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ईरान में हमले तेज, खाड़ी में बढ़ा तनाव

तेहरान।

ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, देश के दक्षिणी हिस्से में स्थित सिरिक के कई इलाकों में दुश्मन के प्रोजेक्टाइल गिरे हैं। इन घटनाओं के बाद तटीय इलाके में कई धमाकों की आवाज सुनी गई। मिनाब काउंटी और क़ेश्म द्वीप तक इन घटनाओं की गूंज सुनाई देने की खबर है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव जारी है। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से तनाव बना हुआ है। अब इसका असर केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं है। खाड़ी क्षेत्र के बंदरगाहों, समुद्री व्यापार और स्थानीय कारोबार पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है।

सिरिक में कई जगह धमाकों की खबर

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, सिरिक के कई इलाकों को प्रोजेक्टाइल ने निशाना बनाया। तटीय क्षेत्र में लगातार धमाकों की आवाज सुनाई दी। रिपोर्टों में मिनाब काउंटी और क़ेश्म द्वीप का भी जिक्र किया गया है।

सिरिक ईरान के दक्षिणी तटीय क्षेत्र में स्थित है। यह इलाका समुद्री गतिविधियों और स्थानीय आबादी के लिए महत्वपूर्ण है। यहां किसी भी सैन्य गतिविधि का असर आसपास के इलाकों पर तेजी से पड़ सकता है।

हालांकि उपलब्ध रिपोर्ट में हमले के कारण हुए नुकसान और हताहतों की पूरी जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए इस घटना से जुड़े अंतिम आंकड़ों की पुष्टि अभी बाकी है।

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की संभावना

युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान युद्ध अमेरिकी नवंबर मध्यावधि चुनाव के बाद तुरंत समाप्त हो सकता है। उन्होंने तेल की कीमतों में गिरावट की भी संभावना जताई है।

ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के साथ बातचीत संभव है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वाशिंगटन फिलहाल किसी समझौते की सक्रिय तलाश नहीं कर रहा है।

यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एक तरफ सैन्य टकराव जारी है और दूसरी तरफ बातचीत की संभावना की बात भी हो रही है। इससे क्षेत्र में आगे की रणनीति को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं।

ईरान का रुख भी पूरी तरह बंद दरवाजे वाला नहीं दिख रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने क्षेत्रीय देशों के साथ बातचीत की तैयारी जताई है।

ईरान ने क्षेत्रीय संवाद पर दिया जोर

ईरान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, तेहरान क्षेत्र के देशों के साथ संवाद के लिए तैयार है। इसका उद्देश्य आपसी विश्वास बढ़ाना, टिकाऊ सुरक्षा हासिल करना और आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देना बताया गया है।

ईरान ने खास तौर पर फारस की खाड़ी और ओमान सागर की सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। तेहरान का कहना है कि इन समुद्री क्षेत्रों की सुरक्षा तटीय देशों के सहयोग से सुनिश्चित की जानी चाहिए। ईरान ने इसमें विदेशी शक्तियों के हस्तक्षेप का विरोध किया है।

इस बयान का सीधा संबंध मौजूदा समुद्री तनाव से भी है। खाड़ी क्षेत्र दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल है। यहां किसी भी तरह की सैन्य या व्यापारिक बाधा का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ सकता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा दबाव

ईरान के बंदर अब्बास शहर में भी युद्ध का असर दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य में असुरक्षा के कारण तटीय शहरों की आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।

बंदर अब्बास ईरान का प्रमुख बंदरगाह शहर है। यह होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित है। यहां समुद्री कारोबार और स्थानीय आजीविका का बड़ा हिस्सा समुद्री गतिविधियों पर निर्भर करता है।

अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी से स्थानीय कारोबार की रफ्तार धीमी होने की खबर है। इसका असर उन लोगों पर भी पड़ रहा है जिनकी रोजी रोटी मछली पकड़ने, बंदरगाह गतिविधियों और समुद्री व्यापार से जुड़ी है।

युद्ध का यह पहलू बेहद अहम है। किसी संघर्ष का असर केवल सैनिकों और सैन्य ठिकानों पर नहीं पड़ता। बंदरगाह बंद होने या समुद्री यातायात बाधित होने से आम लोगों की आय और रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित होती है।

खाड़ी में जहाजों की आवाजाही पर असर

समुद्री सुरक्षा को लेकर ब्रिटेन के यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने भी चिंता जताई है। संगठन के अनुसार, खाड़ी के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में जहाजों पर हमले जारी हैं। कई वाणिज्यिक जहाजों के निष्क्रिय होने की जानकारी सामने आई है।

समुद्री मार्गों में असुरक्षा का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है। जहाजों के लिए जोखिम बढ़ने पर कंपनियों को अपने मार्ग बदलने पड़ सकते हैं। इससे माल ढुलाई का समय और लागत दोनों बढ़ सकते हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य पहले से ही वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए यहां जारी तनाव को केवल स्थानीय सैन्य संघर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता।

