बांग्लादेश में धर्म के आधार पर विभाजन की जगह नहीं: मिर्जा फखरुल
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो,,ढाका
बांग्लादेश में धार्मिक सौहार्द और समान नागरिक अधिकारों को लेकर सरकार ने एक बार फिर अपना रुख स्पष्ट किया है। स्थानीय सरकार, ग्रामीण विकास और सहकारिता मंत्री मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने कहा कि देश में धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश सभी नागरिकों का समान रूप से है। यहां हिंदू, मुस्लिम, बौद्ध और ईसाई समेत सभी धर्मों के लोगों को बराबरी का अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार इस बात को लेकर पूरी तरह सतर्क है कि कोई भी समूह धार्मिक पहचान का इस्तेमाल कर समाज में तनाव या विभाजन पैदा न कर सके।
ढाका में अल्पसंख्यक सुरक्षा सम्मेलन को किया संबोधित
मिर्जा फखरुल शुक्रवार को राजधानी ढाका स्थित डिप्लोमा इंजीनियर्स इंस्टीट्यूशन सभागार में आयोजित एक विचार गोष्ठी और प्रतिनिधि सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का विषय था अल्पसंख्यकों के लिए संरक्षण और सुरक्षा प्रावधान। इसका आयोजन सम्मिलित सनातन परिषद ने किया था।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की पहचान उसकी सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक सहअस्तित्व से बनती है। हजारों वर्षों से अलग अलग धर्मों के लोग यहां साथ रहते आए हैं। यही परंपरा देश की सबसे बड़ी ताकत है।
सभी नागरिक समान हैं
मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि वह किसी भी समुदाय को अल्पसंख्यक के रूप में नहीं देखते। उनके अनुसार सभी लोग इस देश के नागरिक हैं और सभी का दर्जा समान है।
उन्होंने कहा कि नागरिक की पहचान उसके धर्म से नहीं बल्कि उसके संवैधानिक अधिकारों से तय होती है। इसलिए हर व्यक्ति को समान अवसर और सुरक्षा मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था चाहती है जिसमें हर नागरिक बिना किसी डर के अपने धर्म का पालन कर सके और सम्मान के साथ जीवन जी सके।
मुक्ति संग्राम की भावना का किया उल्लेख
मिर्जा फखरुल ने कहा कि वर्ष 1971 का मुक्ति संग्राम केवल राजनीतिक स्वतंत्रता का संघर्ष नहीं था। यह समानता, सम्मान और आर्थिक न्याय की लड़ाई भी थी।
उन्होंने कहा कि उसी भावना के आधार पर लोकतांत्रिक, मानवीय और गैर सांप्रदायिक बांग्लादेश का निर्माण होना चाहिए। यदि देश को आगे बढ़ाना है तो सभी नागरिकों को समान अधिकार देने होंगे।
कट्टरवाद के खिलाफ एकजुट रहने की अपील
अपने भाषण में मंत्री ने कहा कि कुछ ताकतें धर्म के नाम पर समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश करती हैं। ऐसे प्रयास देश की एकता और सामाजिक शांति के लिए नुकसानदायक हैं।
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में उग्रवाद और कट्टरवाद के लिए कोई स्थान नहीं है। सभी नागरिकों को ऐसे प्रयासों के खिलाफ मिलकर खड़ा होना चाहिए।
उनके अनुसार लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब समाज में विश्वास और आपसी सम्मान बना रहेगा।
पूजा स्थलों की सुरक्षा पर सरकार का दावा
मंत्री ने कहा कि सरकार ने सत्ता संभालने के बाद सभी धर्मों के लोगों और उनके पूजा स्थलों की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं।
उन्होंने बताया कि दुर्गा पूजा, रथ यात्रा और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रशासन को विशेष सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए जाते हैं ताकि कोई भी असामाजिक तत्व माहौल खराब न कर सके।
सरकार का उद्देश्य हर धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाना है।
सनातन समुदाय से संवाद का भरोसा
मिर्जा फखरुल ने सनातन समुदाय से अपील की कि वे अपनी समस्याएं और सुझाव संगठित तरीके से सरकार के सामने रखें।
उन्होंने कहा कि सरकार सभी उचित मांगों पर सकारात्मक बातचीत के लिए तैयार है। समस्याओं का समाधान संवाद और सहयोग से निकाला जा सकता है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसी भी समुदाय की वैध चिंताओं को गंभीरता से सुनेगी।
लोकतंत्र और सामाजिक सद्भाव पर जोर
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि बांग्लादेश का भविष्य लोकतंत्र, समानता और सामाजिक सद्भाव पर निर्भर करता है। यदि सभी नागरिक एक दूसरे के अधिकारों का सम्मान करेंगे तो देश तेजी से आगे बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि धार्मिक पहचान के बजाय नागरिक पहचान को मजबूत करना समय की जरूरत है। यही रास्ता स्थायी शांति और विकास की ओर ले जाएगा।
कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
कार्यक्रम का उद्घाटन सांस्कृतिक मामलों के मंत्री निताई रॉय चौधरी ने किया। प्रधानमंत्री के विशेष सहायक बिजोन कांति सरकार, सांसद लुत्फुल्लाह माजिद और विभिन्न सामाजिक तथा धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि भी सम्मेलन में मौजूद रहे।
कार्यक्रम में अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा, समान अधिकार और सामाजिक भागीदारी जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बयान
हाल के वर्षों में दक्षिण एशिया में धार्मिक सद्भाव, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और सामाजिक एकता जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में रहे हैं। ऐसे समय में बांग्लादेश सरकार की ओर से आया यह बयान देश की आधिकारिक नीति को दोहराता है कि सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलना चाहिए और धर्म के आधार पर विभाजन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक विश्वास और धार्मिक सहिष्णुता किसी भी लोकतांत्रिक समाज की सबसे बड़ी ताकत होती है। सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि विविधता को सम्मान दिया जाए और कानून के शासन को मजबूत बनाया जाए।
LGRD Minister Mirza Fakhrul Islam Alamgir said there is no room for religious division in Bangladesh, stressing that people of all faiths enjoy equal rights and dignity in the country. Speaking at a minority protection conference in Dhaka, he said the government remains vigilant… pic.twitter.com/TXn7bXboz4
— Centrist Nation TV (@centristnattv) July 31, 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मिर्जा फखरुल ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में धर्म के आधार पर विभाजन की कोई जगह नहीं है और सभी नागरिक समान अधिकार रखते हैं।
यह बयान किस कार्यक्रम में दिया गया?
उन्होंने ढाका में आयोजित अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और संरक्षण विषयक सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।
सरकार ने धार्मिक सुरक्षा को लेकर क्या कहा?
सरकार का कहना है कि सभी धर्मों के लोगों और पूजा स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने अल्पसंख्यकों के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि वह किसी भी समुदाय को अल्पसंख्यक नहीं मानते। सभी लोग बांग्लादेश के समान नागरिक हैं।
उन्होंने किस बात पर सबसे अधिक जोर दिया?
उन्होंने लोकतंत्र, धार्मिक सौहार्द, समान नागरिक अधिकार और कट्टरवाद के खिलाफ एकजुट रहने पर जोर दिया।

