दुनिया के सबसे गंदे आदमी की ईरान में पहली बार नहाने के साथ 94 साल की उम्र में मौत
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, तेहरान
आधी सदी से अधिक समय तक स्नान नहीं करने वाले दुनिया के सबसे गंदे आदमी की मौत हो गई. 94 वर्षीय यह ईरानी फकीर तब दुनिया को अलविद कह गया, जब उसे पहली बार नहाया गया.इरना समाचार एजेंसी ने बताया कि बुजुर्ग व्यक्ति अमो हाजी की रविवार को दक्षिणी प्रांत फार्स के देजगाह गांव में मृत्यु हो गई.
हाजी, कालिख से सने होने के साथ एक सिलंडर नुमा झोंपड़ी में रहता था. स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया कि उसने 60 से अधिक वर्षों से पानी या साबुन से नहीं नहाया था. ग्रामीणों ने कहा कि उसने अपनी युवावस्था में किसी जज्बाती वजह से खुद को साफ-सफाई से किनारा कर लिया था.
तेहरान टाइम्स ने बताया कि 2014 में हाजी नेे बातचीत में कहा था कि वह जानवरों के मल-मूूत्र से धूम्रपान करता है. उसने बताया था कि अगर वह साफ-सुथरा रहेगा तो उसे बीमार हो जाएगी और वह मर जाएगा. उस दौरान उसे एक साथ कई सिगरेट पीते दिखाया गया था.

लेकिन पिछले दिनों ग्रामीणों ने उसे पहली बार नहाने को राजी किया. हालांकि ,हाजी की मृत्यु के बाद पहले दुनिया का सबसे गंदा आदमी होने का रिकॉर्ड एक भारतीय के पास जा सकता है, जिसने अपने जीवन के अधिकांश समय तक स्नान नहीं किया.2009 में हिंदुस्तान टाइम्स ने रिपोर्ट की थी कि वाराणसी के बाहर एक गांव के कैलाश कालू सिंह ने देश के सामने आने वाली सभी समस्याओं को समाप्त करने में मदद करने के प्रयास में 30 वर्षों से अधिक समय तक नहाया नहीं है.
वह अग्नि स्नान के नाम से पानी को अस्वीकार करता है. अखबार ने कहा, हर शाम जब ग्रामीण इकट्ठा होते हैं, वह अलाव जलाता है, गांजा पीता है और भगवान शिव की प्रार्थना करते हुए एक पैर पर खड़ा हो जाता है.कथित तौर पर कालू सिंह ने कहा था, “यह नहाने के लिए पानी का उपयोग करने जैसा है. अग्नि स्नान शरीर में सभी कीटाणुओं और संक्रमणों को मारने में मदद करता है.