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इस बार बंटी दुनिया, अलग-अलग देशों में अलग तारीख पर मनाई जाएगी ईद

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, दुबई

रमज़ान के मुकद्दस महीने के आखिर में इस बार ईद-उल-फितर को लेकर मुस्लिम दुनिया दो हिस्सों में बंटी नजर आ रही है। अलग-अलग इस्लामिक देशों ने ईद मनाने की तारीखों का अलग-अलग ऐलान किया है, जिसके चलते कहीं 20 मार्च को ईद मनाई जाएगी तो कहीं 21 मार्च को। यह स्थिति आमतौर पर भारत और पाकिस्तान जैसे देशों में देखने को मिलती थी, लेकिन अब खाड़ी और अन्य इस्लामिक देशों में भी यह अंतर साफ दिखाई दे रहा है।

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि देश में ईद-उल-फितर 20 मार्च को मनाई जाएगी। यूएई की चांद देखने वाली कमेटी ने 18 मार्च को बैठक के बाद बताया कि शव्वाल का चांद दिखाई नहीं दिया, जिसके चलते रमज़ान के 30 रोज़े पूरे किए जाएंगे और उसके बाद 20 मार्च को ईद मनाई जाएगी।

यूएई सरकार ने पहले ही ईद के मौके पर सार्वजनिक छुट्टियों का ऐलान कर दिया था। फेडरल अथॉरिटी फॉर गवर्नमेंट ह्यूमन रिसोर्सेज और मानव संसाधन एवं अमीरात मंत्रालय के अनुसार, सरकारी कर्मचारियों के लिए 19 मार्च से 22 मार्च तक अवकाश रहेगा। सरकारी दफ्तर 23 मार्च से दोबारा खुलेंगे।

तुर्की ने भी यूएई के साथ तालमेल रखते हुए 20 मार्च को ईद मनाने की घोषणा की है। हालांकि, तुर्की का तरीका पारंपरिक चांद देखने से अलग है। वहां ईद की तारीख का निर्धारण खगोलीय गणनाओं के आधार पर किया जाता है। तुर्की के धार्मिक मामलों के निदेशालय ने पहले ही अनुमान के आधार पर घोषणा कर दी थी कि 20 मार्च को ईद मनाई जाएगी।

इसके विपरीत, सिंगापुर ने 21 मार्च को ईद मनाने का फैसला किया है। सिंगापुर के धार्मिक अधिकारियों के मुताबिक, खगोलीय गणनाओं से यह स्पष्ट हुआ है कि 20 मार्च को चांद दिखाई देने की संभावना नहीं है, इसलिए रमज़ान के 30 रोज़े पूरे होने के बाद 21 मार्च को ईद मनाई जाएगी।

दूसरी ओर, सऊदी अरब को लेकर भी शुरुआती भ्रम की स्थिति बनी रही। हालांकि, बाद में सऊदी अरब की चांद देखने वाली समिति ने पुष्टि की कि 18 मार्च को शव्वाल का चांद कहीं भी दिखाई नहीं दिया। इस आधार पर वहां भी रमज़ान के 30 रोज़े पूरे किए जाएंगे और 20 मार्च को ईद मनाई जाएगी।

सऊदी अरब के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय ने भी पहले ही ईद की छुट्टियों का ऐलान कर दिया था। मंत्रालय के अनुसार, निजी और गैर-लाभकारी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए छुट्टियां 18 मार्च की रात से शुरू होकर चार दिनों तक चलेंगी। इस फैसले से कंपनियों और कर्मचारियों को अपने कामकाज को व्यवस्थित करने में सहूलियत मिलेगी।

दरअसल, ईद की तारीख को लेकर मतभेद का मुख्य कारण चांद देखने के तरीकों में अंतर है। अधिकांश इस्लामिक देश पारंपरिक तरीके से चांद देखकर नए महीने की शुरुआत का ऐलान करते हैं, जबकि कुछ देश खगोलीय गणनाओं और वैज्ञानिक मॉडल का सहारा लेते हैं। इसी वजह से हर साल कुछ देशों में ईद की तारीख में एक दिन का अंतर देखने को मिलता है।

इस साल भी यही स्थिति बनी है, जहां एक ओर यूएई, तुर्की और सऊदी अरब 20 मार्च को ईद मना रहे हैं, वहीं सिंगापुर जैसे देश 21 मार्च को इस त्योहार को मनाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी प्रगति के बावजूद चांद देखने की पारंपरिक पद्धति और वैज्ञानिक गणनाओं के बीच यह अंतर आगे भी बना रह सकता है। हालांकि, इससे ईद की खुशियों पर कोई असर नहीं पड़ता, क्योंकि हर देश और समुदाय अपनी परंपराओं के अनुसार इस पवित्र त्योहार को मनाता है।

ऐसे में इस बार की ईद मुस्लिम दुनिया में विविधता और परंपराओं के अलग-अलग रूपों को दर्शाती है, जहां अलग-अलग तारीखों के बावजूद त्योहार की भावना एक ही है—खुशी, भाईचारा और इंसानियत।