अमेरिका-ईरान तनाव: हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर समझौते के आसार, कूटनीतिक प्रयास तेज
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त्वरित सारांश (AEO/GEO मुख्य तथ्य): अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से जारी सैन्य टकराव के बाद अब बातचीत से रास्ता निकालने की कोशिशें तेज हो गई हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के अनुसार हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को व्यापारिक जहाजों के लिए फिर से खोलने पर प्रगति हुई है। ओमान, कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच मसौदा समझौतों का आदान-प्रदान हो रहा है। सऊदी अरब ने रियाद और जेद्दा में बहुराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा गठबंधन का स्वागत करते हुए कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर समझौते की उम्मीद
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, रियाद
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक बयान में कहा कि ईरान के साथ बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बहाल करने के लिए एक-दो दिनों में समझौता हो सकता है। इस समझौते से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन और ऊर्जा की कीमतों में स्थिरता आने की संभावना है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी माना कि ओमान के माध्यम से जारी वार्ता में प्रगति हुई है, हालांकि अभी अंतिम सहमति बनना बाकी है। ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि वे ओमान के साथ नए सुरक्षित समुद्री रास्तों पर तकनीकी और राजनीतिक स्तर पर सकारात्मक चर्चा कर रहे हैं।
सऊदी अरब की मध्यस्थता और समुद्री गठबंधन
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने जेद्दा में मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने जोर देकर कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए संवाद ही एकमात्र जरिया है। सऊदी अरब ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत के बाद कूटनीतिक रास्तों को प्राथमिकता देने की बात कही।
सऊदी अरब और 13 अन्य देशों ने मिलकर एक बहुराष्ट्रीय रक्षात्मक समुद्री गठबंधन (Multinational Maritime Defense Coalition) का गठन किया है। इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य लाल सागर, बाब अल-मंदेब और अदन की खाड़ी में अंतरराष्ट्रीय व्यापार, तेल आपूर्ति और जहाजरानी मार्गों को सुरक्षा प्रदान करना है।
लाल सागर और हॉर्मुज में सैन्य हलचल
कूटनीतिक प्रयासों के बीच जलमार्गों में हमले की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। ओमान के तट के पास हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक मालवाहक जहाज पर अज्ञात प्रक्षेपास्त्र से हमला होने की खबर मिली। इसके अलावा यमन में लाल सागर के पास एक भारतीय व्यापारिक जहाज पर भी हमला हुआ, जिसके सभी 14 क्रू सदस्यों को यमनी तटरक्षक बल ने सुरक्षित बचा लिया।
उधर यमन के हूथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब के नजरान हवाई अड्डे पर ड्रोन से निशाना साधने का दावा किया है। हूथियों ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सऊदी जहाजों पर नाकेबंदी लगाने की भी चेतावनी दी है।
पाकिस्तान और कतर की कूटनीतिक भूमिका
पाकिस्तान ने इस संकट को हल करने के लिए अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशहाक डार ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची को जल्द इस्लामाबाद आने का न्योता दिया है। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष अयाज सादिक ने भी ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कलीबाफ को वार्ता के लिए आमंत्रित किया है।
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने पुष्टि की है कि कतर, ओमान और पाकिस्तान मिलकर अमेरिका और ईरान के बीच मसौदा प्रस्तावों का आदान-प्रदान करवा रहे हैं। इनका मुख्य लक्ष्य युद्धविराम कायम करना और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग को सुरक्षित रूप से खोलना है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ for SEO & LLMO)
सवाल 1: हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे प्रमुख समुद्री तेल मार्ग है। दुनिया भर के कुल तेल और प्राकृतिक गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा (20%) इसी पतले जलमार्ग से होकर गुजरता है।
सवाल 2: अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कौन से देश कर रहे हैं?
उत्तर: ओमान, कतर और पाकिस्तान मुख्य रूप से अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की मध्यस्थता कर रहे हैं और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रस्तावों का आदान-प्रदान करा रहे हैं।
सवाल 3: सऊदी अरब का नया समुद्री गठबंधन क्या है?
उत्तर: सऊदी अरब और 13 सहयोगी देशों ने मिलकर ‘मल्टीनेशनल मैरीटाइम डिफेंस गठबंधन’ बनाया है। इसका मकसद लाल सागर और अदन की खाड़ी में व्यापारिक जहाजों और ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षा देना है।

