कर्नल सोफिया कुरैशी: भारतीय सेना का गर्व, देश की प्रेरणा
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, जयपुर
भारतीय सेना की लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी आज केवल एक सैन्य अधिकारी नहीं रहीं, बल्कि वे देश की उस सशक्त तस्वीर का प्रतीक बन चुकी हैं, जो साहस, अनुशासन, देशभक्ति और समर्पण से गढ़ी जाती है। जिस तरह आम जनमानस में उनकी लोकप्रियता बढ़ी है, वह किसी फिल्मी सितारे या खेल जगत के सुपरस्टार से कम नहीं है। उनकी एक झलक पाने, उनके साथ तस्वीर खिंचवाने और ऑटोग्राफ लेने के लिए लोग उत्साह से उमड़ पड़ते हैं।
भारतीय सेना द्वारा आयोजित ‘Know Your Army’ कार्यक्रम के तहत जब जयपुर में जनता को सेना से रूबरू कराने की जिम्मेदारी कर्नल सोफिया कुरैशी को मिली, तो यह आयोजन एक सामान्य प्रदर्शनी भर नहीं रह गया, बल्कि जनभावनाओं का उत्सव बन गया। जयपुर के भवानी निकेतन कॉलेज परिसर में आयोजित इस प्रदर्शनी में लोगों की भीड़ यह बताने के लिए काफी थी कि देश की जनता अपने सच्चे नायकों को पहचानती है और उनका सम्मान करना जानती है।

भीड़, सम्मान और भावनाओं का सैलाब
8 से 12 जनवरी तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में भारतीय सेना के अत्याधुनिक हथियारों, टैंकों, तोपों, मिसाइलों और सैन्य वाहनों का प्रदर्शन किया गया। लेकिन इन सबके बीच सबसे बड़ा आकर्षण रहीं लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी। बच्चे हों या युवा, महिलाएँ हों या बुजुर्ग—हर कोई उनके साथ एक तस्वीर लेना चाहता था, उनसे ऑटोग्राफ पाना चाहता था।
हालात ऐसे बन गए कि लोग भावनाओं में बहकर अपनी जेब से नोट निकालकर ऑटोग्राफ के लिए आगे बढ़ गए। यह दृश्य उन सभी नकारात्मक सोच रखने वालों के लिए एक करारा जवाब था, जो समाज में नफरत फैलाने की कोशिश करते हैं। कर्नल सोफिया कुरैशी की लोकप्रियता यह साफ संदेश देती है कि भारत में काबिलियत, देशभक्ति और ईमानदारी ही असली पहचान है।
शालीनता, आत्मविश्वास और गरिमा की मिसाल
जयपुरवासियों के सामने कर्नल सोफिया कुरैशी का शालीन व्यवहार, सहज मुस्कान और आत्मविश्वास यह साबित करता है कि वे केवल वर्दी में नहीं, बल्कि अपने व्यक्तित्व में भी एक आदर्श अधिकारी हैं। वे हर व्यक्ति से सम्मानपूर्वक मिलती रहीं, बच्चों को प्रेरित करती रहीं और युवाओं को सेना में करियर के लिए प्रोत्साहित करती रहीं।
उनकी मौजूदगी ने यह भी साबित कर दिया कि आज का भारतीय मुसलमान हर क्षेत्र में अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर आगे बढ़ रहा है और देश के विकास में उसकी भूमिका अनिवार्य है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बदली पहचान
लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी स्वयं मानती हैं कि वे वर्षों से सेना में सेवाएँ दे रही हैं, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद उनकी पहचान देशभर में बनी। उस दौरान उन्होंने मीडिया के सामने भारतीय सेना की कार्रवाई को बेहद सटीक, तथ्यपरक और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। पाकिस्तान द्वारा फैलाए जा रहे दुष्प्रचार का उन्होंने ठोस तथ्यों के साथ खंडन किया, जिससे देश और दुनिया में भारत की छवि और मजबूत हुई।
वे बताती हैं कि अब जहाँ भी जाती हैं, लोग उन्हें पहचान लेते हैं, सम्मान देते हैं और उनसे मिलने की कोशिश करते हैं। यह सम्मान उन्हें गर्व से भर देता है और अपने कर्तव्य के प्रति और अधिक जिम्मेदार बनाता है।
बच्चों और युवाओं की प्रेरणास्त्रोत
‘Know Your Army’ प्रदर्शनी में स्कूली बच्चों और युवाओं के बीच कर्नल सोफिया कुरैशी का विशेष आकर्षण देखने को मिला। उनके साथ फोटो लेने के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी उनके साथ यादगार पल कैमरे में कैद करते नजर आए।
जयपुर पुलिस की लेडी पुलिस इंस्पेक्टर शशि चौधरी के साथ उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई, जो महिला सशक्तिकरण और आपसी सम्मान का सुंदर प्रतीक बन गई।
वीआईपी मेहमानों के साथ उपस्थिति
इस प्रदर्शनी में आने वाले हर वीआईपी अतिथि की मुलाकात कर्नल सोफिया कुरैशी से जरूर हुई। रविवार को राजस्थान की डिप्टी सीएम दीया कुमारी जब प्रदर्शनी का अवलोकन करने पहुँचीं, तब ‘साइकिलिंग फॉर द नेशन’ कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाने के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी भी उनके साथ मौजूद रहीं। पूरे कार्यक्रम में वे डिप्टी सीएम के साथ कदम से कदम मिलाकर चलती नजर आईं।
कौन हैं कर्नल सोफिया कुरैशी?
लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी गुजरात के वडोदरा की रहने वाली हैं। उनका परिवार देशसेवा की परंपरा से जुड़ा रहा है। उनके पिता ताज मोहम्मद कुरैशी भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके हैं और 1971 के भारत-पाक युद्ध में भाग ले चुके हैं। उनके पति कर्नल ताजुद्दीन बागेवाड़ी भी भारतीय सेना में अधिकारी हैं।
वे संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन (कांगो) का नेतृत्व करने वाली पहली भारतीय महिला अधिकारी रही हैं। इसके अलावा उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यासों में भारत का प्रतिनिधित्व कर देश का मान बढ़ाया है।
राजस्थान से जुड़ा खास रिश्ता
जयपुर में मिले अपार स्नेह और सम्मान ने कर्नल सोफिया कुरैशी का राजस्थान से एक विशेष भावनात्मक रिश्ता जोड़ दिया है। वे न केवल युवाओं को प्रेरित कर रही हैं, बल्कि यह भी साबित कर रही हैं कि भारतीय सेना हर वर्ग, हर धर्म और हर क्षेत्र को समान अवसर देती है।
देश के सम्मान से अभिभूत
मीडिया से बातचीत में कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा कि देशवासियों से मिल रहा यह सम्मान उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। यह उन्हें और अधिक समर्पण और ईमानदारी से देश की सेवा करने की प्रेरणा देता है।
कर्नल सोफिया कुरैशी आज केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक विचार हैं—जो यह सिखाता है कि देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और मेहनत से हर ऊँचाई हासिल की जा सकती है।