गाजा में भी जारी है सैन्य कार्रवाई

इसी बीच गाजा में भी हिंसा जारी है। फलस्तीनी समाचार एजेंसी वफा के मुताबिक, उत्तरी गाजा में जबालिया शरणार्थी शिविर के आसपास इजरायली सैन्य हेलीकॉप्टरों ने गोलीबारी की।

रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी गाजा के कई इलाकों में तोपखाने से भी गोलाबारी हुई। चिकित्सा सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि 7 अक्टूबर 2023 से जारी इजरायली हमलों में गाजा में मौतों की संख्या 73,669 तक पहुंच गई है। घायलों की संख्या 174,652 बताई गई है।

उपलब्ध रिपोर्ट में कहा गया है कि मृतकों में महिलाओं और बच्चों की संख्या बड़ी है। गाजा में जारी सैन्य कार्रवाई का क्षेत्रीय राजनीति और पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति पर भी व्यापक प्रभाव पड़ रहा है।

इजरायल और ब्रिटेन के रिश्तों में तनाव

पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट का असर इजरायल और ब्रिटेन के संबंधों पर भी पड़ा है। ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने यरुशलम में ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास को बंद करने के इजरायल के फैसले को खेदजनक और नुकसान पहुंचाने वाला बताया है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब पश्चिमी देशों के बीच इजरायल की नीतियों को लेकर मतभेद बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।

लेबनान सीमा पर भी तनाव बरकरार

लेबनान की सेना ने आरोप लगाया है कि इजरायल ने दोनों देशों के बीच जून में तय किए गए ढांचे का लगभग 7,700 बार उल्लंघन किया है। दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई हमलों की खबरों के बीच यह दावा सामने आया है।

यदि सीमा पर सैन्य गतिविधियां इसी तरह जारी रहती हैं तो लेबनान में भी तनाव बढ़ सकता है। इससे पहले से अस्थिर पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति और जटिल हो सकती है।

ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नया विवाद

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नया विवाद खड़ा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी आईएईए ने ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों के निरीक्षण की अनुमति नहीं देने के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को रिपोर्ट करने के पक्ष में प्रस्ताव पारित किया है।

चीन और रूस ने इस कदम का विरोध किया है। ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने आईएईए के प्रस्ताव की आलोचना की और इसे दोहरा मापदंड बताया।

ईरान का कहना है कि वह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा का इस्तेमाल जारी रखेगा। परमाणु निरीक्षण का मुद्दा पहले से ही ईरान और पश्चिमी देशों के बीच विवाद का बड़ा कारण रहा है।

अब आगे क्या होगा?

ईरान युद्ध की मौजूदा स्थिति में तीन मोर्चे सबसे महत्वपूर्ण हैं। पहला सैन्य संघर्ष। दूसरा होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी में समुद्री सुरक्षा। तीसरा ईरान और क्षेत्रीय देशों के बीच संभावित बातचीत।

ईरान ने क्षेत्रीय संवाद की इच्छा जताई है। अमेरिका की ओर से भी बातचीत की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया गया है। लेकिन जमीन पर सैन्य गतिविधियां जारी हैं।

यही विरोधाभास मौजूदा संकट को जटिल बना रहा है। एक तरफ बातचीत की बात हो रही है। दूसरी तरफ हमले और समुद्री तनाव जारी हैं।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या क्षेत्रीय संवाद किसी ठोस पहल में बदलता है या सैन्य टकराव और तेज होता है।

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AEO सवाल जवाब

ईरान में ताजा हमला कहां हुआ है?
ईरानी मीडिया के अनुसार, दक्षिणी ईरान के सिरिक के कई इलाकों में प्रोजेक्टाइल गिरे हैं।

सिरिक हमले में क्या नुकसान हुआ?
उपलब्ध रिपोर्ट में हमले से हुए कुल नुकसान और हताहतों की अंतिम पुष्टि नहीं की गई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों महत्वपूर्ण है?
यह एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां तनाव बढ़ने से समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

क्या ईरान बातचीत के लिए तैयार है?
ईरानी विदेश मंत्रालय ने क्षेत्रीय देशों के साथ संवाद की तैयारी जताई है।

अमेरिका का ईरान युद्ध पर क्या कहना है?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध समाप्त होने की संभावना जताई है और कहा है कि तेहरान के साथ बातचीत संभव हो सकती है।

आईएईए ने ईरान के खिलाफ क्या कदम उठाया है?
आईएईए ने ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों के निरीक्षण से जुड़े विवाद में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को रिपोर्ट करने के पक्ष में प्रस्ताव पारित किया है।

क्या गाजा में भी हमले जारी हैं?
हां। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी गाजा में जबालिया के आसपास इजरायली सैन्य हेलीकॉप्टरों और तोपखाने की कार्रवाई की खबर है।