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इस बार भी होगा हज, पर हाजियों की संख्या होगी सीमित

स्टाफ रिपोर्टर।
मुसलमानों के लिए खुश खबरी। जो यह सोचकर मायूस थे कि कोविड-19 यानी कोरोना संक्रमण के चलते इस बार हज स्थगित कर दिया जाएगा। उन्हें जानकर हैरानी
राहत मिलेगी कि सउदी अरब सरकार ने हज के आयोजन का ऐलनान कर दिया है। बस कार्यक्रम में थोड़ा परिवर्तन है। इस दफा दुनिया भर के हाजी मक्का-मदीना नहीं जुट पाएंगे। उनकी जगह केवल सउदी मंे रहने वाले देशी-विदेशी नागरिकों को हज की इजाजत मिली है। हज उमरा मंत्रालय ने इसका ऐलान करते हुए कहा है कि कोरोना काल में स्वास्थ्य के लिहाज से हज कार्यक्रम और हाजियों को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती है। फिर भी इस समले में सउदी अरब सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय से निरंतर मंथन चल रहा है।



गौरतलब है कि कोरोना के चलते हज उमरा स्थगित कर दिया गया है। ऐसे में उम्मीद की जा रही थी कि इस बार हज शायद स्थगित कर दी जाए। हालांकि इस बार भी अन्य हजों की तरह इसमें शामिल होने वाले दुनियाभर के मुसलमानों ने अपने देशों में कागजी खानापूर्ति कर अपने हज बोर्डों को पैसे जमा करा दिए थे। अब सीमित संख्या मंे हाजियों के शामिल होने की खबर आने के बाद विभिन्न देशों ने हज के इच्छुकों को पैसे लौटाने शुरू कर दिए है। पाकिस्तान ने  अपने देश के हज के इच्छुक 1,88,926 लोगों के पैसे लौटाने का ऐलान किया है। ऐसा ही ऐलान भारत पहले ही कर चुका है। इस बार हाजियों के लिए बहुभाषी सूचना केंद्र स्थापित किया गया है, ताकि हर मुल्क के लोग अपनी भाषा के अनुसार जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकें।

ऐसा पहली बार नहीं कि हज के लिए हाजियों की संख्या सीमित की गई। पहला हज 629 ईशा पूर्व हुआ था। तब से अब तक ऐसे 40 अवसर आए हैं, जब या तो हज स्थगित या सीमित करना पड़ा। 930 ईशा पूर्व में कत्ल-ए-आम और 1830 में भारत में प्लेग फैलने के चलते हज कार्यक्रम प्रभावित हुआ था। 1932 में सउदी देश की स्थापना के बाद से मक्का-मदीना में नियमित हज आयोजित किया जा रहा है।


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