फीस स्थिर, अवसर अधिक: जामिया मिल्लिया इस्लामिया में एडमिशन प्रक्रिया शुरू
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नई दिल्ली
देश की प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए अपना विस्तृत प्रॉस्पेक्टस जारी कर दिया है। 150 पृष्ठों का यह प्रॉस्पेक्टस विश्वविद्यालय की शैक्षणिक दिशा, प्रवेश प्रक्रिया और नई पहल का समग्र दस्तावेज है। खास बात यह है कि इस सत्र में 30 नए शैक्षणिक कार्यक्रम जोड़े गए हैं, जबकि किसी भी कोर्स की फीस में बढ़ोतरी नहीं की गई है। साथ ही, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (FYUP) में मल्टीपल एंट्री मोड के तहत प्रवेश भी इसी सत्र से शुरू होगा।
प्रॉस्पेक्टस का लोकार्पण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ और रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिज़वी ने परीक्षा नियंत्रक प्रो. एहतेशामुल हक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया। इस दस्तावेज में अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट, एडवांस्ड डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कार्यक्रमों में प्रवेश से संबंधित पात्रता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया, प्रवेश परीक्षा, परीक्षा केंद्र, फीस संरचना और परिणामों की संभावित समय-सीमा की विस्तृत जानकारी दी गई है।

30 नए कार्यक्रमों से शैक्षणिक विस्तार
परीक्षा नियंत्रक प्रो. हक ने बताया कि इस वर्ष विश्वविद्यालय ने 30 नए कार्यक्रम शुरू किए हैं, जो जेएमआई की शैक्षणिक विविधता और विस्तार को दर्शाते हैं। इनमें बी.ए. (ऑनर्स) जापानी अध्ययन, जर्मन अध्ययन, उज़्बेक भाषा, साहित्य एवं संस्कृति, मानव संसाधन प्रबंधन (स्व-वित्तपोषित) जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त बाल मार्गदर्शन एवं परामर्श में उन्नत डिप्लोमा (RCI अनुमोदित), एम.एससी. (जैव विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, वनस्पति विज्ञान), एम.ए. (समाज कार्य, मानव संसाधन प्रबंधन, समाजशास्त्र) जैसे कार्यक्रम NEP के अनुरूप शुरू किए गए हैं।
तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहल की गई है। बी.टेक (रोबोटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता), बी.टेक सिविल इंजीनियरिंग (निर्माण प्रौद्योगिकी), एम.एससी. (नवीकरणीय ऊर्जा), एम.टेक (मटेरियल साइंस एंड टेक्नोलॉजी) तथा होटल मैनेजमेंट में मास्टर जैसे पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। विधि शिक्षा में एलएलएम (क्रिमिनल लॉ, कॉर्पोरेट लॉ और पर्सनल लॉ) को नियमित और स्व-वित्तपोषित दोनों रूपों में पेश किया गया है। इसके अलावा, आर्किटेक्चर में कम्प्यूटेशनल डिज़ाइन एवं एआई में पीजी डिप्लोमा, कैलिग्राफी और पेंटिंग में सर्टिफिकेट कोर्स भी जोड़े गए हैं।
फीस में स्थिरता, छात्रों को राहत
वर्तमान समय में जहां अधिकांश विश्वविद्यालय फीस वृद्धि कर रहे हैं, वहीं जामिया ने 2026–27 सत्र के लिए किसी भी कोर्स की फीस नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया है। कुलपति प्रो. आसिफ ने कहा कि यह निर्णय विश्वविद्यालय की सामाजिक प्रतिबद्धता और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा, “30 नए कार्यक्रमों की शुरुआत और FYUP के तहत प्रवेश की व्यवस्था के साथ-साथ फीस स्थिर रखना हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है।”
FYUP और मल्टीपल एंट्री की शुरुआत
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (FYUP) में मल्टीपल एंट्री और एग्जिट विकल्प को इस सत्र से लागू किया जा रहा है। इससे छात्रों को पढ़ाई के दौरान अधिक लचीलापन मिलेगा। यदि कोई छात्र किसी कारणवश बीच में पढ़ाई छोड़ता है, तो उसे अब तक अर्जित क्रेडिट के आधार पर प्रमाणपत्र या डिप्लोमा प्रदान किया जाएगा।
प्रवेश परीक्षा केंद्रों का विस्तार
देश के विभिन्न हिस्सों के छात्रों को अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय ने प्रवेश परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 11 कर दी है। इस वर्ष जयपुर, देहरादून और किशनगंज को नए केंद्र के रूप में जोड़ा गया है। पहले से मौजूद केंद्रों में दिल्ली, लखनऊ, गुवाहाटी, पटना, कोलकाता, श्रीनगर, कालीकट और भोपाल शामिल हैं। यह विस्तार देशभर के अभ्यर्थियों के लिए पहुंच को और आसान बनाएगा।
पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया
प्रो. एहतेशामुल हक ने कहा कि परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ प्रवेश और परीक्षा प्रक्रिया संचालित करेगा। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही आवेदन करें और प्रॉस्पेक्टस को ध्यानपूर्वक पढ़ें।
विदेशी छात्रों के लिए रियायत
उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण के लक्ष्य के अनुरूप, विश्वविद्यालय ने विदेशी छात्रों के लिए फीस में उल्लेखनीय कमी की है। SAARC, पश्चिम एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के छात्रों के लिए क्षेत्रवार अलग फीस संरचना लागू की गई है। इससे अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए जेएमआई में अध्ययन करना अधिक सुलभ होगा।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को चार अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया गया है—जनरल यूनिवर्सिटी प्रोग्राम, CUET प्रोग्राम, बी.टेक एवं बी.आर्क प्रोग्राम और मल्टीपल एंट्री (NEP 2020) प्रोग्राम। जिन पाठ्यक्रमों के लिए विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा आयोजित करेगा, उनके आवेदन 20 फरवरी से 25 मार्च 2026 तक उपलब्ध रहेंगे। वहीं JEE Mains, NATA, NEET, NCET और CUET आधारित कार्यक्रमों के लिए आवेदन संबंधित परीक्षा परिणाम घोषित होने के 10 दिन बाद तक स्वीकार किए जाएंगे। FYUP के अंतर्गत खाली सीटों के लिए आवेदन 10 अप्रैल 2026 तक उपलब्ध होंगे।
एक मॉडल विश्वविद्यालय बनने की दिशा
रजिस्ट्रार प्रो. रिज़वी ने कहा कि इस वर्ष के शैक्षणिक प्रस्ताव विश्वविद्यालय की अकादमिक गंभीरता, नवाचार और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक परिवर्तनों के प्रति सजगता को दर्शाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जामिया अन्य विश्वविद्यालयों के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरेगा।
समग्र रूप से देखा जाए तो 2026–27 का प्रॉस्पेक्टस जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नई शैक्षणिक दृष्टि, छात्रों के हित में लिए गए निर्णयों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप बदलावों का दस्तावेज है। नए पाठ्यक्रम, फीस में स्थिरता, प्रवेश केंद्रों का विस्तार और मल्टीपल एंट्री व्यवस्था—ये सभी पहल इस बात का संकेत हैं कि जामिया आने वाले समय में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक प्रभावशाली भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

