उर्दू यूनिवर्सिटी : एमए अरबी में दाखिले शुरू
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, हैदराबाद
अरबी भाषा और साहित्य में करियर बनाने का सपना देख रहे छात्रों के लिए अच्छी खबर है। हैदराबाद स्थित मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमए अरबी (रेगुलर कोर्स) सहित विभिन्न अरबी पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, एमए अरबी में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 10 जून 2026 निर्धारित की गई है।
विश्वविद्यालय के अरबी विभाग के अध्यक्ष Dr. Saeed Bin Makhashan ने जानकारी देते हुए कहा कि मोलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी का अरबी विभाग देशभर में अपनी अलग पहचान बना चुका है। कम समय में विभाग ने शिक्षा, रिसर्च और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि अरबी विषय में स्नातक करने वाले छात्र-छात्राओं और मदरसों से जुड़े विद्यार्थियों के लिए यह सुनहरा अवसर है कि वे आधुनिक शिक्षा के साथ अरबी भाषा और साहित्य में विशेषज्ञता हासिल कर अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं।
डॉ. सईद बिन मखाशन के अनुसार, आज के दौर में अरबी भाषा का महत्व केवल धार्मिक शिक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार, अनुवाद, आईटी, शिक्षा, मीडिया, कूटनीति और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में भी रोजगार के नए अवसर खोल रही है। उन्होंने कहा कि एमए अरबी कोर्स छात्रों को भाषा दक्षता, अनुवाद कौशल, साहित्यिक समझ और प्रोफेशनल स्किल्स से लैस करता है, जिससे नौकरी की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं।

उन्होंने बताया कि MANUU के अरबी विभाग से पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा करने वाले कई छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में सफलतापूर्वक कार्यरत हैं। इनमें सूचना प्रौद्योगिकी, कस्टमर सपोर्ट, अनुवाद सेवाएं, बैंकिंग, कॉरपोरेट सेक्टर और शैक्षणिक संस्थानों में काम करने वाले प्रोफेशनल शामिल हैं। विभाग के कई पूर्व छात्र देश की प्रमुख कंपनियों जैसे Infosys, Google, Accenture, Wipro, Amazon, Genpact, HSBC और Facebook जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में अरबी भाषा विशेषज्ञ के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर अरब देशों के साथ भारत के बढ़ते व्यापारिक और कूटनीतिक संबंधों के कारण अरबी भाषा जानने वाले युवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। खासकर खाड़ी देशों से जुड़े सेक्टर, अंतरराष्ट्रीय बिजनेस, कंटेंट ट्रांसलेशन, एयरलाइन, पर्यटन और शिक्षा क्षेत्र में अरबी विशेषज्ञों के लिए करियर के बेहतरीन अवसर उपलब्ध हैं।
अरबी विभाग के अध्यक्ष ने यह भी बताया कि विभाग के कई पूर्व छात्र निजी क्षेत्र में नौकरी करने के साथ-साथ सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों में लेक्चरर और प्रोफेसर के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि अरबी भाषा में उच्च शिक्षा लेने वाले छात्रों के लिए अकादमिक और कॉरपोरेट दोनों क्षेत्रों में उज्ज्वल संभावनाएं मौजूद हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, हैदराबाद कैंपस में एमए अरबी के लिए कुल 60 सीटें उपलब्ध हैं। दाखिला पूरी तरह मेरिट के आधार पर दिया जाएगा। स्थानीय छात्रों के लिए कुछ विशेष सीटों का प्रावधान भी रखा गया है, जिससे क्षेत्रीय विद्यार्थियों को लाभ मिल सके।
इच्छुक छात्र विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल रखी गई है ताकि देशभर के छात्र आसानी से आवेदन कर सकें। विश्वविद्यालय ने छात्रों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि छात्र अरबी भाषा में करियर बनाना चाहते हैं, तो MANUU का एमए अरबी कोर्स उनके लिए एक मजबूत विकल्प साबित हो सकता है, क्योंकि यहां भाषा शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।

