डॉ. अम्मार रिजवी की अहम मुलाकातें
मुस्लिम नाउ ब्यूरो | नई दिल्ली/लखनऊ
दिल्ली में हुई कुछ अहम मुलाकातों ने उत्तर प्रदेश, खासकर सीतापुर और नैमिषारण्य के विकास को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री और ऑल इंडिया माइनॉरिटीज फोरम फॉर डेमोक्रेसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अम्मार रिजवी ने हाल ही में देश की दो महत्वपूर्ण हस्तियों से अलग अलग मुलाकात की। इन बैठकों में विकास, संस्कृति, शिक्षा और राजनीति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई।
डॉ. अम्मार रिजवी ने प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट की मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा से मुलाकात की। इस दौरान अयोध्या, नैमिषारण्य और सीतापुर के विकास से जुड़े कई विषयों पर चर्चा हुई।
मुलाकात में अयोध्या के 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का मुद्दा भी उठा। डॉ. रिजवी ने कहा कि इस परियोजना का शिलान्यास पत्थर, जो वर्ष 1983 में लगाया गया था, विस्तार कार्य के दौरान कहीं गुम हो गया। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि पुराना शिलापट्ट नहीं मिलता है तो उसी स्थान पर नया शिलान्यास पत्थर स्थापित किया जाना चाहिए, ताकि इस ऐतिहासिक परियोजना की पहचान बनी रहे।
बातचीत का एक अहम हिस्सा नैमिषारण्य की पहचान और उसके भविष्य को लेकर भी रहा। डॉ. रिजवी ने वहां एक विश्वस्तरीय शोध संस्थान स्थापित करने की जरूरत पर जोर दिया। प्रस्तावित संस्थान का नाम “नैमिषारण्य रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर एंशिएंट इंडियन लैंग्वेज एंड कल्चर” रखा गया है। उनका कहना था कि नैमिषारण्य केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का केंद्र रहा है। यहीं वेदों, पुराणों और उपनिषदों पर लंबे समय तक अध्ययन और विमर्श हुआ।
उन्होंने कहा कि अगर यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का शोध केंद्र स्थापित होता है, तो यह भारतीय सभ्यता, भाषा और संस्कृति के अध्ययन के लिए बड़ा मंच बन सकता है।
मुलाकात के दौरान महमूदाबाद में स्थापित मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमैनिटीज, साइंस एंड टेक्नोलॉजी का भी जिक्र हुआ। डॉ. रिजवी ने बताया कि संस्थान परिसर में एक विश्व शांति केंद्र स्थापित करने की दिशा में काम चल रहा है। उन्होंने इस पहल में विधायक आशा मौर्य और राज्यसभा सांसद संजय सेठ के सहयोग की सराहना की।
डॉ. रिजवी ने नृपेंद्र मिश्रा को इस संस्थान का दौरा करने का निमंत्रण भी दिया।

इसके अलावा सीतापुर को प्रशासनिक रूप से मजबूत बनाने का मुद्दा भी उठाया गया। डॉ. रिजवी ने कहा कि जिले को चित्रकूट की तरह कमिश्नरी का दर्जा दिया जाना चाहिए, ताकि विकास योजनाओं को और प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
मुलाकात के दौरान नृपेंद्र मिश्रा ने डॉ. अम्मार रिजवी को भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के आवास और प्रधानमंत्री संग्रहालय का भ्रमण भी कराया। इस पर डॉ. रिजवी ने उनका आभार व्यक्त किया और इसे यादगार अनुभव बताया।
दिल्ली यात्रा के दौरान डॉ. अम्मार रिजवी ने केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान से भी मुलाकात की। इस बैठक में मुख्य रूप से सीतापुर में फूड प्रोसेसिंग उद्योग और अन्य विकास परियोजनाओं की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
डॉ. रिजवी ने कहा कि सीतापुर में कृषि आधारित उद्योगों की अच्छी संभावना है। अगर फूड प्रोसेसिंग इकाइयों की शुरुआत होती है, तो इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने चिराग पासवान को सीतापुर आने का निमंत्रण भी दिया।
बैठक में देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, युवाओं की भूमिका और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। डॉ. रिजवी ने कहा कि युवा नेतृत्व देश की राजनीति में नई सोच और नई ऊर्जा लेकर आ सकता है।
उन्होंने चिराग पासवान को एक शिक्षित, गंभीर और प्रतिभाशाली युवा नेता बताया। वहीं नृपेंद्र मिश्रा को ईमानदार, विद्वान और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनकी सेवाओं को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
डॉ. अम्मार रिजवी की ये मुलाकातें केवल शिष्टाचार तक सीमित नहीं रहीं। इनमें विकास, शिक्षा, सांस्कृतिक विरासत और प्रशासनिक सुधार जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। अब देखने वाली बात यह होगी कि इन विचारों को जमीन पर उतारने की दिशा में आगे क्या कदम उठते हैं।

