कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ पर जमाअत इस्लामी हिंद ने जताया दुख
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो | नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना पर जमाअत इस्लामी हिंद ने गहरा दुख जताया है। संगठन ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही, संगठन ने घटना की उच्चस्तरीय और पारदर्शी जांच कराने तथा लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
जमाअत इस्लामी हिंद के नायब अमीर प्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने 18 अक्टूबर 2026 को जारी बयान में कहा कि सार्वजनिक आयोजन के दौरान लोगों की जान जाना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि इस दुखद हादसे से उन्हें गहरा सदमा पहुंचा है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति उनकी संवेदनाएं हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं।
संगठन ने पश्चिम बंगाल सरकार और संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि हादसे के कारणों की गंभीरता से जांच की जाए। जांच का उद्देश्य केवल घटना का विवरण जुटाना नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसी ठोस व्यवस्था तैयार करना भी होना चाहिए, जिससे भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
भगदड़ की पारदर्शी जांच की मांग
प्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने कहा कि कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के पीछे की परिस्थितियों को समझना जरूरी है। इसके लिए उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। जांच में यह पता लगाया जाना चाहिए कि भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों में कहीं कोई कमी तो नहीं रही।
उन्होंने कहा कि जांच के निष्कर्ष केवल सरकारी रिपोर्ट तक सीमित नहीं रहने चाहिए। उनसे मिले तथ्यों के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाना चाहिए। यदि किसी अधिकारी, आयोजक या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
जमाअत इस्लामी हिंद ने यह भी कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। त्योहारों और बड़े आयोजनों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पहले से पर्याप्त इंतजाम करना जरूरी है।
भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
प्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने कहा कि दुर्गा पूजा जैसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में सुरक्षित योजना, भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं के बीच तालमेल बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि क्षमता से अधिक भीड़, खराब मौसम, अफरातफरी और कमजोर सुरक्षा इंतजाम किसी सामान्य आयोजन को बड़े हादसे में बदल सकते हैं। इसलिए आयोजकों और प्रशासन को संभावित खतरों का पहले से आकलन करना चाहिए।
उनके अनुसार, प्रवेश और निकास के रास्ते सुरक्षित होने चाहिए। भीड़ की आवाजाही पर नजर रखी जानी चाहिए और जरूरत के मुताबिक पुलिस तथा सुरक्षा कर्मियों की तैनाती होनी चाहिए। इसके अलावा, किसी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता पहुंचाने की व्यवस्था भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि त्योहारों, धार्मिक आयोजनों और दूसरे सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी परिस्थिति में मानव जीवन की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की अपील
जमाअत इस्लामी हिंद ने हादसे से प्रभावित लोगों को उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी की है। संगठन ने कहा कि घायलों के इलाज में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा और हर संभव सहायता दी जानी चाहिए।
प्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने कहा कि हादसे की निष्पक्ष जांच से ही वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा और जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सकेगी। उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार तथा संबंधित अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया।
उन्होंने यह भी कहा कि त्योहारों के मौसम में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। बड़े आयोजनों में भीड़ का अनुमान, प्रवेश और निकास की योजना, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती तथा आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित की जानी चाहिए।
जमाअत इस्लामी हिंद के बयान में स्पष्ट किया गया कि सार्वजनिक आयोजनों की सफलता केवल उनकी भव्यता या उनमें शामिल होने वाले लोगों की संख्या से नहीं आंकी जानी चाहिए। लोगों का सुरक्षित घर लौटना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ की घटना ने बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा इंतजामों और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। संगठन ने उम्मीद जताई कि पश्चिम बंगाल सरकार मामले की पारदर्शी जांच कराएगी और जांच के आधार पर आवश्यक कदम उठाएगी।
नोट: मृतकों और घायलों की सटीक संख्या तथा भगदड़ के कारणों का विवरण उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में नहीं दिया गया है। इसलिए इस रिपोर्ट में इनकी संख्या या घटना के कारणों को लेकर कोई अपुष्ट दावा नहीं किया गया है।
प्रमुख सवाल जवाब
कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ पर किस संगठन ने दुख जताया?
जमाअत इस्लामी हिंद ने घटना पर दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
जमाअत इस्लामी हिंद ने क्या मांग की?
संगठन ने उच्चस्तरीय और पारदर्शी जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, पीड़ित परिवारों को मुआवजा और सार्वजनिक आयोजनों में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की मांग की।
प्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने किन सुरक्षा उपायों पर जोर दिया?
उन्होंने भीड़ नियंत्रण, सुरक्षित प्रवेश और निकास मार्ग, पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती तथा आपातकालीन सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया।
इस घटना से क्या सबक मिलता है?
बड़े धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में पहले से जोखिम का आकलन, प्रभावी भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन तैयारियां जरूरी हैं।

