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‘गुजरात दंगे’ पर डाॅक्यूमेंट्री दिखाते ही बीबीसी के दिल्ली-मुंबई कार्यालय पर आयकर कार्रवाई, बुधवार को भी खंगाले जाएंगे दस्तावेज

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली

‘गुजरात दंगे’ पर बीबीसी ने डाॅक्यूमेंट्री क्या दिखाई एक खास खेमे में खलबली मची हुई है. पहले तो उसके हाथ इस कदर बांधने की कोशिश की गई कि इसकी दूसरी कड़ी दिखाई न जाए, पर बात नहीं बनी तो दूसरे हत्थकंडे अपनाए जा रहे हैं.

बहरहाल, अब आयकर विभाग ने मंगलवार को बीबीसी के दिल्ली और मुंबई स्थित कार्यालयों के खिलाफ ‘सर्वेक्षण’ के नाम पर कार्रवाई शुरू की गई जो आज बुधवार देर शाम तक चलेगी. इस बीच विपक्षी दल और मीडिया जगत ने इसे मीडिया जगत का गला घोंटने वाली कार्रवाई बताते हुए इसके विरोध में आंदोलन की चेतावनी दी है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार,बुधवार को कितने बजे तक कार्रवाई चलेगी अब भी तक आई-टी विभाग या वित्त मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, आई-टी अधिकारियों ने कार्यालयों में कर्मचारियों से फोन और लैपटॉप जब्त किए हैं.

यह ‘सर्वेक्षण’ 2002 के गुजरात दंगों पर बीबीसी द्वारा दो-भाग वाली डॉक्यूमेंट्री के बाद सामने आया है, जिसने पूरे देश में हंगामा खड़ा कर दिया है. आई-टी विभाग के अधिकारी पिछले कुछ वर्षों से संबंधित यूके के राष्ट्रीय प्रसारक के टैक्स विवरण की जांच कर रहे हैं.

बीबीसी ने मंगलवार दोपहर ट्वीट किया, आयकर अधिकारी इस समय नई दिल्ली और मुंबई में बीबीसी के कार्यालयों में हैं और हम पूरा सहयोग कर रहे हैं. हमें उम्मीद है कि इस स्थिति को जल्द से जल्द सुलझा लिया जाएगा. सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि तलाशी शुरू होने के छह घंटे बाद कर्मचारियों को उनके लैपटॉप स्कैन करने के बाद जाने दिया गया.

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने ‘सर्वे’ की निंदा की

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने मंगलवार को बीबीसी के दिल्ली और मुंबई स्थित कार्यालय में आयकर सर्वे की कड़ी निंदा की है. पीसीआई ने एक बयान में कहा, सर्वे हाल के दिनों में सरकारी एजेंसियों द्वारा मीडिया पर किए गए हमलों की श्रृंखला का हिस्सा हैं. खासकर मीडिया के उन वर्गों के खिलाफ जिन्हें सरकार शत्रुतापूर्ण मानती है और सत्तारूढ़ प्रतिष्ठान की आलोचना करती है.

यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि यह प्रतिशोध का स्पष्ट मामला प्रतीत होता है, जो बीबीसी द्वारा गुजरात दंगों पर प्रसारित डाक्यूमेंट्री के कुछ हफ्तों के बाद सामने आया है. पीसीआई ने कहा कि छापेमारी के लिए तत्काल उकसाने वाले प्रतीत होने वाली डाक्यूमेंट्री को यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पहले ही प्रतिबंधित कर दिया गया है.

बयान में कहा- हम अत्यधिक चिंतित और व्यथित हैं कि एक अंतरराष्ट्रीय प्रसारण नेटवर्क पर इस तरह की कार्रवाई से दुनिया में सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत की प्रतिष्ठा और छवि को नुकसान होगा. हम सरकार से अपील करते हैं कि मीडिया को डराने-धमकाने और प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने के लिए एजेंसियों को अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करने से रोकें.