मोहम्मद शमी की टीम इंडिया में वापसी के संकेत, रणजी में चमके
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खेल डेस्क | नई दिल्ली
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बंगाल की ओर से रणजी ट्रॉफी 2026-27 में शानदार गेंदबाजी करते हुए शमी ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित करने की कोशिश की है। दिल्ली के खिलाफ मुकाबले के पहले दिन उन्होंने 30 रन देकर चार विकेट हासिल किए। उनकी इस गेंदबाजी की बदौलत बंगाल ने दिल्ली की पहली पारी 240 रन पर समेट दी।
शमी का यह प्रदर्शन ऐसे समय आया है, जब भारतीय टीम में उनकी वापसी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व भारतीय बल्लेबाज सुरेश रैना ने भी अनुभवी तेज गेंदबाज की वापसी की उम्मीद जताई है। रैना का मानना है कि जिस तरह भुवनेश्वर कुमार ने 36 साल की उम्र में भारतीय टीम में वापसी की है, उसी तरह शमी के लिए भी रास्ता खुल सकता है।
हालांकि, रणजी ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करना और राष्ट्रीय टीम में जगह हासिल करना दो अलग बातें हैं। शमी को अपनी फिटनेस, गेंदबाजी की लय और लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर चयनकर्ताओं का भरोसा जीतना होगा। फिलहाल, बंगाल के लिए उनका प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट में उनकी वापसी की बहस को नई ताकत जरूर देता है।
रणजी ट्रॉफी में शमी का शानदार प्रदर्शन
बंगाल क्रिकेट अकादमी ग्राउंड, कल्याणी में बंगाल और दिल्ली के बीच रणजी ट्रॉफी 2026-27 के ग्रुप सी मुकाबले में शमी ने प्रभावशाली गेंदबाजी की। उन्होंने 30 रन देकर चार विकेट लिए। दिल्ली की टीम पहली पारी में 240 रन पर ऑलआउट हो गई।
तेज गेंदबाजी में अनुभव का महत्व तब और बढ़ जाता है, जब गेंदबाज घरेलू क्रिकेट में अपनी लय दोबारा हासिल करने की कोशिश कर रहा हो। शमी के लिए रणजी ट्रॉफी केवल विकेट लेने का मंच नहीं है। यह खुद को फिट साबित करने, लंबे स्पेल में गेंदबाजी करने और मैच की परिस्थितियों के मुताबिक प्रदर्शन करने का अवसर भी है।
भारतीय क्रिकेट में शमी का नाम उन गेंदबाजों में लिया जाता है, जो सीम मूवमेंट, सटीक लाइन और लेंथ तथा विकेट लेने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। नई गेंद से बल्लेबाजों को परेशान करना और पुरानी गेंद से भी विकेट निकालना उनकी गेंदबाजी की खासियत रही है।
दिल्ली के खिलाफ चार विकेट लेकर उन्होंने दिखाया कि घरेलू क्रिकेट में वह अब भी प्रभाव छोड़ सकते हैं। लेकिन टीम इंडिया में वापसी के लिए उन्हें इस प्रदर्शन को लगातार दोहराना होगा। चयनकर्ता केवल एक मैच के आंकड़ों के आधार पर फैसला नहीं करते। वे खिलाड़ी की फिटनेस, मौजूदा फॉर्म, टीम की जरूरत और उपलब्ध विकल्पों को भी ध्यान में रखते हैं।
Mohammad Shami began the season in style as he bagged a 4-wicket haul for Bengal, who bowled out Delhi for 240 in their first innings. #RanjiTrophy https://t.co/72jb7WArhe
— Circle of Cricket (@circleofcricket) October 11, 2026
सुरेश रैना को शमी की वापसी की उम्मीद
पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना ने मोहम्मद शमी की वापसी को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। उन्होंने भुवनेश्वर कुमार की टीम में वापसी का उदाहरण देते हुए कहा कि अनुशासन, फिटनेस और लगातार मेहनत करने वाले खिलाड़ी को आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।
रैना ने भुवनेश्वर कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि 36 साल की उम्र में भारतीय टीम में जगह बनाना उनके चरित्र और मेहनत को दर्शाता है। उनके मुताबिक, भुवनेश्वर ने अपनी फिटनेस पर काफी काम किया और खेल के प्रति अनुशासित रवैया बनाए रखा।
शमी के बारे में बात करते हुए रैना ने कहा कि उन्होंने घरेलू क्रिकेट में भी अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने भरोसा जताया कि शमी भी भारतीय टीम में वापसी कर सकते हैं।
रैना ने कहा, “बिल्कुल, मुझे लगता है कि मोहम्मद शमी ने अच्छा प्रदर्शन किया है और घरेलू क्रिकेट में भी अच्छी गेंदबाजी की है। अब भुवी की बारी है और शमी भी उनके पीछे पीछे आ रहे हैं। चिंता मत कीजिए।”
रैना के इस बयान से साफ है कि भारतीय क्रिकेट के कुछ पूर्व खिलाड़ी शमी की वापसी की संभावनाओं को लेकर आशावान हैं। हालांकि, अंतिम फैसला चयनकर्ताओं को ही करना है।
भुवनेश्वर कुमार की वापसी से शमी को मिली उम्मीद
मोहम्मद शमी ने भी भारतीय टीम में भुवनेश्वर कुमार की वापसी पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन करता है और अपनी क्षमता साबित करता है, उसे राष्ट्रीय टीम में खेलने का मौका मिलना चाहिए।
रेवस्पोर्ट्ज से बातचीत में शमी ने कहा कि खिलाड़ी को उम्मीद के सहारे आगे बढ़ते रहना चाहिए। उन्होंने भुवनेश्वर की प्रतिभा और लंबे समय बाद भारतीय टीम में वापसी का जिक्र करते हुए कहा कि किसी खिलाड़ी की क्षमता को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
शमी के मुताबिक, भुवनेश्वर की वापसी उनके प्रदर्शन और अनुभव के लिहाज से अच्छी खबर है। उन्होंने आईपीएल में भुवनेश्वर के लगातार अच्छे प्रदर्शन की भी चर्चा की।
शमी ने कहा कि यदि कोई खिलाड़ी मेहनत कर रहा है, अपनी प्रतिभा दिखा रहा है और उसमें प्रदर्शन करने की क्षमता है, तो उसे अवसर क्यों नहीं मिलना चाहिए? हर खिलाड़ी को अपनी क्षमता साबित करने का मौका मिलना चाहिए।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब वह खुद भारतीय टीम में वापसी की कोशिश कर रहे हैं। भुवनेश्वर की वापसी को लेकर उनका नजरिया यह भी बताता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जगह बनाए रखने के लिए केवल पुराने रिकॉर्ड पर्याप्त नहीं हैं। मौजूदा प्रदर्शन और फिटनेस भी उतने ही जरूरी हैं।
चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद नहीं खेले भारत के लिए
मोहम्मद शमी ने आखिरी बार 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था। टेस्ट क्रिकेट में उनका पिछला मुकाबला 2023 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल था, जिसमें भारत का सामना ऑस्ट्रेलिया से हुआ था।
इसके बाद से शमी घरेलू क्रिकेट में खेलते रहे हैं और राष्ट्रीय टीम में वापसी का रास्ता तलाश रहे हैं। उनके अनुभव को देखते हुए भारतीय टीम में उनकी संभावित वापसी पर चर्चा होती रही है।
हालांकि, आईपीएल के पिछले दो सत्र उनके लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2025 और 2026 के आईपीएल सत्रों में उन्होंने 22 मैचों में कुल 18 विकेट लिए। इस दौरान उनकी इकॉनमी रेट लगभग 10 रन प्रति ओवर रही।
