Muslim World

17 अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने भारत के मुसलमानों को लेकर यह क्या कह दिया ?

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, वाशिंगटन डीसी

एक चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है. इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस्लामोफोबिक नीतियों पर चर्चा को लेकर यूएसए में एक बैठक हुई, जिसमें एमनेस्टी इंटरनेशनल यूएसए, जेनोसाइड वॉच सहित 17 मानवाधिकार संगठनों ने भाग लिया. इस दौरान भारत में मुसलमानों की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त की है.

कांग्रेस की एक ब्रीफिंग में मुसलमानों के लिए सत्तारूढ़ सरकार की नफरत पर विचार-विमर्श करते हुए, विभिन्न समूहों ने हाल में हरिद्वार हेट कॉन्क्लेव में किए गए नरसंहार के आह्वान पर चर्चा की. बैठक में मौजूद विशेषज्ञों ने इस बारे में बात की गई कि अगर स्थिति बिगड़ती है तो देश में बड़े पैमाने पर हिंसा और मुसलमानों के नरसंहार की संभावना है.

सियासत डाॅट काॅम की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले महीने उत्तर भारतीय हरिद्वार शहर में भगवा वस्त्र पहने हिंदू भिक्षुओं की एक सभा ‘‘मुसलमानों के नरसंहार को भड़काने के उद्देश्य से की गई थी.‘‘ डॉ जेनोसाइड वॉच के अध्यक्ष ग्रेगरी स्टैंटन ने कहा, ‘‘भारत के नेता के रूप में, उनका इस नरसंहार भाषण की निंदा करने का दायित्व है. फिर भी, नरेंद्र मोदी ने इसके खिलाफ बात नहीं की है.‘‘

तथ्य यह है कि मोदी की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस सप्ताह बीबीसी को दिए एक साक्षात्कार में धर्म संसद के खुले उकसावे और नफरत का बचाव किया, जो वर्तमान माहौल को बयां करता है. भारत के मुसलमानों के खिलाफ चरम घृणा और कट्टरता का, ”गोविंद आचार्य ने कहा, एमनेस्टी इंटरनेशनल, यूएसए के साथ भारत , कश्मीर विशेषज्ञ.
प्रेस नोट ने कहा गया,‘‘यूएस होलोकॉस्ट मेमोरियल संग्रहालय के शोध के अनुसार, भारत एक नरसंहार के लिए उच्च जोखिम में है, दुनिया में नंबर दो … हम आप सभी से यह स्वीकार करने का आह्वान करते हैं कि भारत में व्यक्त की जा रही घृणा बहुत गंभीर स्तर पर है. हम बिडेन प्रशासन को अतीत की गलतियों को दोहराने नहीं दे सकते, ”

संगठनों ने 2002 के गुजरात दंगों पर भी चर्चा की. हाल ही में ‘बुल्ली बाई‘ के बैनर तले गिटहब प्लेटफॉर्म पर मुस्लिम महिलाओं की ‘‘नीलामी‘‘ के साथ नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) पर विभिन्न मोर्चों पर प्रकाश डाला गया. बैठक में अगाह किया गया कि भाजपा देश के मुस्लिम नागरिकों को अपंग और बेदखल करने की इच्छुक है.