देखें वीडियो: रामजान शुरू होते ही मुसलमानों पर क्यों बढ़ गए हमले
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली
रमजान शुरू होते ही जगह-जगह मुसलमानों पर हमले और उन्हें विभिन्न प्रकार से प्रताड़ित करने तथा इबादत में खल्ल डालने के मामलों की बाढ़ सी आ गई है. सुबह उठते ही सोशल मीडिया ऐसी खबरों से भरा रहता है, जबकि मुख्य मीडिया इस पर चुप्पी साधे है.
सोशल मीडिया पर आ रही इस तरह की खबरों में कितनी सच्चाई ? इसपर न तो शासन-प्रशासन के बयान आए हैं और न ही यह प्रयास किया जा रहा है कि आगे से ऐसी घटनाएं न हों. इस मामले में सत्ता पक्ष तो चुप्पी साधे है ही सारा विपक्ष राहुल गांधी की संसद की सदस्यता समाप्त होने को लेकर सड़क से सियासी गलियारी तक सक्रिय है. ऐसे में कट्टरवादी मुसलमानों पर छुटकर हमला कर रहे हैं. एक दिन पहले एक मस्जिद के इमाम की पिटाई गई और उसकी दाढ़ी काटने तथा मस्जिद में जय श्रीराम के नारे लगवाने का मामला सामने आया है.
कांग्रेस की सरकार वाले राजस्थान के जमवा रामगढ़ जिले के ताला गांव में 26 मार्च को हिंदुओं और मुसलमानों के बीच झड़प की खबर है. इसके बाद से वहां सांप्रदायिक तनाव व्याप्त है.बताया गया कि दोनों ओर से पथराव किया गया और हिंदुत्व समूह द्वारा सांप्रदायिक और भड़काऊ नारे लगाए गए. इस मामले में मामले में जयपुर ग्रामीण पुलिस ने बारह मुस्लिम पुरुषों को गिरफ्तार किया है. इसके अलावा चार नाबालिग भी हिरासत में लिए गए हैं. मगर दूसरे पक्ष के तमाम आरोपी छुट्टा घूम रहे हैं.
Location: Faridabad, Haryana
— HindutvaWatch (@HindutvaWatchIn) March 27, 2023
On March 26, Bajrang Dal leader Bittu Bajrangi organized a Hindu Ekta rally, where far-right leaders delivered hate speeches against Muslims & Christians.
Jagadguru Paramhansa gave calls for economic boycott and genocidal violence against Muslims. pic.twitter.com/eMv4BsCNMl
जयपुर ग्रामीण पुलिस के आधिकारिक ट्विटर पेज के माध्यम से कहा गया है कि यह घटना रविवार को हुई थी. गिरफ्तारी दो दिन बाद की गई.रविवार को हिंदू दक्षिणपंथी बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने ताला गांव में एक मदरसे और मस्जिद से गुजरते हुए मुसलमानों के खिलाफ अपमानजनक नारे लगाए.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल एक वीडियो के अनुसार, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में भगवा झंडे लेकर इलाके से गुजरते और अराजकता पैदा करते देखा जा सकता है.उस समय नमाज अदा कर रहे मुस्लिमों ने इसका विरोध किया. इसी दौरान पथराव शुरू हो गया. बताया जा रहा है कि पथराव दोनों तरफ से हुआ.
Location: Vinod Nagar, Delhi
— HindutvaWatch (@HindutvaWatchIn) March 28, 2023
BJP councilor Ravinder Singh Negi forced Muslim meat shops to close for Navratri. He further claimed that they didn’t have a license. pic.twitter.com/xtDjdzhAop
रिपोर्टों से पता चलता है कि हिंदू रैली ने मुसलमानों के खिलाफ अपमानजनक नारे लगाए. मगर इस मामले में अब तक एकतरफा कार्रवाई हुई है.जयपुर ग्रामीण पुलिस ने अपने आधिकारिक ट्विटर पेज पर जवाब दिया कि वे फिलहाल मामले की जांच कर रहे हैं और शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है.
