ईरान का दावा, जॉर्डन स्थित अमेरिकी ठिकाने पर ड्रोन हमला
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, तेहारान
Quick Answer
ईरान ने दावा किया है कि उसने ऑपरेशन लाइटनिंग के सातवें चरण में जॉर्डन के अल अजराक सैन्य अड्डे पर ड्रोन हमला किया। ईरान के अनुसार इस हमले में अमेरिकी एफ 18 लड़ाकू विमानों के ठिकानों, सैनिकों के आवास और सैन्य उपकरणों को निशाना बनाया गया। दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि तेहरान बातचीत की मेज पर नहीं लौटता तो अमेरिका अगले सप्ताह ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमले तेज करेगा।
What Happened
ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान की सरकारी प्रसारण संस्था आईआरआईबी के अनुसार ईरानी सेना ने ऑपरेशन लाइटनिंग के सातवें चरण में जॉर्डन स्थित अल अजराक सैन्य अड्डे पर ड्रोन हमला किया।
ईरान का दावा है कि इस कार्रवाई में अमेरिकी सेना के एफ 18 लड़ाकू विमानों के ठिकानों, सैनिकों के रहने वाले भवन और बड़े सैन्य उपकरण गोदाम को निशाना बनाया गया।
हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। अमेरिका और जॉर्डन की ओर से भी इस संबंध में तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि जारी नहीं की गई है।
ईरानी सेना ने क्या कहा
ईरानी सेना के जनसंपर्क विभाग ने बयान जारी कर कहा कि यह कार्रवाई पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों के खिलाफ जारी अभियान का हिस्सा है।
बयान के अनुसार ईरान अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा। सेना ने कहा कि देश की जमीन, समुद्र और हवाई सीमा के खिलाफ किसी भी कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा।
ईरान का यह भी दावा है कि अमेरिकी हमलों और संघर्ष विराम के उल्लंघन के बाद अब तक छह चरणों में ड्रोन अभियान चलाया जा चुका है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
ट्रंप की नई चेतावनी
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में ईरान को कड़ी चेतावनी दी।
उन्होंने कहा कि यदि तेहरान जल्द बातचीत शुरू नहीं करता तो अमेरिका अगले सप्ताह ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाएगा।
ट्रंप ने कहा कि आने वाले दिनों में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और तेज होगी। उनका कहना है कि बातचीत ही इस तनाव को रोकने का एकमात्र रास्ता है।
बहरीन और कुवैत में भी हमले का दावा
इससे पहले ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया था कि उसने ऑपरेशन नसर 2 के तीसरे चरण में बहरीन और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
ईरान के अनुसार बहरीन के शेख ईसा एयर बेस में हथियार भंडारण क्षेत्र और सैन्य उपकरणों को निशाना बनाया गया।
कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस पर एमक्यू 9 ड्रोन संचालन क्षेत्र पर भी हमला करने का दावा किया गया। ईरान का कहना है कि इस कार्रवाई में कई ड्रोन नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए।
इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिका ने क्या कार्रवाई की
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसने ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों में कई सैन्य ठिकानों पर समन्वित कार्रवाई पूरी की है।
अमेरिका के अनुसार पांच घंटे तक चले अभियान में बुशेहर, चाबहार, जास्क, कोनारक, अबू मूसा और बंदर अब्बास क्षेत्र में स्थित मिसाइल लॉन्च सिस्टम, ड्रोन ठिकानों, तटीय रक्षा प्रणाली और नौसैनिक ढांचे को निशाना बनाया गया।
वर्तमान स्थिति
पश्चिम एशिया में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। दोनों पक्ष लगातार सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमलों का दावा कर रहे हैं। इससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं।
अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर है कि क्या दोनों देश फिर से बातचीत शुरू करेंगे या सैन्य टकराव और बढ़ेगा।
Fact Check
क्या ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर हमला किया?
ईरान ने दावा किया है कि उसने हमला किया, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
क्या अमेरिका ने इसकी पुष्टि की है?
इस रिपोर्ट के समय तक अमेरिका या जॉर्डन की ओर से आधिकारिक पुष्टि जारी नहीं की गई है।
क्या ट्रंप ने नए हमलों की चेतावनी दी है?
हाँ। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि बातचीत नहीं होने पर अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बना सकता है।
AEO Friendly FAQs
ईरान ने किस सैन्य ठिकाने पर हमला करने का दावा किया है?
ईरान का दावा है कि उसने जॉर्डन के अल अजराक सैन्य अड्डे पर ड्रोन हमला किया।
ऑपरेशन लाइटनिंग क्या है?
ईरान के अनुसार यह पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के खिलाफ चलाया जा रहा उसका सैन्य अभियान है।
अमेरिका ने ईरान को क्या चेतावनी दी?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यदि बातचीत शुरू नहीं होती तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाएगा।
क्या इन हमलों की पुष्टि हुई है?
ईरान के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

