शशि थरूर का अहम सवाल, क्या भारत में कोई मुसलमान पीएम बन सकता है?
आवाज द वॉयस,नई दिल्ली
ब्रिटेन में एक हिंदू ऋषि सुनक के प्रधानमंत्री बनने पर भारत में कट्टरवादी खूब खुशियां मना रहे हैं. इसे दिवाली का बंपर तोहफा बताया जा रहा है. मगर यही लोग भारत में किसी मुसलमान या अन्य अल्पसंख्यक को प्रधानमंत्री बनाए जाने पर बिफर पड़ते हैं.
चुनावों में मुसलमानांे की कथित तेजी से बढ़ती जनसंख्या के कारण 2040 मंे इस कौम का प्रधानमंत्री बनने का ‘डर’ दिखाकर ही हिंदू बिरादरी को भ्रमाया जाता है. आरएसएस के ‘भौगोलिक असंतुलन’ के नाम पर जनसंख्या नियंत्रण नीति लाने के पीछे भी इसी भय को विस्तार देना है ताकि हिंदुओं का आसानी से घ्रुवीकरण किया जा सके और लंबे समय तक देश पर इसकी राजनीतिक ईकाई बीजेपी का राज कायम रहे. यदि ऐसा नहीं होता तो एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी के ‘कभी न कभी देश का प्रधानमंत्री किसी हिजाबी के बनने’ वाले बयान पर हिंदूवादी संगठन भड़कते नहीं. इसपर हिंदुवादी समर्थक चैनलों में कई दिनों से डिबेट चल रही है.

इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार रहे सांसद शशि थरूर ने अहम सवाल उछाला है.भारतीय मूल के हिंदू ऋषि सनक के ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने पर टिप्पणी करते हुए कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि इसमें भारत के लिए सबक है.अल्पसंख्यकों को सशक्त बनाने की आवश्यकता के बारे में अपने तर्क देते हुए, कांग्रेस नेता ने पूछा, क्या कोई व्यक्ति जो हिंदू, सिख, बौद्ध या जैन नहीं है, वह भारत का पीएम बन सकता है?
थरूर ने इंगित किया कि ऋषि सनक हिंदू धर्म के एक खुले अभ्यासी रहे हैं. उन्होंने पूछा, क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि एक ईसाई या एक मुसलमान, अपने विश्वास के साथ प्रधानमंत्री के रूप में भाजपा को स्वीकार होगा ?उन्होंने आगे कहा कि देश की सत्तारूढ़ भाजपा के पास कोई मुस्लिम सांसद तक नहीं है.

सोनिया गांधी के इतालवी और ईसाई मूल के बारे में सार्वजनिक विवाद फैलाने को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस गठबंधन को जीत मिली और पीएम बनने के लिए सोनिया गांधी का नाम आगे आया, तो बीजेपी ने बवाल मचा दिया.थरूर ने अफसोस जताते हुए कहा कि एक प्रमुख राजनेता ने तो उनके पीएम बनने पर अपना सिर मुंडवाने तक की धमकी दे दी थी. वह भाजपा की सुषमा स्वराज का जिक्र कर रहे थे, जो आगे चलकर भारत की विदेश मंत्री बनीं.
एनडीटीवी ने थरूर के हवाले से कहा, मेरा मानना है कि हमें यह स्वीकार करने की आवश्यकता है. मैं ब्रिटिश नस्लवाद का आलोचक रहा हूं कि उन्होंने अपने नेता के रूप में एक भूरे रंग के हिंदू का अभिषेक किया है.