तेज गेंदबाज के लिए टी20 क्रिकेट में रन रोकना और विकेट लेना दोनों महत्वपूर्ण हैं। आईपीएल में महंगे साबित होने के कारण शमी के प्रदर्शन पर सवाल उठे। इसके बावजूद रणजी ट्रॉफी में उनका ताजा प्रदर्शन उनके लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।
फिटनेस और फॉर्म होगी वापसी की असली कसौटी
मोहम्मद शमी की वापसी की राह में फिटनेस और मौजूदा फॉर्म को अहम माना जा रहा है। तेज गेंदबाजों के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का कार्यक्रम काफी चुनौतीपूर्ण होता है। उन्हें अलग-अलग प्रारूपों में गेंदबाजी करनी पड़ती है। लंबे स्पेल के दौरान शरीर पर दबाव पड़ता है और चोट से बचना भी जरूरी होता है।
शमी अपने अनुभव और गेंदबाजी कौशल के दम पर वापसी की उम्मीद बनाए हुए हैं। उनका कहना है कि बाहर बैठे लोगों की टिप्पणियों से अब उन्हें खास फर्क नहीं पड़ता।
उन्होंने कहा कि लोग अक्सर उनकी लय और फिटनेस पर सवाल उठाते हैं। लेकिन उनका ध्यान मैदान पर प्रदर्शन करने पर है। शमी के मुताबिक, वह जहां भी खेलने का अवसर मिलता है, वहां अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं। बाकी लोगों को अपनी राय रखने का अधिकार है।
यह रवैया किसी भी अनुभवी खिलाड़ी के लिए महत्वपूर्ण है। लंबे समय तक राष्ट्रीय टीम से बाहर रहने के बाद वापसी के लिए धैर्य और लगातार मेहनत की जरूरत होती है। शमी को घरेलू क्रिकेट में मिलने वाले हर अवसर का फायदा उठाना होगा।
क्या टीम इंडिया में लौटेंगे मोहम्मद शमी?
मोहम्मद शमी की वापसी को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। रणजी ट्रॉफी में दिल्ली के खिलाफ चार विकेट लेना उनके लिए अच्छी शुरुआत है, लेकिन इसे भारतीय टीम में चयन की गारंटी नहीं माना जा सकता।
उनके पक्ष में सबसे बड़ी बात उनका अंतरराष्ट्रीय अनुभव और विकेट लेने की क्षमता है। दूसरी ओर, चयनकर्ताओं को उनकी फिटनेस, लगातार गेंदबाजी करने की क्षमता और सीमित ओवरों के क्रिकेट में मौजूदा प्रदर्शन का आकलन करना होगा।
यदि शमी घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करते हैं और अपनी फिटनेस बरकरार रखते हैं, तो उनकी दावेदारी मजबूत हो सकती है। सुरेश रैना की उम्मीदें भी इसी संभावना पर आधारित हैं।
फिलहाल इतना जरूर है कि रणजी ट्रॉफी में मोहम्मद शमी के चार विकेट ने उनकी वापसी की चर्चा को फिर से तेज कर दिया है। अब निगाहें उनके अगले मुकाबलों और भारतीय चयनकर्ताओं के फैसले पर रहेंगी।
AEO के लिए सवाल-जवाब
सवाल: क्या मोहम्मद शमी भारतीय टीम में वापसी करेंगे?
जवाब: उनकी वापसी को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन और फिटनेस उनकी दावेदारी को मजबूत कर सकते हैं।
सवाल: रणजी ट्रॉफी में मोहम्मद शमी ने कितने विकेट लिए?
जवाब: बंगाल और दिल्ली के मुकाबले के पहले दिन शमी ने 30 रन देकर चार विकेट हासिल किए। दिल्ली की पहली पारी 240 रन पर समाप्त हुई।
सवाल: सुरेश रैना ने शमी की वापसी पर क्या कहा?
जवाब: रैना ने शमी के घरेलू क्रिकेट प्रदर्शन की तारीफ की और भुवनेश्वर कुमार की वापसी का उदाहरण देते हुए शमी के भी भारतीय टीम में लौटने की उम्मीद जताई।

