हिजाब विवाद बिहार पहुंचा: एमडीडीएम कॉलेज में परीक्षा के दौरान छात्रा से बदसलूकी !
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, मुजफ्फरपुर
उत्तरी बिहार के इस शहर में एक कॉलेज की छात्रा पर परीक्षा के दौरान एक टीचर ने अभ्रद टिप्पणी की. बताया गया कि टीचर ने छात्रा के सिर से हिजा हटाने की कोशिश की. आरोप है कि उसके मना करने पर उसे पाकिस्तान चले जाने की बात कही गई.यह घटना महंत दर्शन दास महिला कॉलेज में हुई, जिसे इसके संक्षिप्त नाम एमडीडीएम के नाम से जाना जाता है, जो मुजफ्फरपुर शहर के मिथनपुरा इलाके में स्थित है. यहां इस समय इंटरमीडिएट की परीक्षाएं चल रही हैं. यहां होने वाले टेस्ट को पास करने के बाद ही छात्र अंतिम परीक्षा में बैठने के पात्र होंगे.
कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ कणु प्रिया ने कहा, छात्रा को हिजाब पहनने से नहीं रोका गया. उसे केवल अपने कान दिखाने के लिए कहा गया ,क्योंकि आशंका थी कि उसके पास ब्लूटूथ डिवाइस हो सकता है.
स्थानीय मिठनपुरा थाने के थाना प्रभारी श्रीकांत सिन्हा ने कहा कि विवाद तब पैदा हुआ जब जांच शुरू हुई.एसएचओ ने कहा, हमारे द्वारा दोनों पक्षों की काउंसलिंग की गई और परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई. फिलहाल, मामला दर्ज करना या इलाके में अतिरिक्त बलों की तैनाती की जरूरत नहीं है. हम मामले पर नजर रखेंगे.
प्रिंसिपल ने कहा, हिजाब कोई मुद्दा नहीं है. कई छात्र मोबाइल फोन ले जा रहे थे, जो मानदंडों के खिलाफ है. उक्त लड़की उन लोगों में से थी, जिन्हें परीक्षा हॉल के बाहर अपने हैंडसेट छोड़ने के लिए कहा गया था.प्रिंसिपल ने आरोप लगाया कि लड़की को केवल अपने कान दिखाने के लिए कहा गया था, क्योंकि शिक्षक, जो पर्यवेक्षकों में से एक थे, को यह जांचने की जरूरत थी कि क्या उनके पास कोई ब्लूटूथ डिवाइस है या नहीं.
अगर लड़की को इससे कोई समस्या थी, तो वह परीक्षा नियंत्रक या मुझे सूचित कर सकती थी. लेकिन उसके इरादे कुछ और थे. वह स्थानीय पुलिस स्टेशन और कुछ स्थानीय असामाजिक तत्वों को भी जानती थी. जब वे पहुंचे, उन्हांेने हंगामा किया.हालांकि वह इस सवाल का जवाब नहीं दे पाईं कि छात्रों की जांच के लिए महिला शिक्षकांे को क्यों नहीं लगाया गया ?
छात्रा का आरोप है कि जांच के दौरान शिक्षक ने उसे देशद्रोही कहा और इस टिप्पणी के साथ उसे ताना मारा कि उसे पाकिस्तान जाना चाहिए. मैं उस समय परीक्षा हॉल में नहीं थी प्रिंसिपल ने आरोप का खंडन किया है.कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. काणु प्रिया ने दावा किया कि रिकॉर्ड से पता चलता है कि लड़की की उपस्थिति बहुत खराब रही है.
शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किया है कि 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले किसी भी छात्र को अंतिम परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी. लड़की ने इस धारणा के तहत काम किया होगा कि यह कॉलेज प्रशासन को परेशान करे और उसे अपने मामले में नरम होने के लिए मजबूर कर दे. हालांकि वह यह भी स्पष्ट नहीं कर पाईं कि छात्रा की उपस्थिति का प्रतिशत क्या है ?
इस मुद्दे पर बंटवारा फैसला
उधर, कर्नाटक में शिक्षण संस्थानों में हिजाब पहनना एक बड़ा मुद्दा बन गया है. यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है.शीर्ष अदालत ने 13 अक्टूबर को कर्नाटक के शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध पर एक खंडित फैसला सुनाया और एक बड़ी पीठ के गठन के लिए मामले को भारत के मुख्य न्यायाधीश के पास भेज दिया.