प्रतिष्ठित आईआईएस अधिकारी एस एम खान का 67 वर्ष की आयु में बीमारी से निधन
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के प्रेस सचिव रहे भारतीय सूचना सेवा के प्रतिष्ठित वरिष्ठ अधिकारी एस एम खान का रविवार को संक्षिप्त बीमारी के बाद एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. उनके परिवार ने यह जानकारी दी.
वह 67 वर्ष के थे. खान के परिवार में उनकी पत्नी और तीन बच्चे हैं.वह केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में एक प्रमुख व्यक्ति थे, जिन्होंने 1989 से 2002 तक एजेंसी के लिए सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले सूचना अधिकारी के रूप में कार्य किया.
अपने कार्यकाल के दौरान, वह सीबीआई का चेहरा बन गए. बोफोर्स घोटाले, स्टॉक एक्सचेंज घोटाले और विभिन्न सफेदपोश अपराधों सहित हाई-प्रोफाइल मामलों के दौरान नियमित रूप से मीडिया को संबोधित करते रहे.
सीबीआई में अपनी लंबी सेवा के बाद, खान को दिवंगत राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का प्रेस सचिव नियुक्त किया गया. इस भूमिका में उन्होंने सार्वजनिक संचार में अपनी प्रतिष्ठा को और मजबूत किया. कलाम के कार्यकाल के बाद, खान दूरदर्शन में समाचार महानिदेशक के रूप में प्रतिष्ठित पद पर आसीन हुए.

सार्वजनिक सेवा में अपने उल्लेखनीय करियर के अलावा, खान ने “पीपुल्स प्रेसिडेंट” नामक एक पुस्तक भी लिखी, जिसका विमोचन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया. उन्होंने इंडिया इस्लामिक एंड कल्चरल सेंटर में उपाध्यक्ष और ट्रस्टी का पद भी संभाला, जहाँ उन्होंने सांस्कृतिक संवाद और सामुदायिक विकास में योगदान दिया.
खान का निधन भारतीय सार्वजनिक सेवा और मीडिया संबंधों के एक युग का अंत है, जो अपने काम के प्रति ईमानदारी और समर्पण की विरासत छोड़ गए हैं. उनका अंतिम संस्कार संस्कार सोमवार दोपहर को उत्तर प्रदेश में उनके गृहनगर खुजरा में किया जाएगा.
एसएम खान को 12 जनवरी 2014 को इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर के ट्रस्टी के रूप में चुना गया था, जिसे देश के लोगों के बीच आपसी समझ और सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया गया था.
एसएम खान को 07.01.2019 को इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर के उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया है. उन्होंने बहुप्रचारित चुनाव बहुत आसानी से जीत लिया.
एस.एम. खान अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय (न्यायालय) के सदस्य रहे हैं और हाल ही में उन्हें भारत के राष्ट्रपति द्वारा अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के लिए नामित किया गया था.
एसएम खान ने अपनी पहली किताब “अवामी सदर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम” पर लिखी. इस पुस्तक में डॉ. कलाम के साथ राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान और उसके बाद के अनुभवों का वर्णन किया गया है. यह डॉ. कलाम के जीवन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्रदान करता है जिसमें भारत और विदेश में उनकी यात्राओं के मुख्य अंश भी शामिल हैं. यह पुस्तक ब्लूम्सबरी पब्लिशिंग द्वारा प्रकाशित की गई है और जनवरी 2017 में भारत के मानद उपराष्ट्रपति श्री हामिद अंसारी और भारत के वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली द्वारा जारी की गई थी. पुस्तक की पहली प्रति भारत के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी को भेंट की गई.