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Omar Abdullah ने की OMSA के प्रतिनिधियों से मुलाकात

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, श्रीनगर

जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ओपन मेरिट स्टूडेंट्स एसोसिएशन (OMSA) के प्रतिनिधियों से महत्वपूर्ण मुलाकात की. इस बैठक ने लोकतंत्र की बुनियादी अवधारणा को उजागर किया, जिसमें संवाद और सहयोग के माध्यम से समस्याओं का समाधान खोजने की बात कही गई.

यह पहल छात्रों की चिंताओं को सुनने और उनके लिए प्रभावी समाधान खोजने की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित हुई.

मुलाकात के दौरान ओपन मेरिट स्टूडेंट्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने छात्रों से संबंधित विभिन्न मुद्दों और चुनौतियों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि शिक्षा में समान अवसर प्रदान करना और भेदभाव को खत्म करना आज की सबसे बड़ी जरूरत है. एसोसिएशन ने अपनी ओर से छात्रों के अधिकारों की रक्षा और उनके हितों को प्राथमिकता देने की मांग रखी.

प्रतिनिधियों ने सरकार से अपील की कि शिक्षा नीति में बदलाव कर इसे अधिक समावेशी और निष्पक्ष बनाया जाए. साथ ही, उन्होंने उन बाधाओं को भी साझा किया जो ओपन मेरिट छात्रों के समक्ष अक्सर आती हैं.

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रतिनिधियों की बात को ध्यानपूर्वक सुना और उनके विचारों का स्वागत किया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र की खूबसूरती इसी में है कि हर किसी को अपनी बात रखने और सुने जाने का अधिकार है. उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और संवाद का यह चैनल हमेशा खुला रहेगा.

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों से कुछ सुझाव भी साझा किए और उन्हें कई आश्वासन दिए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि उनके मुद्दों पर विचार किया जाएगा और उचित समाधान निकाला जाएगा. उमर अब्दुल्ला ने इस बात को दोहराया कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और सीधा संवाद प्राथमिकता होगी.

मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि संवाद का यह माध्यम पूरी तरह से स्वतंत्र और पारदर्शी रहेगा. इसमें किसी भी तरह के बिचौलिए या अनावश्यक हस्तक्षेप की भूमिका नहीं होगी. उन्होंने कहा कि सरकार और छात्रों के बीच सीधे संपर्क को सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है, ताकि समस्याओं को प्रभावी तरीके से हल किया जा सके.

ओपन मेरिट स्टूडेंट्स एसोसिएशन और जम्मू और कश्मीर सरकार के बीच यह संवाद छात्रों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है. यह बैठक छात्रों के लिए समावेशी और समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है.

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में यह पहल राज्य में शिक्षा और छात्रों की भलाई को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है. यह स्पष्ट है कि इस संवाद प्रक्रिया को आगे भी जारी रखा जाएगा, ताकि छात्रों की चिंताओं का समाधान खोजा जा सके और शिक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधार किए जा सकें.