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अमेरिका ईरान टकराव बढ़ा, खाड़ी क्षेत्र में फिर युद्ध के संकेत

मुस्लिम नाउ ब्यूरो

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने पूरे क्षेत्र को नई अनिश्चितता में डाल दिया है। ओमान तट के पास एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। अमेरिका ने दावा किया है कि हेलीकॉप्टर को ईरानी बलों ने मार गिराया था। इसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घटना के बाद कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि अमेरिका इस हमले का जवाब जरूर देगा। दूसरी ओर ईरान ने भी साफ कर दिया है कि वह किसी भी हमले या धमकी को बिना जवाब नहीं छोड़ेगा। ऐसे में अप्रैल में घोषित युद्धविराम पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।

क्या है पूरा मामला

अमेरिकी सेना के केंद्रीय कमान सेंटकॉम के अनुसार ओमान के तट के पास हार्मुज जलडमरूमध्य में गश्त कर रहा एक एएच 64 अपाचे हेलीकॉप्टर सोमवार रात दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने आरोप लगाया कि हेलीकॉप्टर को ईरानी बलों ने निशाना बनाया था।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिकी सेना ने उन्हें जानकारी दी है कि ईरान ने अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हेलीकॉप्टर में मौजूद दोनों पायलट सुरक्षित हैं।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसका जवाब दिया जाएगा।

अमेरिका ने शुरू किए हमले

घटना के कुछ घंटों बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। सेंटकॉम ने बयान जारी कर कहा कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत की गई है।

अमेरिकी सेना ने कहा कि यह जवाबी कार्रवाई कथित ईरानी आक्रामकता के खिलाफ की जा रही है। हालांकि हमलों के दायरे और नुकसान को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम पूरे क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकता है।

ईरान का कड़ा जवाब

अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के संकल्प को परखने की कोशिश की है।

अराघची ने कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं किसी भी हमले या धमकी को बिना जवाब नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सुरक्षा चाहते हो तो क्षेत्र छोड़ दो।

ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उनका देश अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा।

बहरीन में अमेरिकी बेड़े पर ड्रोन हमला

तनाव उस समय और बढ़ गया जब ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया कि उसने बहरीन में मौजूद अमेरिकी पांचवें बेड़े को ड्रोन के जरिए निशाना बनाया है।

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार यह हमला दक्षिणी ईरान पर अमेरिकी हमलों के जवाब में किया गया।

हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इस दावे पर तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है।

हार्मुज जलडमरूमध्य फिर चर्चा में

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल हार्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी मार्ग से होकर गुजरता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यहां तनाव बढ़ता है तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार, वैश्विक व्यापार और समुद्री परिवहन भी प्रभावित हो सकते हैं।

यही वजह है कि दुनिया भर के देश इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

हेलीकॉप्टर के पायलट कैसे बचे

इस पूरे घटनाक्रम का एक दिलचस्प पहलू भी सामने आया है। अमेरिकी सेना के अनुसार हेलीकॉप्टर दुर्घटना के बाद दोनों पायलटों को एक मानवरहित नौसैनिक ड्रोन ने बचाया।

अमेरिकी नौसेना के कॉर्सेयर ड्रोन ने समुद्र में मौजूद दोनों सैनिकों को खोजा और सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। इसके बाद एक हेलीकॉप्टर ने उन्हें वहां से निकाला।

अमेरिकी अधिकारियों ने इसे आधुनिक सैन्य तकनीक की बड़ी सफलता बताया है।

युद्धविराम पर मंडराया संकट

अप्रैल में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के बाद युद्धविराम की घोषणा की गई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने उस समय दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की थी।

कुछ दिनों पहले ही इजरायल और ईरान ने प्रत्यक्ष हमलों को रोकने की बात कही थी। लेकिन अब ताजा घटनाओं ने उस समझौते को कमजोर कर दिया है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्ष पीछे नहीं हटे तो स्थिति बड़े सैन्य संघर्ष में बदल सकती है।

लेबनान और गाजा में भी बढ़ा तनाव

मध्य पूर्व का संकट केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है। लेबनान और गाजा में भी हालात लगातार खराब हो रहे हैं।

रिपोर्टों के अनुसार दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों में लगभग 20 लोगों की मौत हुई है। हजारों लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं।

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी आरोप लगाया है कि चिकित्सा उपचार के लिए बाहर जाने वाले हजारों मरीजों को रोका जा रहा है। इससे मानवीय संकट और गहरा गया है।

तेहरान में सामान्य जीवन लेकिन चिंता बरकरार

तनाव के बावजूद तेहरान में लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी जीते दिखाई दे रहे हैं। बाजार खुले हैं। सड़कों पर सामान्य गतिविधियां जारी हैं। लेकिन आम लोगों के बीच चिंता साफ महसूस की जा सकती है।

कई नागरिकों का कहना है कि वे लगातार बदलते हालात पर नजर रखे हुए हैं। उन्हें डर है कि यदि संघर्ष बढ़ा तो इसका असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ेगा।

दुनिया की नजर मध्य पूर्व पर

अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चिंतित है। संयुक्त राष्ट्र सहित कई देशों ने संयम बरतने की अपील की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच सीधा सैन्य टकराव केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं है। इसका असर वैश्विक राजनीति, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दोनों पक्ष तनाव कम करने की दिशा में कदम उठाएंगे या फिर मध्य पूर्व एक नए संघर्ष की ओर बढ़ रहा है।

आने वाले कुछ दिन इस पूरे क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। दुनिया की निगाहें अब वाशिंगटन, तेहरान और तेल अवीव पर टिकी हुई हैं।

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