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ईरान पर ट्रंप की नई चेतावनी, खाड़ी में बढ़ा तनाव

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली

ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य टकराव अब एक नए और गंभीर दौर में पहुंचता दिखाई दे रहा है। अमेरिका ने ईरान से जुड़े तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाने का दावा किया है। इसके कुछ ही घंटे बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिकी हितों से जुड़े जहाजों पर जवाबी कार्रवाई की बात कही है।

इस घटनाक्रम ने खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पर नजरें टिक गई हैं। यह रास्ता दुनिया के महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है।

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के भूमिगत परमाणु ठिकाने पिकैक्स माउंटेन पर जल्द कार्रवाई की चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि अगर वहां कोई गतिविधि दिखाई दी तो अमेरिका हमला कर सकता है।

अमेरिका ने तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाने का दावा किया

अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने शनिवार को कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाया।

अमेरिकी बयान के अनुसार, इनमें एमटी डाउनी, एमटी स्टार्क 1 और एमटी कायलो शामिल हैं। CENTCOM ने दावा किया कि खार्ग द्वीप के पास डाउनी और जास्क के निकट स्टार्क 1 को निष्क्रिय किया गया।

अमेरिकी सेना ने यह भी कहा कि ओमान की खाड़ी में मौजूद एमटी कायलो को कई महत्वपूर्ण स्थानों पर निशाना बनाया गया। अमेरिकी बयान के अनुसार, जहाज के चालक दल को पहले जहाज छोड़ने के लिए कहा गया था।

CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि ईरान द्वारा अमेरिकी जहाजों पर हमले के बाद यह कार्रवाई की गई। अमेरिकी पक्ष ने इन टैंकरों को ऐसे नेटवर्क का हिस्सा बताया है जो उसके अनुसार ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के लिए धन जुटाने में मदद करता है।

ईरान ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया

अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि उनकी नौसैनिक इकाइयों ने कई जहाजों को निशाना बनाया।

ईरानी बयान में तीन तेल टैंकरों और अमेरिका से कथित रूप से जुड़े तीन अन्य जहाजों को निशाना बनाने की बात कही गई। गार्ड्स ने दूसरे जहाजों को भी चेतावनी दी कि वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निर्धारित और अधिकृत रास्तों का ही इस्तेमाल करें।

इस जवाबी कार्रवाई के दावे ने खाड़ी में तनाव और बढ़ा दिया है। अभी हर घटना की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। समुद्री क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों के कारण स्थिति तेजी से बदल रही है।

ईरान ने और गंभीर जवाब की चेतावनी दी

ईरानी सेना ने अमेरिका को और कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। ईरान के खतम अल अनबिया सेंट्रल कमांड ने कहा कि अगर अमेरिकी हमले जारी रहे तो अमेरिकी नौसैनिक जहाजों के खिलाफ कार्रवाई पहले से ज्यादा गंभीर हो सकती है।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना की है। उसने ईरानी तेल टैंकरों पर हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के खिलाफ बताया है।

ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिकी कार्रवाई से क्षेत्रीय शांति और वाणिज्यिक समुद्री यातायात के लिए खतरा पैदा हो रहा है। तेहरान ने अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने की बात कही है।

खार्ग द्वीप के पास हमले से चिंता

ईरान के प्रमुख तेल केंद्र खार्ग द्वीप के आसपास भी धमाकों की खबर सामने आई है। ईरानी मीडिया ने शनिवार को इस इलाके में कई धमाकों की जानकारी दी।

ईरानी समाचार एजेंसियों ने दावा किया कि एक टैंकर को अमेरिका ने निशाना बनाया। एक रिपोर्ट में कहा गया कि जहाज पर चार अमेरिकी मिसाइलें लगीं। चालक दल को बाहर निकाले जाने की बात भी कही गई।

हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने तत्काल इस पर कोई टिप्पणी नहीं की थी।

खार्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधि का असर केवल ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं रह सकता। इससे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर भी असर पड़ने की आशंका रहती है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बढ़ा दबाव

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का सबसे संवेदनशील केंद्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना हुआ है। दुनिया के ऊर्जा व्यापार के लिए यह समुद्री रास्ता बेहद महत्वपूर्ण है।

ब्रिटेन के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने भी उत्तरी अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी में कई व्यापारिक जहाजों से जुड़ी घटना की सूचना दी। संगठन के अनुसार, कुछ जहाजों को सैन्य गतिविधि के दौरान नुकसान पहुंचाने वाली गोलीबारी का सामना करना पड़ा।

UKMTO ने कहा कि उस समय तक वह किसी संभावित जनहानि या पर्यावरणीय नुकसान की पुष्टि नहीं कर सकता था। जहाजों को समुद्री सुरक्षा से जुड़ी ताजा सूचनाओं पर नजर रखने की सलाह दी गई।

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ट्रंप की पिकैक्स माउंटेन पर चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी नई चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका पिकैक्स माउंटेन स्थित भूमिगत परमाणु केंद्र को जल्द निशाना बना सकता है।

ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस स्थान पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर वहां कुछ ऐसा होता है जिसे अमेरिका गंभीर मानता है तो सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।

परमाणु विवाद पर कूटनीतिक मोर्चा भी सक्रिय

सैन्य तनाव के साथ ईरान का परमाणु विवाद भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहा है। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सामने एक प्रस्ताव रखने की तैयारी की है।

