषज्ञों का कहना है कि यह समय छात्रों के लिए बहुत कठिन है। एक बार फिर से उसी तनावपूर्ण तैयारी के दौर से गुजरना आसान नहीं है। लेकिन फिलहाल छात्रों के पास पढ़ाई जारी रखने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
सावधानी बरतें: सोशल मीडिया पर चल रही फर्जी खबरों और तारीखों से बचें। केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत सरकारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह एकेडमिक कैलेंडर को बिगड़ने नहीं देगी। कोशिश यही है कि जल्द से जल्द पारदर्शी तरीके से परीक्षा कराकर मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू की जाए। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार बिना किसी सेंधमारी के परीक्षा संपन्न हो पाएगी?