पुलिस बयान में कहा गया है, सांप्रदायिक घृणा फैलाने वाले किसी को भी नहीं छोड़ा जाएगा.जब सियासत.कॉम ने थाना प्रभारी से संपर्क करने की कोशिश की, तो अधिकारी ने मामले के विवरण का खुलासा करने से परहेज किया. ट्विटर पर इस मामले में जानकारी देते हुए एक व्यक्ति ने लिखा है-राजस्थान के जमवा, रामगढ़ मंे धार्मिक यात्रा निकाली गई!जैसे ही यात्रा मस्जिद के पास पहुंची, भीड़ ने मुसलमानों के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाने शुरू कर दिए.गालियां दी.
Imam bēāten & his beard cut-off in Maharashtra’s Jalna
— زماں (@Delhiite_) March 28, 2023
– Imam Zakir Sayyad Khaja was sitting inside the mosque reading the Quran.
– The mob allegedly asked the Imam to chant ‘J_S_R’, Imam refused
– mob allegedly attācked Imam with a sharp object
– https://t.co/m9JFFkbkSN… pic.twitter.com/XwXatobqHd
भीड़ ने ईंट-पत्थर से मस्जिद-मदरसा पर हमला किया. वीडियो देखकर लगता है कि एक पक्ष पूरी तैयारी के साथ वहां आया था. ट्वीट करने वाले शख्स ने पूछा है आखिर भीड़ को बढ़ावा कौन दे रहा है?एक अन्य ट्वीट में दिल्ली के विनोद नगर में
भाजपा पार्षद रविंदर सिंह नेगी को नवरात्रि के नाम पर मुस्लिम मीट की दुकानों को बंद करने के लिए मजबूर करते एक वीडियो साझा किया गया है.विवाद पढ़ने पर उन्होंने दावा किया कि उनके पास लाइसेंस नहीं थे. सवाल यह है कि यदि दुकानदारों के पास लाइसेंस नहीं था तो उन्हें दुकान बंद कराने का पावर किसने दिया. जहां तक रही बात नवरात्रि की तो सबको पता है कि रोजे के चलते और इनदिनों के मुकाबले मुसलमानों के बीच गोश्त की खपत बढ़ जाती है. मगर नवरात्रि के नाम पर दुकानें जानबूझकर बंद कराई गईं कि मुसलमानों को तकलीफ पहुंचे.
राजस्थान के जामवा रामगढ़ के लोगों का कहना है कि बजरंग दल के वर्करों ने मदरसा के सामने आपत्तिजनक नारा लगाया और हमला भी किया दूसरी ओर हमारे कुछ लड़कों ने केवल अपना बचाव किया था इसके बावजूद पुलिस मुसलमान लड़कों को ही गिरफ्तार कर रही है। अब तक 16 को गिरफ्तार https://t.co/YrunMcyFQu… pic.twitter.com/oXFuBJKtD2
— Millat Times (@Millat_Times) March 28, 2023
इसी बीच महाराष्ट्र के जालना सें इमाम की पिटाई और उसकी दाढ़ी काटने का मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर इस घटना के अनेक वीडियो मौजूद हैं, जिसमें बताया गया कि इमाम जाकिर सैय्यद खाजा मस्जिद के अंदर बैठकर कुरान पढ़ रहे थे.भीड़ ने इमाम से जयश्रीराम बोलने को कहा. इमाम ने मना कर दिया. इसपर भीड़ ने कथित तौर पर इमाम पर धारदार हथियार से हमला कर दिया.
Most of India’s top news channels are among the biggest sources of Islamophobia and anti-Muslim conspiracy theories.
— Indian American Muslim Council (@IAMCouncil) March 28, 2023
And the country’s leading broadcasting regulator is giving them a free run. https://t.co/1z5qB2sS2f
हमलावरों ने उसे बेहोश करने के लिए केमिकल युक्त कपड़े का इस्तेमाल किया और उसकी दाढ़ी काट दी.पड़ोसियों ने उसे बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया.भारतीय अमेरिकी मुस्लिम परिषद ने इस वीडियो को साझा किया है. साथ ही एक अन्य ट्वीट में कहा कि भारत के अधिकांश शीर्ष समाचार चैनल इस्लामोफोबिया और मुस्लिम विरोधी साजिश सिद्धांतों के सबसे बड़े स्रोतों में से हैं. देश का प्रमुख प्रसारण नियामक उन्हें खुली छूट दे रहा है.
