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शाहबुद्दीन रज़वी पर बरेलवी समाज का आक्रोश, तौकीर रज़ा ने बताया ‘सरकारी दलाल’

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली

सरकार के विवादास्पद फैसलों का समर्थन कर बरेलवी समाज में भ्रम फैलाने वाले शाहबुद्दीन रज़वी बरेलवी को अब उसी समुदाय के लोग घेरने लगे हैं। बरेलवी समुदाय के प्रमुख धर्मगुरु मौलाना तौकीर रजा ने शाहबुद्दीन रज़वी के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में मौलाना तौकीर रज़ा ने उन्हें ‘सरकारी दलाल’ और ‘सरकार का पिट्ठू’ कहकर उनकी कड़ी आलोचना की है।

बरेलवी नहीं, ‘बहराइची’ कहा जाए!

मौलाना तौकीर रज़ा ने शाहबुद्दीन रज़वी की आलोचना करते हुए कहा कि उनका दरगाह बरेली शरीफ से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि शाहबुद्दीन रज़वी को बरेलवी कहकर बरेलवी समाज को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उन्हें ‘बहराइची’ कहा जाए, क्योंकि उनका बरेली शरीफ से कोई संबंध नहीं है। मौलाना तौकीर रज़ा का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे जमकर शेयर कर रहे हैं।

एक सोशल मीडिया यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा –

“फाइनली! देर से ही सही, पर मौलाना तौकीर रज़ा साहब ने आज एकदम दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया। लिहाजा शाहबुद्दीन रज़वी को शाहबुद्दीन रज़वी बहराइची कहा जाए। उसका न तो मरकज़ से कोई ताअल्लुक़ है और न ही बरेली शरीफ से। उसने बरेलवी जमाअत को जितना बदनाम किया है, उससे कहीं ज़्यादा मीडिया वालों ने बदनाम किया है। लिहाज़ा वह व्यक्ति सरकार का दलाल है। सरकार का पिट्ठू है।”

शाहबुद्दीन रज़वी पर पहले भी उठते रहे हैं सवाल

शाहबुद्दीन रज़वी का नाम अक्सर विवादों में रहा है। वह सरकार के हर फैसले का समर्थन करने के लिए जाने जाते हैं, चाहे वह फैसला मुस्लिम समाज के खिलाफ ही क्यों न हो। इससे बरेलवी समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। हाल ही में क्रिकेट चैंपियनशिप के सेमीफाइनल मैच के दौरान रमज़ान में भारतीय गेंदबाज मोहम्मद शमी के एनर्जी ड्रिंक पीने पर शाहबुद्दीन रज़वी द्वारा दिए गए बयान ने भी काफी विवाद खड़ा कर दिया था।

बरेलवी समुदाय में शाहबुद्दीन रज़वी की छवि पहले से ही संदिग्ध थी, लेकिन मौलाना तौकीर रज़ा द्वारा की गई इस खुली आलोचना के बाद उनकी स्थिति और कमजोर हो गई है।

क्या शाहबुद्दीन रज़वी देंगे कोई जवाब?

अब सवाल यह उठता है कि शाहबुद्दीन रज़वी इस आलोचना पर क्या प्रतिक्रिया देंगे? क्या वे मौलाना तौकीर रज़ा के आरोपों का जवाब देंगे या फिर इस विवाद को शांत करने की कोशिश करेंगे?

फिलहाल, बरेलवी समाज में इस मुद्दे पर तीखी बहस छिड़ी हुई है, और देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है।

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