कांतपुरम पर अनवर इब्राहिम की दो टूक, मतभेद का मतलब विरोध नहीं
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की भारत यात्रा और केरल के प्रमुख इस्लामिक विद्वान कांतपुरम एपी अबूबकर मुसलियार से उनकी मुलाकात चर्चा में है। भारतीय मुख्यधारा के मीडिया ने अनवर इब्राहिम के एक टीवी साक्षात्कार को लेकर काफी विवाद खड़ा किया है। अनवर इब्राहिम ने स्पष्ट किया कि वे कांतपुरम को एक महान विद्वान मानते हैं। किसी एक मुद्दे पर विचार अलग होने का मतलब पूरा विरोध नहीं होता है।
साक्षात्कार के बयानों को तोड़ मरोड़कर पेश करने का आरोप
नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने मीडिया को साक्षात्कार दिया। इस साक्षात्कार में उनसे केरल के सुन्नी विद्वान कांतपुरम एपी अबूबकर मुसलियार की महिलाओं से जुड़ी टिप्पणियों पर सवाल पूछा गया।
VIDEO | Keralam: Malaysian Prime Minister Anwar Ibrahim participates in an award event held at Markaz in Kozhikode.
— Press Trust of India (@PTI_News) September 13, 2026
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/bByOBip79p
अनवर इब्राहिम ने अत्यंत गरिमापूर्ण और संतुलित भाषा में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कांतपुरम एक पारंपरिक और बड़े धार्मिक विद्वान हैं। कुरान, हदीस और पैगंबर की परंपराओं को समझने में उनका बड़ा योगदान है। वे कई मायनों में एक बेहतरीन शिक्षक हैं।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि व्यक्तिगत रूप से वे विद्वान की हर एक बात से सहमत नहीं हो सकते। मलेशिया में महिलाओं को शिक्षा और काम के समान अधिकार हासिल हैं। उनकी अपनी पत्नी डॉक्टर हैं और उनकी बेटियों को पूरी आजादी के साथ शिक्षा मिली है।
सोशल मीडिया और मुख्यधारा के मीडिया के एक वर्ग ने इस बयान को अलग कोण से पेश करना शुरू कर दिया। ऐसा दिखाया गया मानो मलेशियाई प्रधानमंत्री ने कांतपुरम की विचारधारा को पूरी तरह खारिज कर दिया हो। मुस्लिम नाउ ब्यूरो के अनुसार मीडिया का यह रुख निष्पक्ष नहीं है।
Had a fruitful interaction with YAB Dato’ Seri Anwar bin Ibrahim, Hon’ble Prime Minister of Malaysia, at Markazu Saquafathi Sunniyya, Calicut. pic.twitter.com/Ti5ZC3oefn
— Sheikh Abubakr Ahmad الشيخ أبوبكر أحمد (@shkaboobacker) September 13, 2026
कांतपुरम की टिप्पणी और उस पर सफाई
विवाद की शुरुआत कांतपुरम एपी अबूबकर मुसलियार के उस बयान से हुई थी जो उन्होंने कोच्चि के एक सम्मेलन में दिया था। उन्होंने धार्मिक ग्रंथों के संदर्भ में महिलाओं के सार्वजनिक जीवन और पर्दे के महत्व पर बात की थी।
उनके इस बयान पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में काफी प्रतिक्रिया हुई। विपक्ष के नेता वीडी सतीसन ने इस टिप्पणी को पुरानी सोच करार दिया था।
कांतपुरम और उनके समर्थकों ने बाद में स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में समझा गया। वे महिलाओं को घरों में कैद रखने की सोच का समर्थन नहीं करते। उन्होंने अपने अनुयायियों को केवल मौजूदा दौर के नैतिक खतरों से बचने की सलाह दी थी।
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अनवर इब्राहिम ने भी साक्षात्कार में ध्यान दिलाया कि कांतपुरम स्वयं ऐसे संस्थान चलाते हैं जहाँ नर्सिंग कॉलेज शामिल हैं। यदि महिलाएं नर्सिंग की पढ़ाई करेंगी तो वे अस्पतालों में काम भी करेंगी। इसलिए उनके पूरे बयान को सही संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
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कोझिकोड के मार्काज़ में ऐतिहासिक मुलाकात
दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन की व्यस्तताओं के बाद मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम केरल पहुंचे। उन्होंने कोझिकोड स्थित मार्काज़ु सक्वाफाथी सुन्निया का दौरा किया। वहाँ उन्होंने कांतपुरम एपी अबूबकर मुसलियार से बहुत ही सौहार्दपूर्ण माहौल में मुलाकात की।
दोनों नेताओं ने शिक्षा, सामुदायिक विकास और सामाजिक सुधारों पर लंबी चर्चा की। अनवर इब्राहिम ने मार्काज़ द्वारा चलाए जा रहे शैक्षणिक और सामाजिक कार्यों की सराहना की।
इस मुलाकात ने उन सभी अफवाहों और विवादों पर विराम लगा दिया जो मीडिया के एक वर्ग द्वारा फैलाए जा रहे थे। अनवर इब्राहिम ने साबित किया कि वैचारिक मतभिन्नता के बावजूद परस्पर सम्मान और संवाद बना रह सकता है।
दक्षिण भारत और मलेशिया के गहरे संबंध
अपनी यात्रा के दौरान अनवर इब्राहिम ने भारत और मलेशिया के सांस्कृतिक संबंधों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि मलेशिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों में दक्षिण भारत का बड़ा योगदान है।
वे तमिलनाडु का दौरा भी करना चाहते थे। अभिनेता और राजनीतिज्ञ विजय के विदेश में होने के कारण उन्होंने तमिलनाडु का दौरा टाल दिया और केरल पर ध्यान केंद्रित किया।
उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भी कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि राजनीति हो या धर्म, किसी भी क्षेत्र में दो व्यक्तियों के विचार शत प्रतिशत एक जैसे नहीं हो सकते। विचार भिन्न होने के बाद भी मजबूत द्विपक्षीय रिश्ते बनाए रखे जा सकते हैं।
Watch #Live | Malaysian Prime Minister Anwar Ibrahim (@anwaribrahim) speaks to @VishnuNDTV on India-Malaysia ties, defence, and more https://t.co/jt39tE8SJH
— NDTV (@ndtv) September 12, 2026
निष्कर्ष
मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम का भारत दौरा कूटनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से बेहद सफल रहा। मीडिया द्वारा कांतपुरम और अनवर इब्राहिम के बयानों को लेकर गढ़ा गया विवाद बेबुनियाद साबित हुआ। मार्काज़ में दोनों दिग्गजों की मुलाकात ने यह साफ कर दिया कि सम्मानजनक संवाद ही किसी भी मतभेद का सही समाधान है।
자주 묻ने जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कांतपुरम के बारे में क्या कहा था? उत्तर: अनवर इब्राहिम ने कहा कि कांतपुरम एक बड़े और सम्मानित धार्मिक विद्वान हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे उनकी सभी बातों से सहमत नहीं हैं क्योंकि मलेशिया में महिलाओं को समान अधिकार और आजादी हासिल है।
प्रश्न 2: कांतपुरम एपी अबूबकर मुसलियार कौन हैं? उत्तर: कांतपुरम एपी अबूबकर मुसलियार ऑल इंडिया सुन्नी जमिय्यतुल उलमा के महासचिव और केरल के प्रमुख इस्लामिक विद्वान हैं। वे कई बड़े शैक्षणिक और धर्मार्थ संस्थान चलाते हैं।
प्रश्न 3: अनवर इब्राहिम ने केरल का दौरा क्यों किया? उत्तर: अनवर इब्राहिम नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने आए थे। इसके बाद वे शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक संबंधों को मजबूत करने के लिए केरल स्थित मार्काज़ संस्था के दौरे पर गए।
प्रश्न 4: क्या मलेशियाई प्रधानमंत्री और कांतपुरम के बीच कोई विवाद था? उत्तर: नहीं, दोनों नेताओं के बीच कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं था। मीडिया ने अनवर इब्राहिम के बयान को गलत तरीके से पेश किया था, जबकि बाद में कोझिकोड में दोनों की बहुत ही सकारात्मक मुलाकात हुई।
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