Bajrang Dal workers allegedly beat up a youth while he was sitting with his friend at a park in Ujjain, alleging ‘love jihad’, shows the viral video…https://t.co/xdlCHczy8g
— HindutvaWatch (@HindutvaWatchIn) March 28, 2023
हिंदुत्व वाॅच नामक एक ट्विटर हैंडल ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा उज्जैन के एक पार्क में अपने दोस्त के साथ बैठे एक मुस्लिम युवक को लव जिहाद के आरोप में पीटने की घटना साझा की है.सदफ आफरीन ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिया बताया कि सांताक्रूज में कोर्ट द्वारा राहत देने के बावजूद एक बुजुर्ग रोजेदार के निर्माण पर एक महिला अधिकारी ने बुल्जर चला दिया. बुजुर्ग कोर्ट के कागजात दिखाता रहा, पर महिला अधिकारी ने उसकी एक नहीं सुनी. बुजुर्ग का नाम हाजी रफत हुसैन है. इस घटना पर कमेंट करते हुए कहा गया है कि महिला अधिकारी का रवैया गैंगस्टर जैसा रहा.
वीडियो मुंबई के सान्ताक्रुज़ का है!
— Sadaf Afreen صدف (@s_afreen7) March 29, 2023
फैसला अब बुलडोजर से होगा!
अदालत का आदेश नही मानती ये मोहतरमा!
कोर्ट का आदेश लिए बुलडोजर के आगे खड़ा बुजुर्ग व्यक्ति का नाम हाजी रफत हुसैन है!
सुनिए BMC की महिला अधिकारी को, भाषा इनकी एकदम गुंडों जैसी है!
कोर्ट के आदेश से ऊपर है ये BMC की… pic.twitter.com/IihKgYadF9
हिंदुत्व वाॅच नामक ट्विटर हैंडल से एक अन्य घटना का वीडियो साझा करते हुए बताया गया है कि हरियाणा के महेंद्रगढ़ में गौ रक्षा हिंदू महापंचायत में, एक गौ रक्षक नेता खुलेआम मुस्लिम विधायक मम्मन खान को जान से मारने की धमकी देता दिखाई दे रहा है. यह महापंचायत 26 मार्च को हुई थी.
इसी तरह ग्रेटर नोएडा की एक हाउसिंग सोसाइटी के निवासियों ने बिल्डिंग के बेसमेंट में कुछ मुसलमानों द्वारा नमाज पढ़ने पर हंगामा किया. इस घटना को भी सोशल मीडिया पर साझा किया गया है. यही नहीं हंगामे के बाद पुलिस ने इबादत के लिए लगाए गए टेंट को हटाकर मामले को शांत कर दिया.
Location: Mahendragarh, Haryana
— HindutvaWatch (@HindutvaWatchIn) March 29, 2023
At the Gau Raksha Hindu Mahapanchayat, a cow vigilante leader openly threatens to kill Muslim legislator Mamman Khan.
The Mahapanchayat was held on March 26. pic.twitter.com/kRxlhZg6UJ
मुस्लिम एकता मंच नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप में तरावीह नमाज में खलल डालने की खबर साझा की गई है.हिंदुत्व वाॅच ने 26 मार्च का एक वीडियो साझा किया है. इसमें दावा किया गया है कि हरियाणा के फरीदाबाद में 26 मार्च को बजरंग दल नेता बिट्टू बजरंगी ने एक हिंदू एकता रैली आयोजित की, जिसमें न केवल दूर-दराज के नेता शामिल हुए, खुले तौर पर मुसलमानों और ईसाइयों के खिलाफ घृणास्पद भाषण दिए गए. हद यह है कि जगद्गुरु परमहंस ने मुसलमानों के खिलाफ आर्थिक बहिष्कार और नरसंहार का आह्वान किया. इसमें मुसलमानों के खिलाफ हद दर्जे तक झूठी बातें कही गईं. यहां तक कि कहा गया कि मुसलमानों ने एक करोड़ हिंदू बहू-बेटियों की हत्या कर दी है. मुसलमानों के लिए चिंताजनक बात यह है कि खुलेआम उनके खिलाफ आग उगला जा रहा है, पर स्वतः संज्ञान लेते हुए न तो पुलिस और न ही कोर्ट ने अब तक समाज में जहर घोलने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है. जबकि मुसलमानों को छोटी से छोटी बातों के बहानों वर्षों जेल में सड़ा दिया जाता है.