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फीफा वर्ल्ड कप 2026: इन दिग्गज टीमों के बीच होगा सेमीफाइनल मुकाबला

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली

फीफा वर्ल्ड कप 2026 अपने सबसे रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। फुटबॉल के दीवानों को इस बार दुनिया के चार सबसे बड़े फुटबॉल देशों के बीच ब्लॉकबस्टर सेमीफाइनल मुकाबले देखने को मिलेंगे। टूर्नामेंट में हर बीतते मैच के साथ रोमांच बढ़ता जा रहा है। अब फाइनल की रेस में वही चार टीमें बची हैं जो फीफा रैंकिंग में सबसे ऊपर मौजूद हैं।

रैंकिंग में शीर्ष पर मौजूद फ्रांस का सामना तीसरे नंबर की टीम स्पेन से होने वाला है। दूसरे सेमीफाइनल में दूसरे नंबर पर काबिज अर्जेंटीना की भिड़ंत चौथे नंबर की टीम इंग्लैंड से होगी। ये दोनों मैच इतने बड़े हैं कि फैंस अभी से अपनी सांसें थामकर बैठ गए हैं।

पहला सेमीफाइनल: फ्रांस और स्पेन में महामुकाबला

पहला सेमीफाइनल मैच 14 जुलाई को डलास स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैच में साल 2018 की विश्व विजेता फ्रांस का मुकाबला मौजूदा यूरोपियन चैंपियन स्पेन से होने जा रहा है। फ्रांस की टीम टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही खिताब की सबसे बड़ी दावेदार मानी जा रही थी। उनके पास दुनिया के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों की फौज है। उन्होंने हर मैच में अपने इस रुतबे को सच साबित किया है।

फ्रांस ने ग्रुप स्टेज के तीन मैचों में रिकॉर्ड 10 गोल दागे थे। इसके बाद उन्होंने नॉकआउट राउंड में स्वीडन को आसानी से बाहर का रास्ता दिखाया। हालांकि अंतिम 16 के मुकाबले में पराग्वे के मजबूत डिफेंस ने उन्हें काफी परेशान किया। लेकिन फ्रांस ने अंत में 1-0 की करीबी जीत दर्ज की। क्वार्टर फाइनल में उनका सामना बेहतरीन फॉर्म में चल रही मोरक्को की टीम से हुआ। फ्रांस ने वहां अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए मोरक्को को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया।

दूसरी तरफ स्पेन की सबसे बड़ी ताकत उसका अभेद्य डिफेंस है। स्पेन ने पूरे टूर्नामेंट में अब तक केवल एक ही गोल खाया है। यह इकलौता गोल भी क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम के खिलाफ मैच में आया था जहां स्पेन ने 2-1 से जीत दर्ज की थी। स्पेन की शुरुआत थोड़ी धीमी रही थी। उनका पहला मैच केप वर्डे के साथ बिना किसी गोल के ड्रॉ रहा था। लेकिन इसके बाद स्पेनिश टीम ने अपनी लय हासिल की और ऑस्ट्रिया पर धमाकेदार जीत दर्ज करके ग्रुप में टॉप किया। अंतिम 16 में उन्होंने क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल टीम को मात दी।

स्पेन के लिए फ्रांस को हराना आसान नहीं होगा। वे अच्छी तरह जानते हैं कि फ्रांस की टीम साल 2025 की यूईएफए नेशंस लीग के फाइनल में मिली हार का बदला लेने के लिए बेताब होगी। फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बापे पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी। वह इस विश्व कप में आठ गोल दाग चुके हैं। वे गोल्डन बूट की रेस में लियोनेल मेसी के साथ बराबरी पर चल रहे हैं। एम्बापे की रफ्तार और गोल करने की गजब की क्षमता स्पेन के डिफेंस के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होगी।

दूसरा सेमीफाइनल: अर्जेंटीना बनाम इंग्लैंड की पुरानी दुश्मनी

दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला अटलांटा स्टेडियम में 15 जुलाई को खेला जाएगा। फुटबॉल इतिहास की दो सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी टीमें अर्जेंटीना और इंग्लैंड एक बार फिर आमने-सामने होंगी। इन दोनों टीमों के बीच विश्व कप का इतिहास हमेशा से ही विवादों और जादुई पलों से भरा रहा है।

मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना के लिए सेमीफाइनल तक का सफर बहुत उतार-चढ़ाव भरा रहा है। लियोनेल स्कालोनी की कोचिंग वाली टीम ने ग्रुप स्टेज के तीनों मैच जीतकर शानदार शुरुआत की थी। लेकिन नॉकआउट राउंड में उन्हें हर मैच में कड़ी चुनौती मिली। राउंड ऑफ 32 में कमजोर मानी जा रही केप वर्डे की टीम ने अर्जेंटीना को एक्स्ट्रा टाइम तक खींच लिया। मैच 2-2 की बराबरी पर था, लेकिन एक आत्मघाती गोल की बदौलत अर्जेंटीना बाल-बाल बचा।

इसके बाद मिस्र के खिलाफ मैच में अर्जेंटीना ने इतिहास की सबसे बड़ी वापसी की। मैच खत्म होने से सिर्फ 10 मिनट पहले तक अर्जेंटीना 2-0 से पीछे चल रहा था। लेकिन टीम ने चमत्कारिक खेल दिखाते हुए 3-2 से मैच जीत लिया। क्वार्टर फाइनल में भी स्विट्जरलैंड ने उन्हें एक्स्ट्रा टाइम में धकेला, जहां अर्जेंटीना ने दो गोल दागकर 3-1 से जीत हासिल की।

इंग्लैंड की टीम भी थॉमस ट्यूशेल के मार्गदर्शन में शानदार मानसिक मजबूती दिखा रही है। हालांकि वे अपने खेल के शीर्ष स्तर पर नहीं दिखे हैं, फिर भी वे मैच जीतने में कामयाब रहे हैं। राउंड ऑफ 32 में डीआर कांगो के खिलाफ पिछड़ने के बाद इंग्लैंड ने 2-1 से जीत हासिल की थी। उनका सबसे बेहतरीन खेल मेक्सिको के खिलाफ देखने को मिला जहां दस खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए भी इंग्लैंड ने 3-2 से रोमांचक जीत दर्ज की थी। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने मियामी की भीषण गर्मी के बीच नॉर्वे को एक्स्ट्रा टाइम में 2-1 से मात दी।

इस मैच में अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी के साथ-साथ इंग्लैंड के युवा स्टार जूड बेलिंगहैम पर सबकी नजरें होंगी। रियल मैड्रिड के इस खिलाड़ी ने मुश्किल समय में इंग्लैंड के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाई है। बेलिंगहैम इस टूर्नामेंट में छह गोल कर चुके हैं और हैरी केन के साथ टीम के टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने मेक्सिको और नॉर्वे के खिलाफ अहम मौकों पर गोल दागकर अपनी टीम को बचाया था। विश्व चैंपियन अर्जेंटीना के खिलाफ इंग्लैंड की उम्मीदें एक बार फिर अपने इस जादुई मिडफील्डर पर टिकी होंगी।

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