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जामिया के मुन्ना खालिद ने चाइना पैरा बैडमिंटन में जीता कांस्य

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली

नई दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के पीएचडी छात्र मुन्ना खालिद ने अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में देश का नाम एक बार फिर ऊंचा किया है। बीजिंग में आयोजित चाइना पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2026 प्रतियोगिता में उन्होंने भारत के लिए कांस्य पदक जीता है। बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन के बैनर तले आयोजित इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में दुनिया भर के शीर्ष खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। मुन्ना खालिद ने पुरुष युगल वर्ग में यह सफलता हासिल की।

त्वरित सारांश और मुख्य तथ्य

  1. जामिया मिल्लिया इस्लामिया के हिंदी शोधार्थी मुन्ना खालिद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को कांस्य पदक दिलाया है।
  2. चाइना पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2026 का आयोजन 31 अगस्त से 5 सितंबर 2026 के दौरान चीन की राजधानी बीजिंग में हुआ।
  3. मुन्ना खालिद और उनके साथी खिलाड़ी शशांक कुमार ने मेन्स डबल्स वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बनाई।
  4. इस पदक के साथ ही मुन्ना खालिद के अंतरराष्ट्रीय पदकों की कुल संख्या अब 11 हो गई है।
  5. हाल ही में उन्हें नई दिल्ली के भारत मंडपम में वर्ष 2026 का पैरा एथलीट ऑफ द ईयर चुना गया था।

बीजिंग में सेमीफाइनल मुकाबला और मेडल की जीत

बीजिंग में 31 अगस्त से 5 सितंबर 2026 तक चले इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट का आयोजन बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन द्वारा किया गया था। प्रतियोगिता में भारतीय दल का प्रदर्शन काफी सराहनीय रहा।

पुरुष युगल वर्ग में मुन्ना खालिद ने अपने जोड़ीदार शशांक कुमार के साथ मैदान पर जोरदार खेल दिखाया। दोनों खिलाड़ियों ने शुरुआती दौर के मैच जीतकर अंतिम चार में जगह बनाई। सेमीफाइनल मुकाबले में उनका सामना मेजबान चीन की मजबूत टीम से हुआ।

इस कड़े मुकाबले में भारतीय जोड़ी को 12 21 और 18 21 से हार का सामना करना पड़ा। सेमीफाइनल तक का शानदार सफर तय करने के कारण मुन्ना और शशांक को कांस्य पदक से सम्मानित किया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन जैसी दिग्गज टीम के खिलाफ ऐसा प्रदर्शन खिलाड़ी के बुलंद हौसले को दर्शाता है।

अंतरराष्ट्रीय पदकों का शतक और राष्ट्रीय सम्मान

मुन्ना खालिद की यह उपलब्धि किसी अचानक मिली सफलता का परिणाम नहीं है। वे लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन कोर्ट पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अब तक वे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कुल 11 पदक अपने नाम कर चुके हैं।

उनकी झोली में 2 स्वर्ण पदक 2 रजत पदक और 7 कांस्य पदक शामिल हैं। यह आंकड़ा साबित करता है कि वे हर बड़े टूर्नामेंट में निरंतर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

उनकी खेल प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी सराहना मिली है। हाल ही में नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित एक विशेष समारोह में उन्हें सम्मानित किया गया। ‘आई एम गेम’ संस्था ने मुन्ना खालिद को ‘पैरा एथलीट ऑफ द ईयर 2026 गोल्ड विनर’ का पुरस्कार प्रदान किया। यह सम्मान उनके कड़े परिश्रम और समर्पण का सीधा प्रमाण है।

शोधार्थी और खिलाड़ी का अद्भुत संतुलन

मुन्ना खालिद की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि वे खेल मैदान के साथ साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी अव्वल हैं। वे जामिया मिल्लिया इस्लामिया से हिंदी साहित्य में पीएचडी कर रहे हैं।