प्रस्ताव में ईरान के परमाणु दायित्वों के पालन में कथित विफलता का मुद्दा उठाया गया है। इसमें ईरान के मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद तक ले जाने की मांग की जा सकती है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रस्ताव अभी बातचीत के स्तर पर था। इसमें बदलाव भी हो सकता है। औपचारिक रूप से पेश होने के बाद इस पर IAEA बोर्ड की बैठक में मतदान होना है।

प्रस्ताव में कूटनीतिक समाधान का समर्थन भी दर्ज किया गया है। इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताओं का समाधान बातचीत के जरिए करने की जरूरत बताई गई है।

सऊदी अरब को अमेरिका की बड़ी हथियार बिक्री

क्षेत्रीय तनाव के बीच अमेरिका ने सऊदी अरब को पांच अरब डॉलर के हथियारों की बिक्री को भी मंजूरी दी है। इसमें बम, गाइडेंस किट और अन्य सैन्य उपकरण शामिल हैं।

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि इस बिक्री से सऊदी अरब की हवाई रक्षा क्षमता मजबूत होगी। विभाग के अनुसार, इससे क्षेत्रीय खतरों से निपटने में मदद मिलेगी।

इस प्रस्ताव को अमेरिकी कांग्रेस के सामने भी रखा गया है। अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया अभी बाकी है।

सऊदी अरब पर ईरानी बलों और यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबरें भी इस पूरे क्षेत्रीय संघर्ष का हिस्सा रही हैं।

लेबनान और यमन में भी जारी संघर्ष

ईरान अमेरिका तनाव का असर व्यापक मध्य पूर्व पर दिखाई दे रहा है। लेबनान में इजरायली हमलों में चार लोगों के मारे जाने और 32 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

इजरायल ने कहा कि उसके हमले हिजबुल्लाह की गतिविधियों के जवाब में किए गए। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मृतकों में एक 18 वर्षीय महिला के शामिल होने की जानकारी दी।

यमन में भी सरकारी बलों और हूती लड़ाकों के बीच संघर्ष में 60 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है। इसमें सैन्यकर्मियों के अलावा आम नागरिक भी शामिल बताए गए हैं।

इराक में ईंधन संकट का असर

क्षेत्रीय युद्ध का असर इराक में भी दिख रहा है। राजधानी बगदाद में पेट्रोल पंपों के बाहर लंबी कतारें लगने की खबर सामने आई है।

इराक खुद एक बड़ा तेल उत्पादक देश है। इसके बावजूद घरेलू जरूरत पूरी करने के लिए वह पेट्रोलियम उत्पादों का आयात करता है। क्षेत्रीय संघर्ष के कारण आयात व्यवस्था प्रभावित होने से ईंधन की उपलब्धता पर दबाव बढ़ा है।

आगे क्या होगा

ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा तनाव अब केवल सैन्य हमलों तक सीमित नहीं है। समुद्री मार्ग, तेल टैंकर, परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सहयोगी सभी इस संकट से जुड़े हुए हैं।

एक तरफ अमेरिका ईरान के सैन्य और आर्थिक ढांचे पर दबाव बढ़ा रहा है। दूसरी तरफ ईरान जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दे रहा है। इसी बीच पिकैक्स माउंटेन को लेकर ट्रंप की चेतावनी ने परमाणु तनाव को और गंभीर बना दिया है।

अगर खाड़ी में तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों पर हमले बढ़ते हैं तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अमेरिका और ईरान के बीच यह टकराव किस दिशा में जाता है।

कूटनीतिक रास्ता खुला रहता है या सैन्य कार्रवाई बढ़ती है, इसका असर पूरे मध्य पूर्व पर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में खाड़ी की समुद्री गतिविधियों, ईरान के जवाब और IAEA की प्रक्रिया पर खास नजर रहेगी।

AEO के लिए प्रमुख सवाल और जवाब

ईरान और अमेरिका के बीच नया तनाव क्यों बढ़ा है?
अमेरिकी सेना द्वारा ईरान से जुड़े तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाने के दावे के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की बात कही है।

अमेरिका ने कितने ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाने का दावा किया?
अमेरिकी CENTCOM ने तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाने की जानकारी दी है।

ईरान ने अमेरिका को क्या चेतावनी दी है?
ईरान ने कहा है कि अमेरिकी हमले जारी रहने पर अमेरिकी नौसैनिक जहाजों के खिलाफ और गंभीर जवाबी कार्रवाई हो सकती है।

पिकैक्स माउंटेन क्या है?
यह ईरान का एक भूमिगत परमाणु स्थल बताया गया है, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संभावित सैन्य निशाने के रूप में उल्लेख किया है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्यों महत्वपूर्ण है?
यह वैश्विक तेल और ऊर्जा व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां सैन्य तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो सकता है।

क्या ईरान के खिलाफ नया परमाणु प्रस्ताव आया है?
अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने IAEA के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के लिए एक प्रस्ताव का मसौदा तैयार किया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार उस समय यह अंतिम रूप से पेश नहीं हुआ था।

क्या क्षेत्रीय संघर्ष का असर दूसरे देशों पर पड़ रहा है?
हां। उपलब्ध रिपोर्ट में लेबनान में हमले, यमन में संघर्ष और इराक में ईंधन आपूर्ति पर दबाव की जानकारी दी गई है।

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