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Ramadan 2024 : यूएई में पहला रोजा कितने घंटे का, पहले दिन फज्र और मगरिब की अजान कितने बजे ?

मुस्लिम नाउ ब्यूरो,दुबई

चूंकि रजब का इस्लामी महीना शुरू हो चुका है, इसलिए रमजान को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. उनमें एक चर्चा तो यही है कि संयुक्त अराब अमीरात यानी यूएई में पहला रोजा कितने घंटे का होगा. इसी तरह रमजान के पहले दिन फज्र और मगरिब की नमाज कितने बचे बढ़ी जाएगी ?

खगोलीय गणना से संकेत मिल रहे हंै कि यूएई में रमजान शुरू होने में अब दो महीने से कम दिन बचे हैं. ऐसे में 11 मार्च, 2024 से रमजान का महीना शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है. इन गणनाओं के अनुसार, इस वर्ष रमजान का महीना 30 दिन का होगा.

अमीरात एस्ट्रोनॉमी सोसाइटी ने इस्लामिक हिजरी कैलेंडर के आधार पर 2024 में रमजान और ईद अल फितर की तारीखें निर्धारित की हैं. दुबई में रमजान के पहले दिन, फज्र (भोर) की नमाज 05ः14 बजे होगी. इसी तरह मगरिब (सूर्यास्त) की नमाज 18ः26 बजे होगी. रोजे की अवधि लगभग 13 घंटे और 12 मिनट होगी.

रमजान के अंत तक, रोजे का समय थोड़ा बढ़ेगा. फज्र की नमाज 04ः42 बजे और मगरिब की नमाज 18ः39 बजे होगी. कुल मिलाकर लगभग 13 घंटे और 57 मिनट का रोजा होगा.रमजान की शुरुआत की पुष्टि पारंपरिक रूप से चांद देखने वाली समिति द्वारा की जाएगी. इस समिति में इस्लामी विद्वान, खगोलविद और अधिकारी शामिल होते हैं. समिति को नए अर्धचंद्र को देखने का काम सौंपा गया है, जो रमाजन महीने की शुरुआत का प्रतीक है.

2024 में यूएई के कर्मचारी रमजान के दौरान काम के घंटों में कटौती की उम्मीद कर रहे हैं. संयुक्त अरब अमीरात के श्रम कानून के अनुसार, निजी क्षेत्र के कर्मचारी आम तौर पर प्रतिदिन आठ घंटे काम करते हैं. हालांकि, रमजान के दौरान, इसे घटाकर प्रतिदिन छह घंटे कर दिया जाता है.कुछ कर्मचारी इन कम किए गए घंटों के लिए पात्र नहीं होते. आने-जाने के समय को आम तौर पर काम के घंटों के रूप में नहीं गिना जाता है.

परंपरा के अनुसार, ईद अल फितर की छुट्टी रमजान के बाद, रमजान के 29वें दिन से लेकर शव्वाल के तीसरे दिन तक होती है.व्यावहारिक रूप से, इस वर्ष इसका मतलब यह होता है कि संयुक्त अरब अमीरात के लोग सोमवार, 9 अप्रैल से शुक्रवार, 12 अप्रैल तक पांच दिन की छुट्टी का आनंद ले सकें. रमजान 29 अप्रैल को पड़ता है, तब छुट्टियों की अवधि प्रभावी रूप से 5 अप्रैल से शुरू हो जाएगी, जो 14 अप्रैल तक बढ़ सकती है. सोमवार 15 अप्रैल को कर्मचारियों को काम पर लौटना होगा.

रमजान, आध्यात्मिक चिंतन और बढ़ी हुई भक्ति का समय है, जिसमें मुसलमानों को सुबह से शाम तक रोजे रखने होते हैं . यह अवधि पैगंबर मोहम्मद साहब को कुरान के रहस्योद्घाटन की याद दिलाती है. यह समय गहन आध्यात्मिक प्रतिबिंब, प्रार्थना और समुदाय का होता है.