जामिया यूनिवर्सिटी के साथ उनका रिश्ता काफी पुराना और गहरा है। उन्होंने इसी संस्थान से अपनी उच्च शिक्षा हासिल की है:

  1. उन्होंने अपनी बीए ऑनर्स की डिग्री जामिया से पूरी की।
  2. समाज कार्य में मास्टर डिग्री यानी एमएसडब्ल्यू किया।
  3. हिंदी साहित्य में एमए की डिग्री प्राप्त की।
  4. वर्तमान में हिंदी विभाग से डॉक्टरेट की पढ़ाई कर रहे हैं।

एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर उच्च शिक्षा हासिल करना और साथ में अंतरराष्ट्रीय स्तर का एथलीट बनना आसान काम नहीं है। वे रोजाना अपनी पढ़ाई और खेल के समय को बहुत व्यवस्थित तरीके से बांटते हैं।

एशियन पैरा गेम्स और पैरालंपिक्स 2028 पर नजर

इस जीत के बाद मुन्ना खालिद के हौसले काफी बुलंद हैं। वे अपनी इस सफलता को केवल एक पड़ाव मानते हैं। उनका अगला मुख्य लक्ष्य आने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट हैं।

वे एशियाई पैरा खेल 2026 और वर्ष 2028 में होने वाले लॉस एंजिल्स पैरालंपिक्स में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना चाहते हैं। उनका कहना है कि वे अपने देश अपने गृह राज्य और जामिया यूनिवर्सिटी का नाम पूरी दुनिया में रोशन करना चाहते हैं।

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जामिया प्रशासन ने दी बधाई

मुन्ना खालिद की इस शानदार जीत पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया परिवार में खुशी का माहौल है। यूनिवर्सिटी के शीर्ष अधिकारियों ने उनकी इस कामयाबी पर उन्हें बधाई दी है।

जामिया के वाइस चांसलर प्रोफेसर मज़हर आसिफ ने मुन्ना खालिद को उनकी इस बड़ी उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुन्ना की सफलता यूनिवर्सिटी के अन्य छात्रों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने भविष्य के सभी टूर्नामेंटों के लिए मुन्ना को शुभकामनाएं दीं।

जामिया के रजिस्ट्रार प्रोफेसर मो महताब आलम रिजवी ने कहा कि मुन्ना खालिद की मेहनत और निष्ठा का ही नतीजा है कि वे आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम बढ़ा रहे हैं।

गेम्स एंड स्पोर्ट्स के डायरेक्टर प्रोफेसर नफीस अहमद ने भी खिलाड़ी के समर्पण की तारीफ की। उन्होंने कहा कि खेल विभाग मुन्ना को आगे भी हर संभव सहयोग प्रदान करता रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. मुन्ना खालिद ने चाइना पैरा बैडमिंटन 2026 में कौन सा पदक जीता?

मुन्ना खालिद ने मेन्स डबल्स वर्ग में भारत के लिए कांस्य पदक यानी ब्रॉन्ज़ मेडल जीता।

2. इस प्रतियोगिता का आयोजन कब और कहां हुआ था?

इस टूर्नामेंट का आयोजन 31 अगस्त से 5 सितंबर 2026 के बीच चीन की राजधानी बीजिंग में बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन द्वारा किया गया था।

3. मुन्ना खालिद के नाम कुल कितने अंतरराष्ट्रीय पदक हैं?

मुन्ना खालिद अब तक कुल 11 अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुके हैं जिनमें 2 स्वर्ण 2 रजत और 7 कांस्य पदक शामिल हैं।

4. मुन्ना खालिद जामिया से किस विषय में पढ़ाई कर रहे हैं?

वे जामिया मिल्लिया इस्लामिया के हिंदी विभाग से हिंदी साहित्य में पीएचडी कर रहे हैं।

5. मुन्ना खालिद का अगला मुख्य खेल लक्ष्य क्या है?

उनका मुख्य लक्ष्य एशियन पैरा गेम्स 2026 और पैरालंपिक्स 2028 में भारत के लिए पदक जीतना है।

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