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भारत के टी20 वर्ल्ड कप जीतने पर जब इरफान पठान ‘ऑन स्क्रीन’ रो पड़े तो जानिए क्या हुआ ?

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली

भारत के दूसरे बार टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद से साउथ अफ्रीका के साथ खेले गए मैच के विभिन्न पहलुओं पर खुलकर चर्चा हो रही है. इन्ही चर्चाओं में एक है क्रिकेटर से कमेंटेटर बने इरफान पठान का ‘आॅन स्क्रीन’ रो पड़ना.भारत के मैच जीतने पर इरफान पठान किस कदर भावुक हो गए मुंह बिचका कर बच्चों की तरह रोने लगे. इस बीच उन्हें अहसास हुआ कि वो आन स्क्रीन हैं. इसपर उन्होंने सफाई दी कि यह उनके खुशी के आंसू हैं और भारत को इस जीत का  लंबे समय से इंतजार था.

चूंकि इरफान पठान खुद भी भारतीय टीम के बहुत अच्छी बाॅलर रहे हैं और कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की जीत के गवाह रहे हैं, इसके अलावा भारत के वेटरन टीम से खेलते हैं, इसलिए लंबे अंतराल के बाद भारत का वर्ल्ड चैंपियन बनना उन्हें भाव विभोर करना काफी है.

इरफान पठान के इस आॅन स्क्रीन रोते हुए वीडियो एजुकेशनिस्ट नरगिस बानो ने अपने एक्स हैंडल पर साथ किया है. साथ ही लिखा है-‘‘इन खुशी के आंसुओं को कौन समझेगा ?’’

वह आगे लिखती हैं-‘‘इरफान पठान टीम इंडिया की जीत पर ऑनस्क्रीन रो पडे. बोल रहे हैं कि ये खुशी के आंसू हैं.’’नरगिस बानो द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो वायरल हो गया है और इसपर जबरदस्त प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. खबर लिखने तक 465.5 हजार लोग देख चुके थे.

मगर इससे भी कहीं अधिक उल्लेखनीय बात है कि इरफान पठान के इस तरफ आॅन स्क्रीन रोने की जहां कुछ लोग तारीफ कर रहे हैं. वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनका हिंदू-मुसलमान करना शगल बन गया है और साम्प्रदायिकता फैलाना उनकी नियति बन गई है.

खुद को कट्टर सनातनी बताने वाले आशीष सेमवाल नरगिस बानो के ट्वीट के प्रतिक्रिया में लिखते हैं-‘‘कैमरा के सामने स्टूडियो में बैठ के एक खेल के लिए आंसू बहाना देशभक्ति नहीं होती, फॉर यूअर काइंड इनफॉरमेशन.’’देवेंद्र शर्मा ने इरफान के रोन का माखौल उड़ाते हुए एक्स पर लिखा है-‘‘शायद पाकिस्तान की क्रिकेट यात्रा समाप्त होने पर ये आंसू आ गए.’’
हिंदुस्तानी नामक एक एक्स हैंडल पर लिखा गया है-‘‘दिखावा है किवल कोई देशभक्ति नहीं,पाकिस्तान के बाहर होने पर रो रहा है.’’

शिव शर्मा इसपर लिखते हैं-‘‘हम भी तो कहे इतनी राजनीति कैसे .आईडी चेक की तो पता चला कांग्रेस और समाजवादी की सोच से बुरी तरह ग्रस्त है, इसलिए शान्ति खुशी पर भी  राजनीतिक रोटी सेंकनी है. एक पप्पू को प्रधानमंत्री न बना पाने का दुःख सहा नहीं जाता बेचारी. ’’

हालांकि इरफान पठान के रोने पर केवल नकारात्म प्रतिक्रिया ही नहीं आई हैं. बहुत सारे लोगों ने न केवल उनके इस ‘जेस्चर’ की तारीफ की है, बल्कि उनको भी घेरने की कोशिश की है, जो इरफान को बुरा भला कह रहे हैं.

शैलेंद्र पटेल लिखते हैं-‘‘इन खुशी के आंसुओं को कौन समझेगा .इरफान पठान टीम इंडिया की जीत पर ऑन स्क्रीन रो पड़े . बोल रहे हैं कि ये खुशी के आँसू हैं !कल पूरा देश खुशी के आंसुओं से भावुक हुआ है. कल का दिन इंडिया के लिए खुशी के आंसुओं के सैलाब का दिन था. कल दिन इंडिया के लिए इतिहास का दिन था. कल दिन भारतीयों के लिए गर्व का दिन था.